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दौराला में फाटक बंद कराने पहुंचे रेलवे अधिकारियों का विरोध
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दौराला में फाटक बंद कराने पहुंचे रेलवे अधिकारियों का विरोध
दौराला। दौराला-सरधना मार्ग स्थित रेलवे फाटक को बंद कराने के लिए शुक्रवार को रेलवे के प्रोजेक्ट इंचार्ज पहुंचे। जानकारी मिलने पर व्यापारी एकत्रित होकर मौके पर पहुंच गए और फाटक बंद किए जाने का विरोध किया। जिसके बाद अधिकारी काम बीच में ही रोककर चले गए। व्यापारियों ने मामले से केंद्रीय मंत्री को फोन पर अवगत कराया।
2012 में दौराला-सरधना मार्ग पर ओवरब्रिज का निर्माण किया गया था। तभी से रेलवे फाटक बंद किए जाने की बात चल रही है। परंतु, व्यापारियों के विरोध के कारण हर बार फाटक बंद करने से रोक दिया जाता है। शुक्रवार को भी रेलवे के प्रोजेक्ट इंचार्ज फाटक बंद कराने के लिए पहुंचे। उन्होंने रेलवे फाटक पर स्लीपर डालने व दीवार खड़ी करने का कार्य शुरू कराया। परंतु, जानकारी मिलते ही व्यापार संघ अध्यक्ष हरपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में व्यापारी मौके पर पहुंच गए। व्यापारियों ने फाटक बंद करने का विरोध किया।
उन्होंने रेलवे अधिकारियों से कहा कि फाटक बंद होने से दोनों ओर के व्यापारियों को व्यापार करने में दिक्कत होगी। यदि किसी व्यापारी या उपभोक्ता को दोनों ओर से सामान लेना होगा तो उसे ओवरब्रिज पार करके आना होगा। वहीं, घटना होने पर पुलिस को भी दिक्कत होगी। सबसे अधिक परेशानी पेराई सत्र के दौरान गन्ना किसान को होगी। वह ओवरब्रिज से अपनी भैंसा बुग्गी नहीं ले जा सकेंगे। व्यापारियों के विरोध के बाद अधिकारी काम बीच में ही रोककर चले गए।
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व्यापार संघ अध्यक्ष हरपाल सिंह चौहान का कहना है कि यदि रेलवे ने फाटक बंद किया तो व्यापारी भूख हड़ताल करेंगे। वहीं, व्यापारियों ने फोन पर केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. संजीव बालियान को मामले से अवगत कराया। केंद्रीय मंत्री ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है। इस दौरान सचिन उपाध्याय, मनेंद्र भराला, दीपेंद्र रस्तोगी, प्रदीप गर्ग, मुकेश गुप्ता, ब्रह्मपाल, जय सिंह, वीर सिंह, सुनील, लोकेश चौहान आदि रहे।
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दौराला। दौराला-सरधना मार्ग स्थित रेलवे फाटक को बंद कराने के लिए शुक्रवार को रेलवे के प्रोजेक्ट इंचार्ज पहुंचे। जानकारी मिलने पर व्यापारी एकत्रित होकर मौके पर पहुंच गए और फाटक बंद किए जाने का विरोध किया। जिसके बाद अधिकारी काम बीच में ही रोककर चले गए। व्यापारियों ने मामले से केंद्रीय मंत्री को फोन पर अवगत कराया।
2012 में दौराला-सरधना मार्ग पर ओवरब्रिज का निर्माण किया गया था। तभी से रेलवे फाटक बंद किए जाने की बात चल रही है। परंतु, व्यापारियों के विरोध के कारण हर बार फाटक बंद करने से रोक दिया जाता है। शुक्रवार को भी रेलवे के प्रोजेक्ट इंचार्ज फाटक बंद कराने के लिए पहुंचे। उन्होंने रेलवे फाटक पर स्लीपर डालने व दीवार खड़ी करने का कार्य शुरू कराया। परंतु, जानकारी मिलते ही व्यापार संघ अध्यक्ष हरपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में व्यापारी मौके पर पहुंच गए। व्यापारियों ने फाटक बंद करने का विरोध किया।
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उन्होंने रेलवे अधिकारियों से कहा कि फाटक बंद होने से दोनों ओर के व्यापारियों को व्यापार करने में दिक्कत होगी। यदि किसी व्यापारी या उपभोक्ता को दोनों ओर से सामान लेना होगा तो उसे ओवरब्रिज पार करके आना होगा। वहीं, घटना होने पर पुलिस को भी दिक्कत होगी। सबसे अधिक परेशानी पेराई सत्र के दौरान गन्ना किसान को होगी। वह ओवरब्रिज से अपनी भैंसा बुग्गी नहीं ले जा सकेंगे। व्यापारियों के विरोध के बाद अधिकारी काम बीच में ही रोककर चले गए।
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व्यापार संघ अध्यक्ष हरपाल सिंह चौहान का कहना है कि यदि रेलवे ने फाटक बंद किया तो व्यापारी भूख हड़ताल करेंगे। वहीं, व्यापारियों ने फोन पर केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. संजीव बालियान को मामले से अवगत कराया। केंद्रीय मंत्री ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है। इस दौरान सचिन उपाध्याय, मनेंद्र भराला, दीपेंद्र रस्तोगी, प्रदीप गर्ग, मुकेश गुप्ता, ब्रह्मपाल, जय सिंह, वीर सिंह, सुनील, लोकेश चौहान आदि रहे।