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अहिंसा दया जैन धर्म की मूल आत्मा : ऋतुराज

Thu, 11 Jun 2026 06:56 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 06:56 PM IST
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Non-violence and compassion are the core soul of Jainism: Rituraj
रेलवे रोड स्थित जैन धर्मशाला में शुरू हुआ पांच दिवसीय शिक्षण शिविर
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रेलवे रोड स्थित जैन धर्मशाला में जैन मिलन सिद्धार्थ के तत्वावधान में पांच दिवसीय जैन शिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में सदर की स्वीटी दीदी ने श्रद्धालुओं को जैन धर्म के मूल सिद्धांतों एवं मोक्ष मार्ग का ज्ञान कराया।
स्वीटी दीदी ने कहा कि मनुष्य जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होकर ही मोक्ष प्राप्त कर सकता है। यदि व्यक्ति शरीर को अपना मानता है तो वह संसार के बंधनों में उलझा रहता है। आत्मा को अपना मानने वाला व्यक्ति एक दिन मोक्ष का अधिकारी बनता है। उन्होंने बताया कि अहिंसा और दया जैन धर्म की मूल आत्मा हैं तथा जो इन सिद्धांतों का पालन करता है वही सच्चा जैन अनुयायी कहलाता है। सुरेश जैन ऋतुराज ने बताया कि यह शिक्षण शिविर आगामी पांच दिनों तक प्रतिदिन इसी स्थान पर आयोजित किया जाएगा। इसमें धर्म, अध्यात्म और आत्मकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
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शिविर का उद्घाटन मुकेश जैन ने किया। दीप प्रज्ज्वलन नवीन जैन, कार्यक्रम के अध्यक्ष सौरभ जैन सर्राफ रहे। इस अवसर पर अक्षय जैन, प्रमोद जैन, प्रवीण जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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