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Meerut News: सम्यक दर्शन, ज्ञान, चरित्र ही आत्मकल्याण की आधारशिला
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शास्त्री नगर दिगंबर जैन मंदिर में संस्कार शिविर का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। श्रमण संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में शास्त्री नगर जैन मंदिर में आयोजित शिक्षण एवं संस्कार शिविर के पाचवें दिन धर्म साधना, आत्मजागरण और जैन दर्शन के गूढ़ सिद्धांतों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। शिविरार्थियों ने भक्ति, जाप, ध्यान एवं साधना में भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
मुख्य प्रवचन में शास्त्री पीयूष जी ने 14 गुणस्थानों, रत्नत्रय तथा मोक्षमार्ग की व्याख्या करते हुए बताया कि सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र ही आत्मकल्याण की आधारशिला हैं। उन्होंने मुनि चर्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुनियों का जीवन त्याग, संयम और तपस्या का सर्वोच्च उदाहरण है। गोचरी देना अत्यंत पुण्यदायक कार्य माना गया है।
बालबोध कक्षा में बच्चों को प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जीवन से परिचित कराया गया। शिविर में बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष देवेंद्र, मंत्री नवीन, संगठन मंत्री राजेश, संयोजक अमित, दयाचंद आदि रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। श्रमण संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में शास्त्री नगर जैन मंदिर में आयोजित शिक्षण एवं संस्कार शिविर के पाचवें दिन धर्म साधना, आत्मजागरण और जैन दर्शन के गूढ़ सिद्धांतों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। शिविरार्थियों ने भक्ति, जाप, ध्यान एवं साधना में भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
मुख्य प्रवचन में शास्त्री पीयूष जी ने 14 गुणस्थानों, रत्नत्रय तथा मोक्षमार्ग की व्याख्या करते हुए बताया कि सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र ही आत्मकल्याण की आधारशिला हैं। उन्होंने मुनि चर्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुनियों का जीवन त्याग, संयम और तपस्या का सर्वोच्च उदाहरण है। गोचरी देना अत्यंत पुण्यदायक कार्य माना गया है।
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बालबोध कक्षा में बच्चों को प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जीवन से परिचित कराया गया। शिविर में बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष देवेंद्र, मंत्री नवीन, संगठन मंत्री राजेश, संयोजक अमित, दयाचंद आदि रहे।
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