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Ram Mandir: दीयों की बढ़ी मांग, दिन-रात घूम रहा कुम्हारों का चाक, तीन माह में दूसरी बार मनाएंगे दीपावली

Sun, 21 Jan 2024 12:21 PM IST
Dimple Sirohi रविंद्र चौहान, संवाद न्यूज एजेंसी, हस्तिनापुर/मेरठ
रविंद्र चौहान, संवाद न्यूज एजेंसी, हस्तिनापुर/मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 21 Jan 2024 12:21 PM IST
सार

22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले भगवान श्रीराम प्रतिष्ठा के दिन देश में रामभक्त दीये जलाकर दीपावली मनाएंगे। इसके लिए हस्तिनापुर में दीये बनाने के लिए कुम्हारों का चाक अनवरत घूम रहा है। हालांकि धूप न निकलने से दीयों को सुखाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लेकिन फिर पर दीयों को बड़ी संख्या में तैयार किया जा रहा है।

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Ram Mandir: Demand for lamps increased, potters wheel rotating day and night
दीयों की बढ़ी मांग - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले भगवान श्रीराम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर देश के रामभक्तों में उत्साह का माहौल है। प्राण प्रतिष्ठा के दिन शहर से लेकर देहात में दिवाली सा माहौल होगा। जिसे देखते हुए बाजारों में दीयों की मांग बढ़ गई है। इससे कुम्हारों के चाक दिन-रात घूम रहा है। इस दीपावली के तीन महीने बाद एक बार फिर से उनकी दिवाली मनने वाली है।

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22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले भगवान श्रीराम प्रतिष्ठा कार्यक्रम के अवसर पर सभी देशवासियों से दीये जलाने का आह्वान किया गया है। इसके लिए बाजार में भी दीयों की मांग बढ़ने लगी है। कुम्हार के चाक भी तैयारियों को लेकर दिन-रात घूम रहे हैं।
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हालांकि, कड़कड़ाती ठंड उनके इस कार्य में बाधा बनी हुई है। धूप नहीं निकलने के कारण उन्हें दीये बनाने में परेशानी हो रही है, फिर भी वह भगवान श्रीराम के इस उत्सव में शामिल होने के लिए कड़कड़ती ठंड में पीछे नहीं रहना चाहते हैं।
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यह भी पढ़ें: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा : 22 जनवरी को एक लाख घरों में लड्डू बांटेंगे BJP नेता संगीत सोम, चल रही बड़ी तैयारी

प्राण प्रतिष्ठा के दिन ऐतिहासिक नगरी में ही नहीं, पूरे जिले में दिवाली सा माहौल होगा। दीयों से मंदिरों और घरों को सजाया जाएगा। सीजन बंद होने के कारण तीन महीने से कुम्हारों के चाक भी बंद थे। परंतु भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर दीयों की एडवांस बुकिंग मिलने से कुम्हारों के चाक एक बार फिर दिन-रात घूम रहे हैं और भट्ठियां भी लगातार सुलग रहीं हैं।

मिट्टी के बर्तन तैयार करने वाले कस्बे के चंद्रपाल का कहना है कि कई संस्थाओं एवं लोगों से 50 हजार दीये तैयार करने का ऑर्डर मिला है। ऑर्डर पूरा करने के लिए वह परिवार के साथ दिन रात चाक घुमा रहे हैं। लेकिन धूप कम निकलने के कारण दीये सूखने में समय लग रहा है।

उधर, भाजपा कार्यकर्ता भी इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। व्यापारी और कस्बे के सामाजिक लोग अपनी-अपनी ओर से दीये जलाकर भंडारा करने की योजना तैयार कर चुके हैं।

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को भव्य रूप से मनाने के लिए ऐतिहासिक नगरी के प्राचीन मंदिरों को भी सजाया जा रहा है। प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि दीपावली की भांति प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भी माता के मंदिर को सजाया जाएगा।

Ram Mandir: Demand for lamps increased, potters wheel rotating day and night
जंबूद्वीप के प्रबंधन मंत्री विजय जैन - फोटो : Amar Ujala

अयोध्या से जुड़ा है जैन धर्म का प्राचीन इतिहास
ऐतिहासिक नगरी में जैन धर्म के पावन तीर्थ क्षेत्र स्थल जंबूद्वीप के प्रबंधन मंत्री विजय जैन 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में माता ज्ञानमति के साथ भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से जैन धर्म में भी उत्साह है, क्योंकि अयोध्या की पावन भूमि जैन धर्म के लिए भी महत्वपूर्ण है।

जैन तीर्थ के मंत्री विजय जैन ने बताया कि अयोध्या नगरी में जैन धर्म का महातीर्थ है। विश्व में चर्चित श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा एक ऐतिहासिक कार्यक्रम है। निश्चित ही अयोध्या नगरी का प्राचीन काल से ही धार्मिक इतिहास रहा है। जैन धर्म का इतिहास भी अयोध्या की पावन भूमि से जुड़ा है। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव का जन्म भी अयोध्या में हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर जैन धर्म की ओर से अयोध्या में भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।

विजय जैन ने बताया कि भगवान श्रीराम संपूर्ण समाज की आस्था, विश्वास व संस्कृति के प्रतीक हैं। राम और रामायण हमें अंधकार से प्रकाश की तरफ ले जाते हैं। हमें बुराई से अच्छाई का मार्ग दिखाते हैं। श्रीराम हमारे जीवन के सार व आधार हैं। भगवान राम का पूरा जीवन चरित्र संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणादायी है।

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