शराब मामले में पर विपक्ष ने भाजपा का खूब कोसा, पीड़ितों को 50 लाख के मुआवजे की उठाई मांग
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार रविवार को विपक्ष पूरी तरह सक्रिय दिखाई दिया। सुबह कांग्रेस नेताओं ने यहां जहरीली शराब पीने से बीमार हुए मरीजों का हाल जाना तो दोपहर में सपा और बसपा के नेता भी यहां उपस्थिति दर्ज कराते दिखे।
रविवार को सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह व शहर विधायक रफीक अंसारी ने भी मेडिकल पहुंचकर मरीजों का हाल जाना। इस दौरान पूरा विपक्ष सत्ताधारी भाजपा को कोस रहा था। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने तो इस मामले पर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को संवेदनहीन बता दिया। पूरा विपक्ष प्रदेश सरकार पर हमलावर रहा।
यूपी कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मेरठ प्रभारी मुकेश चौधरी ने इमरजेंसी में भर्ती लोगों का हाल जाना और परिजनों को सांत्वना दी। मुकेश चौधरी ने कहा कि यह घटना योगी सरकार की बड़ी विफलता है। मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।
इस दौरान उनके साथ जिलाध्यक्ष विनोद मोघा, अखिल कौशिक, रविंद्र सिंह, योगी जाटव, आशाराम आदि मौजूद रहे। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि इस तरह की घटना के बावजूद सरकार का कोई प्रतिनिधि मरीजों का हाल तक जानने नहीं पहुंचा। कहा कि दो लाख मुआवजे की घोषणा बेहद कम है। ऐसे परिवारों को 50 लाख का मुआवजा मिलना चाहिए।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव स. मनजीत सिंह कोछड़ ने आरोप लगाया कि अवैध शराब का यह धंधा पुलिस-प्रशासन और भाजपा नेताओं की शह पर चल रहा था। योगी सरकार संवेदनहीन हो गई है। इस बड़ी त्रासदी के बावजूद मुख्यमंत्री योगी प्रचार में लगे हैं। भाजपा का कोई जिम्मेदार नहीं पहुंचा। इस कांड के लिए प्रदेश सरकार दोषी है और मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। इस मौके पर युवा नेता अवनीश काजला, कपिल पाल, संजीव आनंद, रविंद्र सिंह, सलीम शाह सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बसपा के जिलाध्यक्ष सुभाष प्रधान और सपा नेता विपिन मनोठिया ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार हर मोर्चे पर विफल है। इस घटना ने सरकार के दावों की हकीकत सामने लाकर रख दी है।
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर सहारनपुर के लोगों का हाल जानने शनिवार रात मेरठ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मरीजों के परिजनों से भी मुलाकात की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में मुआवजा नहीं मिला तो भीम आर्मी सहारनपुर और हरिद्वार मंडल बंद रखेगी।
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