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एससी-एसटी छात्रों को देनी होगी फीस
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 27 Aug 2015 01:50 AM IST
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने साफ कर दिया है कि बीएड छात्रों को शैक्षिक सत्र 2014-15 का परीक्षा फॉर्म भरते वक्त फीस जमा करना होगी। बुधवार को हुई परीक्षा सीमित की बैठक में यह फैसला लिया गया।
विवि ने तर्क रखा है कि समाज कल्याण विभाग की तरफ से सभी छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति दी जा चुकी है। ऐसे में फीस न लेने का सवाल ही नहीं उठता है। कॉलेजों को फीस लेने की जिम्मेदारी दी गई है। एससी एसटी श्रेणी के कुछ छात्रों का तर्क था कि काफी सारे छात्र समाज कल्याण विभाग में शुल्क प्रतिपूर्ति का फॉर्म नहीं भर पाए थे। कम से कम ऐसे छात्रों को शुल्क न जमा करने की छूट दी जाए।
विवि का कहना है कि इसमें छात्र की खुद की गलती है, ऐसे में फीस जमा करनी ही होगी। बैठक में एमडीएस की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन पर भी चर्चा हुई। डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमानुसार उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन दो इंटरनल व दो एक्सटरनल शिक्षकों द्वारा किए जाना चाहिए। जिसे विवि ने स्वीकृति दे दी है। इससे साफ किया है कि चार शिक्षकों के मूल्यांकन के बाद जो भी नंबर प्राप्त होंगे, उसके औसत के आधार पर छात्रों को नंबर दिए जाएंगे।
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विवि ने तर्क रखा है कि समाज कल्याण विभाग की तरफ से सभी छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति दी जा चुकी है। ऐसे में फीस न लेने का सवाल ही नहीं उठता है। कॉलेजों को फीस लेने की जिम्मेदारी दी गई है। एससी एसटी श्रेणी के कुछ छात्रों का तर्क था कि काफी सारे छात्र समाज कल्याण विभाग में शुल्क प्रतिपूर्ति का फॉर्म नहीं भर पाए थे। कम से कम ऐसे छात्रों को शुल्क न जमा करने की छूट दी जाए।
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विवि का कहना है कि इसमें छात्र की खुद की गलती है, ऐसे में फीस जमा करनी ही होगी। बैठक में एमडीएस की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन पर भी चर्चा हुई। डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमानुसार उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन दो इंटरनल व दो एक्सटरनल शिक्षकों द्वारा किए जाना चाहिए। जिसे विवि ने स्वीकृति दे दी है। इससे साफ किया है कि चार शिक्षकों के मूल्यांकन के बाद जो भी नंबर प्राप्त होंगे, उसके औसत के आधार पर छात्रों को नंबर दिए जाएंगे।
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