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Meerut: 88.64 लाख के गबन के प्रयास में आरईएस के तत्कालीन जेई के खिलाफ रिपोर्ट, निलंबन की संस्तुति
Sun, 11 Aug 2024 12:33 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 11 Aug 2024 12:33 AM IST
सार
आरईएस के तत्कालीन जेई के खिलाफ 88.64 लाख के गबन के प्रयास में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के तत्कालीन जेई के खिलाफ 88.64 लाख के गबन के प्रयास के आरोप में अधिशासी अभियंता ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनके निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संस्तुति पत्र निदेशक और मुख्य अभियंता को लखनऊ भेजा गया है।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेंद्र नारायण चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत शहर में अहमदनगर में नाली व इंटरलॉकिंग टाइल्स का निर्माण कार्य और करीमनगर में पार्क वाली गली में सीसी मार्ग निर्माण कार्य का निरीक्षण छह अगस्त को किया। जिसमें पाया गया कि अवर अभियंता योगराज सिंह गौतम ने मनमाने ढंग से एस्टीमेट तैयार कर 88.64 लाख के सरकारी धन के गबन का प्रयास किया।
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ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेंद्र नारायण चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत शहर में अहमदनगर में नाली व इंटरलॉकिंग टाइल्स का निर्माण कार्य और करीमनगर में पार्क वाली गली में सीसी मार्ग निर्माण कार्य का निरीक्षण छह अगस्त को किया। जिसमें पाया गया कि अवर अभियंता योगराज सिंह गौतम ने मनमाने ढंग से एस्टीमेट तैयार कर 88.64 लाख के सरकारी धन के गबन का प्रयास किया।
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योगराज सिंह का तबादला मई माह में बुलंदशहर हो गया था। वहां वह प्रमोशन के बाद सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य का एस्टीमेट उन्होंने अकेले तैयार नहीं किया था। पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम ने निरीक्षण किया था। जिसके बाद एस्टीमेट तैयार किया गया था। अधिशासी अभियंता ने शायद दूसरे रास्तों का निरीक्षण कर लिया। शासन से आई पूरी रकम विभाग के खाते में है। उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
ये था मामला
शहर विधायक रफीक अंसारी ने अहमदनगर और करीमनगर में निर्माण कार्य के प्रस्ताव शासन को भेजे थे। जिसके बाद शासन ने प्रशासन को निर्माण कार्य का एस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए थे। पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम के निरीक्षण करने के बाद एस्टीमेट तैयार हुआ था।
ये था मामला
शहर विधायक रफीक अंसारी ने अहमदनगर और करीमनगर में निर्माण कार्य के प्रस्ताव शासन को भेजे थे। जिसके बाद शासन ने प्रशासन को निर्माण कार्य का एस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए थे। पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम के निरीक्षण करने के बाद एस्टीमेट तैयार हुआ था।