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सिल्वर जुबली: मेडिकल कॉलेज में सम्मानित किए 30 चिकित्सा-शिक्षक

Thu, 25 Dec 2025 02:38 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Dec 2025 02:38 AM IST
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Silver Jubilee: 30 medical teachers honored at the medical college
मेरठ..कंवलजीत..मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान नृत्य करते कलाकार.
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के सभागार में बुधवार को साल 2000 में यहां से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों ने सिल्वर जुबली सम्मान समारोह किया। इसमें 30 चिकित्सा शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. ललिता चौधरी, डॉ. निधि वर्मा, डॉ. मोनिका शर्मा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. ज्ञानेश्वर टॉक आदि शामिल रहे।
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मुख्य अतिथि डॉ. आरसी गुप्ता रहे। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दीं। विशिष्ठ अतिथि पदमश्री डॉ. ऊषा शर्मा ने कहा कि एलएलआरएम के छात्र देश-विदेश में सभी जगह सेवा दे रहे हैं। नाम रोशन कर रहे हैं। संचालन हृदय रोग चिकित्सक डॉ. गौरव चौधरी ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में स्कूल के बच्चों ने गणेश वंदना पर नृत्य करके सभी का मन मोह लिया। महिला चिकित्सा शिक्षक साड़ी और पुरुष चिकित्सा शिक्षक कुर्ता पायजामा पहनकर पहुंचे। बृहस्पतिवार को परतापुर में एक होटल में भी पुरातन छात्र-छात्राएं सिल्वर जुबली मनाएंगे। गीत-संगीत का भी आयोजन होगा। 25 साल पहले इस बैच में 99 विद्यार्थी थे।
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- ये बोले चिकित्सक

हमारे दौर के बाद से शिक्षा और प्रैक्टिकल की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। खून की जांच में नए प्रकार की मशीनों से उच्च श्रेणी से जांच में मदद मिलती है।
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- डॉ. आशुषतोष कुमार, सीनियर चिकित्सक फारेंसिक पैथोलॉजिस्ट, उन्नाव

मैंने एमबीबीएस की शिक्षा एलएलआरएम से प्राप्त की है। यहां सेवाएं भी दी हैं। मैंने एमडी, डीएम करके लोगों को हृदय संबंधी बीमारियों के मरीजों को पूर्ण सेवा दे रहा हूं। हम चाहते हैं कि यहां पर पैथ लैब बढ़ें, इससे रेफरल की संख्या घटेगी।



- डॉ. गौरव चौधरी, हृदय रोग विशेषज्ञ, केजीएमयू लखनऊ


मैंने गायनी में एमबीबीएस किया था। इसके बाद न्यू जर्सी में लोगों को सेवा दे रही हूं। यहां और विदेश में सिर्फ टेक्नोलॉजी का अंतर है। वहां गायनी की कठिन बीमारी के इलाज रोबोटिक माध्यम से किए जा रहे हैं। यहां थोड़ा समय लगेगा।

- डॉ. सीपिका श्रीवास्तव, गायनी रोबोटिक सर्जन, न्यू जर्सी

एमबीबीएस और एमडी यहां से की थी। छह साल तक आंनद अस्पताल में सेवा भी दी हैं। मेडिकल कॉलेज में नए पैथ लैब बनने चाहिए लोगों को राहत मिलेगी। जांच के लिए नमूने बाहर न भेजने पड़ें।


- डॉ. केके सक्सेना, फार्मोंलॉजिस्ट

मैंने एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई यहीं से की है। वर्ष 2012 में मैं सेवानिवृत्त हो गया था। इसके बाद 2021 तक लोगों की सेवा की है। शिक्षा पूर्ण कर चुके चिकित्सकों में सेवाभाव वही है। युवा चिकित्सक मरीज को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।




- डॉ. जतेंद्र चौधरी, यूरोलॉजिस्ट यूएसए

मेरठ..कंवलजीत..मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान नृत्य करते कलाकार.

मेरठ..कंवलजीत..मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान नृत्य करते कलाकार.

मेरठ..कंवलजीत..मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान नृत्य करते कलाकार.

मेरठ..कंवलजीत..मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान नृत्य करते कलाकार.

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