सहारनपुर: सांप के डसने से महिला की मौत, झाड़-फूंक में गंवाए तीन घंटे; डॉक्टर बोले- समय पर लाते तो बच जाती जान
सहारनपुर के टिडोली गांव में सांप के डसने के बाद महिला को करीब तीन घंटे तक झाड़-फूंक के लिए इधर-उधर ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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सहारनपुर में गंगोह रोड स्थित गांव टिडोली में मंगलवार देर शाम सांप के डसने से 42 वर्षीय महिला मुर्तजा की मौत हो गई। सांप के डसने के बाद परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय करीब तीन घंटे तक झाड़-फूंक और उपचार के लिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाते रहे। हालत गंभीर होने पर रात करीब नौ बजे महिला को गंगोह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बिटौड़े से उपले निकालते समय सांप ने डसा
मुर्तजा के पति तालिब के अनुसार मंगलवार शाम करीब सात बजे मुर्तजा घर के पास बने बिटौड़े से गोबर के उपले निकालने गई थी। इसी दौरान वहां मौजूद काले रंग के सांप ने उसे डस लिया। सांप के डसने के बाद मुर्तजा किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
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अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराते रहे
परिजनों ने महिला को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय पहले जांडखेड़ा में झाड़-फूंक कराने के लिए पहुंचाया। इसके बाद भी कई जगह झाड़-फूंक और उपचार कराया गया। इस दौरान महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
करीब तीन घंटे बाद पहुंची सीएचसी
हालत गंभीर होने पर परिजन रात करीब नौ बजे मुर्तजा को गंगोह सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सीएचसी प्रभारी डॉ. रोहित वालिया ने बताया कि महिला को रात करीब नौ बजे अस्पताल लाया गया था। उन्होंने कहा कि सांप के डसने के तुरंत बाद महिला को अस्पताल लाकर जरूरी उपचार दिया जाता तो उसकी जान बचने की संभावना थी।
डॉक्टर ने की झाड़-फूंक में समय न गंवाने की अपील
डॉ. रोहित वालिया ने लोगों से अपील की कि सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय न गंवाएं। पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाएं, ताकि समय पर जरूरी उपचार मिल सके।
समय पर इलाज नहीं मिलने से चली गई जान
मुर्तजा की मौत ने एक बार फिर सांप के काटने के बाद समय पर उपचार की जरूरत को सामने ला दिया है। चिकित्सकों के अनुसार ऐसे मामलों में अस्पताल पहुंचने में हुई देरी बेहद खतरनाक हो सकती है।