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33 लाख रुपये खर्च के बाद भी एमआरएफ सेंटर में नहीं बनाया जा सका जैविक खाद

Sat, 18 Jan 2020 01:39 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2020 01:39 AM IST
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Organic fertilizer could not be made in MRF center even after spending Rs 3500000
33 लाख रुपये खर्च के बाद भी एमआरएफ सेंटर में नहीं बनाया जा सका जैविक खाद
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फलावदा। कस्बे में घरों से निकलने वाले कूड़े को जीरो वेस्ट में डेवलप करने के लिए लाखों रुपये खर्च कर रूपरेखा तैयार की थी। खाद बनाने के लिए एमआरएफ सेंटर तो बना, लेकिन सरकार की मुहिम परवान नहीं चढ़ी। नगर पंचायत ने मात्र औपचारिकता निभाई।
कस्बे की नगर पंचायत को जैविक खाद बनाने के लिए सरकार से पिछले वर्ष करीब तैतीस लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। सरकार से एमआरएफ सेंटर बनाने के लिए नगर पंचायत को प्राप्त हुई धनराशि से जैविक खाद बनाकर नगर पंचायत की आय बढ़ाने का लक्ष्य था। सरकार की इस मंशा के मुताबिक नगर पंचायत द्वारा मोहल्ला जोगियान में एक एमआरएफ सेंटर स्थापित किया गया। नगर पंचायत द्वारा बनाए गए एमआरएफ सेंटर पर जैविक खाद का बनाने का कार्य तो शुरू हुआ। हालांकि काम आगे नहीं बढ़ सका। नगर पंचायत की आय बढ़ना तो दूर सेंटर पर एक मुद्दत से ताला लगा हुआ है।
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कचरे से बनाए जाने वाली जैविक खाद से जहां किचन गार्डन में सब्जियां उगाई जानी थीं। वहीं, इस खाद को फरोख्त कर नगर पंचायत की आमदनी भी बढ़ाई जाने का लक्ष्य था। शासन से अनुमति मिलने के बाद इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए पिछले वर्ष नगर पंचायत को 33 लाख रुपए प्राप्त हुए थे। लाखों रुपया खर्च कर नगर पंचायत द्वारा बनाए गए एमआरएफ सेंटर औपचारिक बनकर रह गए हैं। जिसके चलते जैविक खाद की सरकार की इस मुहिम को अमलीजामा की दरकार है।
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कस्बे में नलकूप के नजदीक तैयार किए गए एमआरएफ सेंटर में जैविक खाद बनाने का काम शुरू तो हुआ लेकिन परवान नहीं चढ़ सका। तैतीस लाख रुपये की सरकार की योजना को सफल बनाने के लिए अधिशासी अधिकारी नीतू सिंह की अगुवाई में कर्मचारियों को वर्कशॉप के जरिए जैविक खाद तैयार कराने को हरी झंडी दी गई थी। ईओ सुश्री नीतू सिंह द्वारा स्थानीय नगर पंचायत को हाईटेक बनाने के निरंतर चल रहे प्रयास साकार होते नजर नहीं आए।
जैविक खाद से तैयार होंगी सब्जियां
फलावदा। सब्जियों में रासायनिक खाद के प्रयोग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव से मुक्ति के लिए जैविक खाद सफल साबित होगा। कचरे से तैयार होने वाली जैविक खाद का फायदा उठाने के लिए स्थानीय नगर पंचायत द्वारा किचन गार्डन तैयार किया गया था। इसमें हरी सब्जियों का उत्पादन होना था। कस्बे को कचरा मुक्त करने की कवायद में नगर पंचायत द्वारा छेड़ी गई मुहिम के अंतर्गत घरों से निकलने वाले कूड़े को जीरो वेस्ट में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई थी। कचरे से तैयार जैविक खाद को किचन गार्डन में इस्तेमाल करने के साथ जैविक खाद किसानों को फरोख्त करना था। उधर, अधिशासी अधिकारी नीतू सिंह का कहना है कार्य चल रहा है। नगर पंचायत चेयरमैन अब्दुस समद का कहना है कि चार कर्मचारी हर रोज आकर कचरा एकत्र करके सफाई वगैरा करते हैं और काम बदस्तूर चल रहा है।

टाइगर एवं मोरनी अव्वल रहीं
फलावदा। मवाना रोड स्थित जनता इंटर कॉलेज में चल रहे दो दिवसीय स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार को संपन्न हो गया।
मवाना रोड स्थित जनता इंटर कॉलेज में स्काउट एवं गाइड शिविर का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्काउट की टोली नंबर पांच टाइगर ने प्रथम स्थान एव टोली नंबर दो हाथी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। गाइड की टोली नंबर पांच मोरनी ने प्रथम व टोली नंबर एक मैना ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह, डिप्टी लाल कमल, डॉ. विद्वेश कुमार, जवाहर सिंह आदि कॉलेज स्टाफगण का सहयोग रहा।
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