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रोहटा में दिन छिपते ही आतंक का साया
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 30 Sep 2016 02:38 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मोनू जाट की दहशत ने रोहटा का माहौल बदल दिया है। दिन छिपते ही बाजारों में सन्नाटा छा रहा है। वहीं गांव तक चलने वाले टेंपो और मैजिक भी आसानी से नहीं मिल रहे।
मेरठ के अलावा बागपत पुलिस भी मोनू की तलाश में जुटी है। लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह मोनू को बागपत के दोघट क्षेत्र में बाइक पर घूमता देखे जाने का शोर मचा तो दोपहर में उसके जानी और परतापुर क्षेत्र में नजर आने का। दोनों जिलों की पुलिस घंटो खेत खंगालती रही, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इस तरह की सूचनाओं को लेकर पुलिस गंभीर है। पुलिस को यह भी आशंका है कि कहीं यह सब पुलिस का ध्यान भटकाने की किसी की साजिश तो नही है। पुलिस ऐसी अफवाह उड़ाने वालों तक भी पहुंचने की कोशिश कर रही है।
वहीं, मोनू के ना मिलने से ग्रामीणों में जबरदस्त दहशत बनी है। दिन छिपते ही गांव के बाजार सूने हो रहे हैं। लोगों की दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रोड पर देर रात तक चलने वाले वाहन भी शाम के बाद बंद हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले तक कंकरखेड़ा से रोहटा और मेरठ तक जाने वाले मैजिक और टेंपो रात नौ बजे तक मिलते थे। लेकिन अब सात बजे के बाद ही नहीं मिल पा रहे। दरअसल मोनू की दहशत में लोगों की हिम्मत जवाब दे गई है।
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मोबाइल नहीं चलाता मोनू कैसे हो ट्रेस
पुलिस ने उसकी घेराबंदी के लिए अपना सर्विलांस सिस्टम रोहटा में ही स्थापित कर लिया है। लेकिन मोनू खुद का मोबाइल इस्तेमाल नहीं करता, राहगीरों का मोबाइल छीनकर वह कॉल करता है। ऐसे में वह ट्रेस होना भी मुश्किल है। फिलहाल पुलिस गांव में चल रहे मोबाइल फोन पर निगरानी कर रही है। संदिग्ध मोबाइल नंबरों को पुलिस चेक करेगी।
पुलिस का पूरा फोकस गांव की सुरक्षा पर
पुलिस का पूरा फोकस गांव की सुरक्षा पर है। पुलिस नहीं चाहती कि गांव में कोई मर्डर हो। ऐसे में पूरे गांव का सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने पूरे गांव का नक्शा तैयार किया है। प्रत्येक गली के कुछ लोगों के मोबाइल नंबर लिए जा रहे हैं। पुलिस ऐसी प्लानिंग तैयार कर रही है जिससे किसी भी सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंचा जा सके।
रास्तों की जानकारी जुटा रही पुलिस
रोहटा में पुलिस बल बढ़ाया गया है। पीएसी भी भेजी गई है। यह पुलिसकर्मी अभी तक गांव के तमाम रास्तों को नहीं जानते। ऐसे में इन्हें गांव के रास्तों की पूरी जानकारी करने को कहा गया है। पुलिस कर्मी घूमकर रास्तों को देख रहे हैं ताकि बाद में आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मौके पर पहुंचा जा सके। गांव में जगह जगह मोनू के पोस्टर लगाए गए हैं, ताकि उसके नजर आने पर सूचना दे सकें।
मोनू की तलाश में खंगाला जंगल
मेरठ/बागपत। मोनू जाट की तलाश में परतापर, जानी, रोहटा और बागपत में टीकरी, बिजरौल और रमाला के जंगल में कांबिग चल रही है। पुलिस मोनू को टीकरी के जंगल में होना बता देती तो कभी रोहटा इलाके के जंगल में। मोनू को किसने देखा, यह बात अभी स्पष्ट नहीं है। सीओ क्राइम बागपत श्वेतांभ पांडेय ने कहा कि मोनू मेरठ में छिपा है।
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मेरठ के अलावा बागपत पुलिस भी मोनू की तलाश में जुटी है। लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह मोनू को बागपत के दोघट क्षेत्र में बाइक पर घूमता देखे जाने का शोर मचा तो दोपहर में उसके जानी और परतापुर क्षेत्र में नजर आने का। दोनों जिलों की पुलिस घंटो खेत खंगालती रही, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इस तरह की सूचनाओं को लेकर पुलिस गंभीर है। पुलिस को यह भी आशंका है कि कहीं यह सब पुलिस का ध्यान भटकाने की किसी की साजिश तो नही है। पुलिस ऐसी अफवाह उड़ाने वालों तक भी पहुंचने की कोशिश कर रही है।
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वहीं, मोनू के ना मिलने से ग्रामीणों में जबरदस्त दहशत बनी है। दिन छिपते ही गांव के बाजार सूने हो रहे हैं। लोगों की दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रोड पर देर रात तक चलने वाले वाहन भी शाम के बाद बंद हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले तक कंकरखेड़ा से रोहटा और मेरठ तक जाने वाले मैजिक और टेंपो रात नौ बजे तक मिलते थे। लेकिन अब सात बजे के बाद ही नहीं मिल पा रहे। दरअसल मोनू की दहशत में लोगों की हिम्मत जवाब दे गई है।
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मोबाइल नहीं चलाता मोनू कैसे हो ट्रेस
पुलिस ने उसकी घेराबंदी के लिए अपना सर्विलांस सिस्टम रोहटा में ही स्थापित कर लिया है। लेकिन मोनू खुद का मोबाइल इस्तेमाल नहीं करता, राहगीरों का मोबाइल छीनकर वह कॉल करता है। ऐसे में वह ट्रेस होना भी मुश्किल है। फिलहाल पुलिस गांव में चल रहे मोबाइल फोन पर निगरानी कर रही है। संदिग्ध मोबाइल नंबरों को पुलिस चेक करेगी।
पुलिस का पूरा फोकस गांव की सुरक्षा पर
पुलिस का पूरा फोकस गांव की सुरक्षा पर है। पुलिस नहीं चाहती कि गांव में कोई मर्डर हो। ऐसे में पूरे गांव का सुरक्षा प्लान तैयार किया गया है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने पूरे गांव का नक्शा तैयार किया है। प्रत्येक गली के कुछ लोगों के मोबाइल नंबर लिए जा रहे हैं। पुलिस ऐसी प्लानिंग तैयार कर रही है जिससे किसी भी सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंचा जा सके।
रास्तों की जानकारी जुटा रही पुलिस
रोहटा में पुलिस बल बढ़ाया गया है। पीएसी भी भेजी गई है। यह पुलिसकर्मी अभी तक गांव के तमाम रास्तों को नहीं जानते। ऐसे में इन्हें गांव के रास्तों की पूरी जानकारी करने को कहा गया है। पुलिस कर्मी घूमकर रास्तों को देख रहे हैं ताकि बाद में आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मौके पर पहुंचा जा सके। गांव में जगह जगह मोनू के पोस्टर लगाए गए हैं, ताकि उसके नजर आने पर सूचना दे सकें।
मोनू की तलाश में खंगाला जंगल
मेरठ/बागपत। मोनू जाट की तलाश में परतापर, जानी, रोहटा और बागपत में टीकरी, बिजरौल और रमाला के जंगल में कांबिग चल रही है। पुलिस मोनू को टीकरी के जंगल में होना बता देती तो कभी रोहटा इलाके के जंगल में। मोनू को किसने देखा, यह बात अभी स्पष्ट नहीं है। सीओ क्राइम बागपत श्वेतांभ पांडेय ने कहा कि मोनू मेरठ में छिपा है।