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बवालियों का ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट नहीं बनेगा  

Fri, 02 Jun 2017 02:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Fri, 02 Jun 2017 02:39 AM IST
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no licence and passport for protesters
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

छोटी या बड़ी घटनाओं को लेकर जाम लगाकर बवाल करने वालों से पुलिस अब प्रभावी तरीके से निपटेगी। इन बवालियों के ड्राइविंग लाइसेंस, शस्त्र लाइसेंस और पासपोर्ट नहीं बनेंगे। पुलिस ऐसे बवालियों की सूची जिला प्रशासन को सौंपेगी। एडीजी जोन ने सभी जिलों के कप्तानों को सर्कुलर जारी किया है।

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पुलिस अफसरों के अनुसार कोई हत्या या हादसा होने पर मांगों को लेकर लोग बेवजह सड़क जाम करते हैं। जिससे जनमानस प्रभावित होता हैं। राजनीति चमकाने के चक्कर में कुछ लोग जाम की आड़ में तोड़फोड़ और आगजनी तक कर देते हैं। पीड़ित समझकर पुलिस उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती थी। लेेकिन अब ऐसा नहीं होगा। एडीजी मेरठ जोन आनंद कुमार ने मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़ व बुलंदशहर जिलों के कप्तानों को सर्कुलर जारी किया है। जिसमें निर्देश दिए है कि जाम लगाकर बवाल करने वालों की पुलिस वीडियोग्राफी कर उनके नामों की सूची प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजे। बवालियों के खिलाफ चार्जशीट तो लगेगी। लेकिन अब उनके ड्राइविंग लाइसेंस, शस्त्र लाइसेंस और पासपोर्ट भी नहीं बनने देंगे।
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कंप्यूटर में फीड होंगे बवाली 
आरटीओ, प्रशासनिक और पुलिस विभाग समेत कई विभागों के ऑनलाइन रिकॉर्ड में ऐसे बवालियों के नाम फीड किए जाएंगे। ताकि जब भी कोई सरकारी कागज बने तो संबंधित व्यक्ति के रिकॉर्ड की जानकारी हो जाए। डीएल, शस्त्र लाइसेंस या पासपोर्ट बनवाने में अयोग्य पाए जाने पर इसका अहसास होना चाहिए कि बवाल काटने में कितना नुकसान हो सकता हैं। 
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कचहरी की सुरक्षा बढ़ाओ, कुख्यातों पर रखो नजर
जेल में बैठे अपराधी अपने गुर्गों से लूट और हत्या कराने के अलावा रंगदारी वसूल रहे हैं। कचहरी में पेशी के दौरान अपराधियों को खुली छूट देने की शिकायतें आती हैं। वेस्ट यूपी में गैंगवार की आशंका भी बढ़ रही है। इसको देखते हुए एडीजी ने कचहरी की सुरक्षा मजबूत बनाने के लिए जोन के सभी कप्तानों को निर्देश दिए हैं। 


एडीजी आनंद कुमार ने सर्कुलर जारी कर कप्तानों को निर्देश दिए कि कचहरी में पुलिस मुस्तैद होनी चाहिए। पेशी पर आने वाले कुख्यात अपराधियों की जानकारी संबंधित थानेदार को होनी चाहिए। मुख्यद्वार पर एसपी और सीओ चेकिंग करके संदिग्ध लोगों की तलाशी लें। कचहरी परिसर में कोई घटना होने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं। अब अगर कचहरी में घटना होती है तो उसके जिम्मेदार संबंधित थानेदार और सीओ होंगे। कुख्यातों की गतिविधियों की जानकारी कर कचहरी में फोर्स बढ़ाई जाए। जिन बदमाशों में गैंगवार चल रही है, उनसे मुलाकात करने आने वालों पर प्रतिबंध लगाया जाए।

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