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आरटीओ ममता शर्मा के दो लॉकर सीज, सात बड़ी प्रॉपर्टी के पेपर मिले
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 May 2017 12:33 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
आयकर विभाग को मेरठ की आरटीओ ममता शर्मा, बागपत के पूर्व डीएम ह्रदय शंकर तिवारी और बाबुओं के यहां हुई छापामारी में बड़ी सफलता हाथ लगी है। आरटीओ ममता शर्मा के दो लॉकर सीज किए गए हैं। सात बड़ी प्रॉपर्टी के पेपर मिले हैं। वहीं, ह्रदय शंकर तिवारी के पास से करोड़ों की नगदी और जेवरात के अलावा उनके खास बाबुओं के पास से भी 35 लाख की नगदी बरामद हुई है।
आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार को इन अफसरों और बाबुओं के घरों के अलावा कार्यालयों पर भी सघन छापामारी की थी। आरटीओ ममता शर्मा और उनके पति आईएएस विमल शर्मा के ग्रेटर नोएडा स्थित आवास के साथ ही आरटीओ में तैनात ममता शर्मा के खास आरटीओ के बाबुओं के यहां भी छापामारी हुई थी। साथ ही मेरठ शास्त्रीनगर स्थित आवास बंद होने के कारण आयकर विभाग ने उसे अपनी निगरानी में ले लिया है।
इस बड़ी कार्रवाई की बाबत नाम न छापने के अनुरोध पर आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि आरटीओ ममता शर्मा के दो लॉकर सीज कर दिए गए हैं। उनके आवास से पड़ताल में सात बड़ी संपत्तियों के कागजात मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि सीज दोनो लॉकरों में बड़ी मात्रा में नगदी के साथ ही गोल्ड आदि मिलने की संभावना है। वहीं, आरटीओ के बाबू सुशील सक्सेना के घर से भी आयकर विभाग ने 21 लाख रुपये नगदी बरामद की है।
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खनन को लेकर चर्चित रहे पूर्व डीएम
आयकर विभाग की टीम ने बागपत के पूर्व डीएम रहे ह्रदय शंकर तिवारी के लॉकर और आवास से सवा करोड़ रुपये की नगदी के साथ ही ढाई किलो सोने के जेवरात बरामद किए हैं। ह्रदय शंकर तिवारी बागपत में खनन को लेकर चर्चा में रहे हैं। आरोप हैं कि अपने कार्यकाल में उन्होंने भट्ठा संचालकों के साथ ही यमुना से रेत खनन में सीधे डीलिंग की थी। उनके खास बाबुओं के पास से मिली 35 लाख की नगदी की जांच की जा रही है।
कार्रवाई रहेगी जारी
आयकर विभाग अधिकारियों का कहना है कि इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। जो आवास बंद मिले हैं, उन्हें निगरानी में रखा है। जैसे ही अधिकारियाें से संपर्क होगा, तुरंत इन आवासों की भी पड़ताल होगी। इसके अलावा अभी इन अधिकारियों के करीबियों को टारगेट पर लिया जाएगा। क्योंकि पहले दिन पड़ताल में कई ऐसे लोग सामने आए हैं, जिनके पास इन अधिकारियों का काला धन होने की पूरी संभावना है।
अभी कई अधिकारी हैं सूची में
आयकर विभाग के अधिकारियों की मानें तो प्रदेश में वर्तमान में तैनात और पूर्व में तैनात रहे आईएएस के साथ पीसीएस और आईपीएस अधिकारी रडार पर हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति का ब्यौरा प्रस्तुत कर दिया है। लेकिन विभागीय सूचना के आधार पर उनके पास काले धन का भंडार है। ऐसे अधिकारियों पर विभाग ने खुफिया निगाहें लगाते हुए अलग से काम शुरू कर दिया है।
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आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार को इन अफसरों और बाबुओं के घरों के अलावा कार्यालयों पर भी सघन छापामारी की थी। आरटीओ ममता शर्मा और उनके पति आईएएस विमल शर्मा के ग्रेटर नोएडा स्थित आवास के साथ ही आरटीओ में तैनात ममता शर्मा के खास आरटीओ के बाबुओं के यहां भी छापामारी हुई थी। साथ ही मेरठ शास्त्रीनगर स्थित आवास बंद होने के कारण आयकर विभाग ने उसे अपनी निगरानी में ले लिया है।
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इस बड़ी कार्रवाई की बाबत नाम न छापने के अनुरोध पर आयकर विभाग के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि आरटीओ ममता शर्मा के दो लॉकर सीज कर दिए गए हैं। उनके आवास से पड़ताल में सात बड़ी संपत्तियों के कागजात मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि सीज दोनो लॉकरों में बड़ी मात्रा में नगदी के साथ ही गोल्ड आदि मिलने की संभावना है। वहीं, आरटीओ के बाबू सुशील सक्सेना के घर से भी आयकर विभाग ने 21 लाख रुपये नगदी बरामद की है।
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खनन को लेकर चर्चित रहे पूर्व डीएम
आयकर विभाग की टीम ने बागपत के पूर्व डीएम रहे ह्रदय शंकर तिवारी के लॉकर और आवास से सवा करोड़ रुपये की नगदी के साथ ही ढाई किलो सोने के जेवरात बरामद किए हैं। ह्रदय शंकर तिवारी बागपत में खनन को लेकर चर्चा में रहे हैं। आरोप हैं कि अपने कार्यकाल में उन्होंने भट्ठा संचालकों के साथ ही यमुना से रेत खनन में सीधे डीलिंग की थी। उनके खास बाबुओं के पास से मिली 35 लाख की नगदी की जांच की जा रही है।
कार्रवाई रहेगी जारी
आयकर विभाग अधिकारियों का कहना है कि इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। जो आवास बंद मिले हैं, उन्हें निगरानी में रखा है। जैसे ही अधिकारियाें से संपर्क होगा, तुरंत इन आवासों की भी पड़ताल होगी। इसके अलावा अभी इन अधिकारियों के करीबियों को टारगेट पर लिया जाएगा। क्योंकि पहले दिन पड़ताल में कई ऐसे लोग सामने आए हैं, जिनके पास इन अधिकारियों का काला धन होने की पूरी संभावना है।
अभी कई अधिकारी हैं सूची में
आयकर विभाग के अधिकारियों की मानें तो प्रदेश में वर्तमान में तैनात और पूर्व में तैनात रहे आईएएस के साथ पीसीएस और आईपीएस अधिकारी रडार पर हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति का ब्यौरा प्रस्तुत कर दिया है। लेकिन विभागीय सूचना के आधार पर उनके पास काले धन का भंडार है। ऐसे अधिकारियों पर विभाग ने खुफिया निगाहें लगाते हुए अलग से काम शुरू कर दिया है।