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Meerut News: मीट फैक्टरी के पूरे कागजात मुहैया नहीं करा पाए शाहिद अखलाक
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मेरठ। गाजियाबाद के हिंदू संगठनों के हंगामे के बाद मीट फैक्टरी की जांच के मामले में पूर्व सांसद शाहिद अखलाक प्रशासन को पूरे कागजात मुहैया नहीं करा पाए हैं। वहीं, उप्र अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मुकेश सिद्धार्थ सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे और मीट फैक्टरी में गोवंश कटान समेत अन्य आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
गाजियाबाद के गोरक्षा दल के प्रमुख सुमित शर्मा रविवार सुबह संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ हापुड़ रोड स्थित पूर्व सांसद शाहिद अखलाक की अल साकिब लिमिटेड मीट फैक्टरी पर पहुंचे थे। फैक्टरी से गोमांस का निर्यात होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा किया था। उन्होंने नोएडा की फैक्टरी से भी गोमांस पकड़ने का आरोप लगाया था। हंगामे की सूचना पर पुलिस के साथ पशु चिकित्सा विभाग और प्रदूषण विभाग की टीम अल साकिब प्राइवेट लिमिटेड मीट फैक्टरी पर पहुंची थीं।
करीब 8 घंटे तक अधिकारियों ने फैक्टरी में जांच की। इसके बाद बिना किसी कार्रवाई वापस लौट गई थीं। प्रशासन ने शाहिद अखलाक से फैक्टरी के कागजात के मांगे थे। डीएम दीपक मीणा का कहना है कि वह अभी पूरे कागजात मुहैया नहीं करा पाए हैं। मामले की जांच अभी जारी है।
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इस मामले में शाहिद अखलाक का कहना है कि गोवंश कटान और गोमांस निर्यात के आरोप बेबुनियाद हैं। फैक्टरी में सारा काम सरकारी चिकित्सकों की निगरानी में होता है। नोएडा की मीट एक्सपोर्ट कंपनी से हमारा कोई संबंध नहीं है। कुछ ब्लैकमेलर किस्म के लोग झूठे आरोप लगाकर शिकायत कर रहे हैं। प्रशासन ने कागजात मांगे थे, कुछ दे दिए गए। बाकी भी मुहैया करा दिए जाएंगे।
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गाजियाबाद के गोरक्षा दल के प्रमुख सुमित शर्मा रविवार सुबह संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ हापुड़ रोड स्थित पूर्व सांसद शाहिद अखलाक की अल साकिब लिमिटेड मीट फैक्टरी पर पहुंचे थे। फैक्टरी से गोमांस का निर्यात होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा किया था। उन्होंने नोएडा की फैक्टरी से भी गोमांस पकड़ने का आरोप लगाया था। हंगामे की सूचना पर पुलिस के साथ पशु चिकित्सा विभाग और प्रदूषण विभाग की टीम अल साकिब प्राइवेट लिमिटेड मीट फैक्टरी पर पहुंची थीं।
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करीब 8 घंटे तक अधिकारियों ने फैक्टरी में जांच की। इसके बाद बिना किसी कार्रवाई वापस लौट गई थीं। प्रशासन ने शाहिद अखलाक से फैक्टरी के कागजात के मांगे थे। डीएम दीपक मीणा का कहना है कि वह अभी पूरे कागजात मुहैया नहीं करा पाए हैं। मामले की जांच अभी जारी है।
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इस मामले में शाहिद अखलाक का कहना है कि गोवंश कटान और गोमांस निर्यात के आरोप बेबुनियाद हैं। फैक्टरी में सारा काम सरकारी चिकित्सकों की निगरानी में होता है। नोएडा की मीट एक्सपोर्ट कंपनी से हमारा कोई संबंध नहीं है। कुछ ब्लैकमेलर किस्म के लोग झूठे आरोप लगाकर शिकायत कर रहे हैं। प्रशासन ने कागजात मांगे थे, कुछ दे दिए गए। बाकी भी मुहैया करा दिए जाएंगे।