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तेल प्रकरण: अफसरों की भूमिका की आज से शुरू होगी जांच

Mon, 18 Nov 2019 02:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Nov 2019 02:06 AM IST
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Oil Case: The investigation into the role of officers will start from today
तेल प्रकरण: अफसरों की भूमिका की आज से शुरू होगी जांच
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मेरठ । 20 अगस्त को मेरठ में पकड़े गए 2.20 लाख लीटर मिलावटी तेल/केमिकल के मामले में गृहमंत्रालय के निर्देश पर शासन ने उच्च स्तर के अधिकारियों की स्पेशल इंवेस्टिगेटिंग टीम (एसआईटी) गठित की है। जिसमें एडीजी इंटेलीजेंस एसबी शिरोडकर, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी खाद्य एवं रसद आयुक्त मनीष चौहान और अन्य शामिल हैं। एसआईटी में शामिल वरिष्ठ अधिकारी आज मेरठ पहुंचकर तेल प्रकरण में अफसरों की भूमिका की जांच करेंगे।
प्रदेश में भाजपा शासनकाल में सहारनपुर की जातीय हिंसा की घटना के बाद यह दूसरा बड़ा मामला है जब वरिष्ठ आईएएस ओर आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी बनाई गई है। बुलंदशहर बवाल में एडीजी इंटेलीजेंस ही जांच के लिए पहुंचे थे। तीनों अधिकारी सोमवार को मेरठ पहुंचेंगे। मिलावटी तेल की सूचना पुलिस को कैसे मिली, किस अधिकारी के निर्देश पर पुलिस टीम पहुंची? थाना प्रभारी किस समय समय पहुंचे? मौके से कौन कौन कर्मचारी और क्या मिला? किस टीम ने सैंपल लिए? छापा एसपी देहात ने मारा तो एसपी सिटी मौके पर पहुंचे या नहीं? आपूर्ति विभाग की क्या भूमिका रही? मुकदमा डीएम की अनुमति पर दर्ज हुआ या नहीं? आदि बिंदुओं पर एसआईटी जांच करेगी। मुकदमा में वादी यदि इंस्पेक्टर हैं तो उनके भी बयान होंगे। एफएसएल भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट और आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट का भी टीम अध्ययन करेगी। फैक्टरी में मौके पर पहुंचकर जांच के बाद कार्रवाई में शामिल सभी पुलिसकर्मी, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के बयान भी लिए जाएंगे।
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यह है मामला
20 अगस्त को परतापुर थाना क्षेत्र के औद्योगिक एरिया में स्थित गणपति पेट्रो और पारस केमिकल फैक्टरी पर छापा मारा गया था। जहां से करीब 2.20 लाख लीटर नकली तेल बरामद होने का दावा पुलिस ने किया था। पुलिस ने गणपति पेट्रो केमिकल के मालिक प्रदीप गुप्ता, आकाश गर्ग, आनंद प्रकाश, रविंद्र कुशवाहा, राजवीर, राजकुमार और पारस केमिकल के मालिक राजीव जैन, श्वेत, उमेश, तफशीराम को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। राजीव जैन पर रासुका लगी थी, लेकिन गृहमंत्रालय और एडवाइजरी बोर्ड ने रासुका को अस्वीकार कर दिया था।
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इन पर हुई थी कार्रवाई
छापेमारी के अगले दिन एसएसपी अजय साहनी ने टीपीनगर इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार गौतम को निलंबित और इंस्पेक्टर परतापुर सुभाष अत्री को लाइन हाजिर कर दिया था। आपूर्ति विभाग के एआरओ आनंद प्रभु व मनोज कुमार पर गाज गिरी थी। बाद में शासन ने डीएसओ मेरठ विकास गौतम का भी मुजफ्फरनगर ट्रांसफर कर दिया था, लेकिन जब उन्होंने ज्वाइन नहीं किया तो निलंबित कर दिया गया था।
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