मेरठ के हस्तिनापुर में पुलिस ने तारापुर और लतीफपुर के जंगल में कच्ची शराब के खिलाफ अभियान चलाया। टीम ने बूढ़ी गंगा को पार कर जंगल में मौके से छह हजार लीटर लहन बरामद की और छह भट्ठियां नष्ट कीं। इस दौरान कच्ची शराब बनाने वाले पुलिस के हाथ नहीं आ सके।
यूपी: खादर में ऐसे बनती थी कच्ची शराब, पुलिस ने किया पर्दाफाश, देखिए मौके की तस्वीरें
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हस्तिनापुर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि खादर क्षेत्र में शराब माफिया धड़ल्ले से भट्ठियां बनाकर कच्ची शराब बना रहे हैं। इस पर टीम बनाकर पुलिस तारापुर में बूढ़ी गंगा के पास पहुंची। टीम ने गंगा के पानी को पार कर छापा मारा तो मौके पर शराब की भट्ठियां दहकती हुईं मिलीं। पुलिस के पहुंचने से पहले ही शराब बनाने वाले फरार हो चुके थे। पुलिस टीम ने मौके से करीब पांच हजार लीटर लहन बरामद की। पांच शराब की भट्ठियों को नष्ट किया गया। इसके बाद लतीफपुर के जंगल में एक हजार लीटर लहन बरामद कर एक भट्टी नष्ट की।
थाना प्रभारी ने कहा कि खादर क्षेत्र में कच्ची शराब बनाने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
बूढ़ी गंगा के पास का क्षेत्र सर्वाधिक सुरक्षित
बूढ़ी गंगा के पास का क्षेत्र कच्ची शराब बनाने वालों के लिए मुफीद है। गंगा पार कर यहां बड़ी झाड़ियों के बीच धड़ल्ले से भट्ठियां बनाकर कच्ची शराब बनाई जाती है। शराब माफिया पानी की धारा को पार कर झाड़ियों की ओट में शराब बनाते हैं। इससे वह पुलिस की पकड़ में नहीं आते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए पूर्व में भी कई बार कार्रवाई की गई थी लेकिन आज तक पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लग सका।
पूर्व विधायक गोपाल काली ने लगाए थे वसूली के आरोप
भाजपा के पूर्व विधायक भोपाल काली ने निलंबित एसओ धर्मेंद्र सिंह पर खादर क्षेत्र में कच्ची शराब के माफिया से सांठगांठ का आरोप लगाया था। बताया था कि खादर क्षेत्र में 300 से ज्यादा कच्ची शराब की भट्ठियां चल रही हैं। इनसे लाखों रुपये महीना की वसूली के कारण इन पर अंकुश नहीं लग पाता है। छापे में बरामदगी के बाद यह आरोप सच होते दिख रहा है।
मुजफ्फरनगर और बिजनौर में भी खपाई जाती है कच्ची शराब
खादर क्षेत्र में गुरुवार को बरामद छह हजार लीटर लहन से 2400 लीटर कच्ची शराब तैयार हो सकती थी। खादर में तैयार कच्ची शराब को मेरठ के अलावा मुजफ्फरनगर और बिजनौर जिले में खपाया जाता है।