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सरधना पालिका कर्मचारी काम पर लौटे
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सरधना। नगर पालिका की ईओ के तबादले की मांग को लेकर जारी कर्मचारियों का आंदोलन शुक्रवार शाम खत्म हो गया। पालिकाकर्मियों ने ईओ के स्थानांतरण की मांग छोड़ दी तथा पूर्व में की गई कार्रवाई को समाप्त करने की मांग रखी। इस पर ईओ ने स्टोर कीपर पर की गई कार्रवाई को छोड़कर सभी को पूर्व की भांति काम पर लौटने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर पालिका लिपिक शिवानी शर्मा द्वारा ईओ पर अभद्रता का आरोप लगाने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन की राह पकड़ी। उन्होंने ईओ के तबादले की मांग को लेकर पांच दिन पूर्व अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। वहीं, स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन एवं अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस का भी आंदोलन को समर्थन मिला। पालिकाकर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक ईओ का स्थानांतरण नहीं होगा तब तक कोई वार्ता नहीं होगी। वहीं, स्थायी एवं अस्थायी कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे। इसके बाद पालिकाकर्मियों ने आंदोलन तेज किया तो ईओ द्वारा दस अस्थायी कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के साथ ही चार अस्थायी कर्मचारियों को काम पर रख लिया। वहीं, लापरवाह अस्थायी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी। मामला एसडीएम एवं डीएम तक पहुंचा तो डीएम ने एसडीएम सरधना अमित कुमार को दोनों पक्षों से वार्ता कर गतिरोध कम करने के लिए कहा। इसके बाद एसडीएम ने दोनों पक्षों से दो बार वार्ता की परंतु बात नहीं बन सकी। पालिकाकर्मियों की ईओ के स्थानांतरण समेत कई अन्य मांगे थीं परंतु ईओ एक ही बात पर अड़ी रही कि वह कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगी। धरने के पांचवें दिन भी स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन व अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के पदाधिकारियों की ईओ से वार्ता हुई। जिसमें ईओ ने पूर्व में की गई कार्रवाई वापस लेने का आश्वासन दिया। हालांकि स्टोर कीपर के खिलाफ कार्रवाई वापस नहीं करने पर अड़ी रहीं। वहीं, शाम होते-होते वार्ता समझौते में बदल गई। इस पर एसडीएम अमित कुमार धरनास्थल पर पहुंचे ओर दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद धरना समाप्ति की घोषणा कर दी गई। यहां अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के पदाधिकारी एवं सपा सरकार के पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि, महिपाल वाल्मीकि, सुभाष चावरियां, स्वायत्त शासन संगठन से निरंजन शर्मा, विपिन शर्मा, मनोज कुमार, विजय सोम, राहुल, मुनीष, शिवानी शर्मा, मनोज आदि मौजूद रहे।
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नगर पालिका लिपिक शिवानी शर्मा द्वारा ईओ पर अभद्रता का आरोप लगाने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन की राह पकड़ी। उन्होंने ईओ के तबादले की मांग को लेकर पांच दिन पूर्व अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। वहीं, स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन एवं अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस का भी आंदोलन को समर्थन मिला। पालिकाकर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक ईओ का स्थानांतरण नहीं होगा तब तक कोई वार्ता नहीं होगी। वहीं, स्थायी एवं अस्थायी कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे। इसके बाद पालिकाकर्मियों ने आंदोलन तेज किया तो ईओ द्वारा दस अस्थायी कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के साथ ही चार अस्थायी कर्मचारियों को काम पर रख लिया। वहीं, लापरवाह अस्थायी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी। मामला एसडीएम एवं डीएम तक पहुंचा तो डीएम ने एसडीएम सरधना अमित कुमार को दोनों पक्षों से वार्ता कर गतिरोध कम करने के लिए कहा। इसके बाद एसडीएम ने दोनों पक्षों से दो बार वार्ता की परंतु बात नहीं बन सकी। पालिकाकर्मियों की ईओ के स्थानांतरण समेत कई अन्य मांगे थीं परंतु ईओ एक ही बात पर अड़ी रही कि वह कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगी। धरने के पांचवें दिन भी स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन व अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के पदाधिकारियों की ईओ से वार्ता हुई। जिसमें ईओ ने पूर्व में की गई कार्रवाई वापस लेने का आश्वासन दिया। हालांकि स्टोर कीपर के खिलाफ कार्रवाई वापस नहीं करने पर अड़ी रहीं। वहीं, शाम होते-होते वार्ता समझौते में बदल गई। इस पर एसडीएम अमित कुमार धरनास्थल पर पहुंचे ओर दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद धरना समाप्ति की घोषणा कर दी गई। यहां अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के पदाधिकारी एवं सपा सरकार के पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि, महिपाल वाल्मीकि, सुभाष चावरियां, स्वायत्त शासन संगठन से निरंजन शर्मा, विपिन शर्मा, मनोज कुमार, विजय सोम, राहुल, मुनीष, शिवानी शर्मा, मनोज आदि मौजूद रहे।
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