{"_id":"695b91c88b6241fea30ca993","slug":"operation-sindoor-veteran-naib-subedar-arun-yadav-martyrs-of-heart-attack-during-duty-2026-01-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Meerut: ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहे नायब सूबेदार अरुण यादव शहीद, ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से निधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut: ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहे नायब सूबेदार अरुण यादव शहीद, ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से निधन
Mon, 05 Jan 2026 03:56 PM IST
डिंपल सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: डिंपल सिरोही
Updated Mon, 05 Jan 2026 03:56 PM IST
सार
मेरठ के तोफापुर गांव निवासी नायब सूबेदार अरुण यादव का राजस्थान में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे 2025 के ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहे थे। गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
शहीद सूबेदार का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहे मेरठ के मवाना रोड स्थित तोफापुर गांव निवासी नायब सूबेदार अरुण यादव का ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। वह राजस्थान के जोधपुर में तैनात 407 गन मिसाइल रेजिमेंट में कार्यरत थे।
विज्ञापन
लोंगेवाला बॉर्डर पर थी तैनाती
परीक्षितगढ़ ब्लॉक के तोफापुर गांव निवासी 43 वर्षीय नायब सूबेदार अरुण यादव वर्ष 2000 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। बीते तीन वर्षों से वे राजस्थान के जोधपुर में 407 गन मिसाइल रेजिमेंट में तैनात थे।
विज्ञापन
परिजनों के अनुसार, 3 जनवरी को ड्यूटी के दौरान अचानक उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। अरुण यादव 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी सक्रिय हिस्सा रहे थे और उनकी तैनाती लोंगेवाला बॉर्डर पर थी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: UP: भाजपा नेता संगीत सोम को बांग्लादेश से धमकी, सरधना थाने में FIR दर्ज, बोले-सनातन के हक की बात करता रहूंगा
गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
सोमवार सुबह सैन्य अधिकारी उनका पार्थिव शरीर गांव तोफापुर लेकर पहुंचे। परिजनों के निर्णय के बाद उनके खेत में ही सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सेना के जवानों ने सलामी दी और राष्ट्रध्वज में लिपटे पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी गई।
प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
अंतिम संस्कार के दौरान एसडीएम मवाना, नायब तहसीलदार, सीओ सदर देहात समेत इंचौली थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही। गांव में शोक की लहर रही और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
परिवार में पत्नी और दो बेटे
परिजनों ने बताया कि अरुण यादव के पिता सूबे सिंह और बड़े भाई कर्मवीर खेती करते हैं। मां जगदेयी का पहले ही निधन हो चुका है। बहन पूनम विवाहित हैं। पत्नी अंजू और दो बेटे आदित्य और कृष यादव गांव में ही रहते हैं। अरुण यादव के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सोमवार सुबह सैन्य अधिकारी उनका पार्थिव शरीर गांव तोफापुर लेकर पहुंचे। परिजनों के निर्णय के बाद उनके खेत में ही सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सेना के जवानों ने सलामी दी और राष्ट्रध्वज में लिपटे पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई दी गई।
प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
अंतिम संस्कार के दौरान एसडीएम मवाना, नायब तहसीलदार, सीओ सदर देहात समेत इंचौली थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही। गांव में शोक की लहर रही और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
परिवार में पत्नी और दो बेटे
परिजनों ने बताया कि अरुण यादव के पिता सूबे सिंह और बड़े भाई कर्मवीर खेती करते हैं। मां जगदेयी का पहले ही निधन हो चुका है। बहन पूनम विवाहित हैं। पत्नी अंजू और दो बेटे आदित्य और कृष यादव गांव में ही रहते हैं। अरुण यादव के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।