मेरठ शहर में बवाल ने आम लोगों में दहशत फैला दी। भीड़ इस कदर बेकाबू थी कि लोग बस सुरक्षित बच जाने की कामना कर रहे थे। भीड़ ने न सिर्फ आगजनी कर सैंकड़ों परिवारों की जीवन भर की पूंजी को बर्बाद कर दिया बल्कि बेकसूर लोगों को भी अपना शिकार बनाया। बवाल के दौरान दिल्ली रोड से गुजरने वाले न जाने कितने ही यात्रियों के साथ लूटपाट हुई और न जाने कितने ही चोटिल हो गए: -
शहर में पुलिस-प्रशासन के आला अफसर बैठते हैं। कमिश्नरी से जोन तक की जिम्मेदारी संभालते हैं। इसके बावजूद शहर में हर बार बेकसूरों को बलवाइयों का शिकार बनना पड़ता है। बुधवार को भी यही हुआ। विवाद भूसा मंडी का था, लेकिन गुस्से का शिकार दिल्ली रोड पर आम लोगों को बनना पड़ा। कितनी ही रोडवेज बसों और दिल्ली रोड से गुजरने वाली गाड़ियों को निशाना बनाया।
रोडवेज बस में पड़े ये पत्थर इस बात का सबूत है कि भीड़ ने किस मंशा से लोगों पर हमला किया होगा। यात्रियों से लूटपाट हुई और कितने ही चोटिल होकर मौके से भागे। बलवाइयों ने किसी को नहीं बख्शा। दर्जनों बसों और कारों में तोड़फोड़ की। भीड़ को देखकर लोग यही कहते रहे कि उनकी क्या गलती है। क्या इस शहर में रहना गुनाह है?
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मेरठ बवाल
- फोटो : अमर उजाला
भूसा मंडी की झुग्गियों में आग लगी तो कुछ ही देर में पूरे इलाके में शोर मच गया। कोई धार्मिक स्थल का हवाला देकर भीड़ को भड़का रहा था तो किसी को ये ही पता नहीं था कि हुआ क्या है। कुछ ही देर में भीड़ बढ़ती चली गई। मार दो...बदला लो। जैसे शब्द सुनाई देने लगे।
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मेरठ बवाल
- फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आगजनी के बाद भीड़ दिल्ली रोड पर आ गई। कुछ के हाथों में बोतलें थीं तो कुछ ईंट-पत्थर लिए थे। भीड़ ने सड़क पर आते-जाते बेकसूर लोगों को निशाना बनाया। रोडवेज की 10 से ज्यादा बसों में तोड़फोड़ की। दर्जनों यात्री पथराव में घायल हो गए। 10 से ज्यादा कारों के शीशे फोड़ दिए।