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प्रियंका की मौत का मामला : नौ दिन की काउंसलिंग पूरी, उदयभानु में नहीं दिखी असामान्य गतिविधि

Sun, 26 Apr 2026 02:23 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Apr 2026 02:23 AM IST
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Nine days of counselling completed, no unusual activity observed in Udaybhanu
माई सिटी रिपोर्टर
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मेरठ। प्रियंका विश्वास की मौत के बाद उसके शव के साथ रहने वाले पिता उदयभानु विश्वास (76) की मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में नौ दिन की काउंसलिंग शनिवार को पूरी हो गई। फिलहाल अब तक चिकित्सकों की टीम को उसमें कोई असामान्य गतिविधि नहीं दिखी है। काउंसलिंग पूरी होने के बाद अगर रिपोर्ट सामान्य रहती है तो उदयभानु के खिलाफ शव छिपाने या लापरवाही बरतने की धारा में प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।
सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ला निवासी माध्यमिक शिक्षा परिषद से सेवानिवृत्त लिपिक उदयभानु विश्वास के घर से 10 अप्रैल की रात उनकी बेटी का कंकाल में तब्दील शव बरामद किया गया था। तब जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। उदयभानु ने बताया कि उसकी बेटी प्रियंका पीलिया से पीड़ित थी। उसने बेटी को झाड़-फूंक करने वाले शकील को कई बार दिखाया था। पुलिस की जांच में पता चला है कि 26 नवंबर के आसपास प्रियंका की मौत हुई थी। पांच दिन उदयभानु शव के साथ रहा और फिर हरिद्वार चला गया।
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कुछ दिन हरिद्वार में रहने के बाद उदयभानु मेरठ आया और फिर से बेटी के शव के साथ घर में रहा। इसके बाद वह पांच दिसंबर को वह दोबारा हरिद्वार गया था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले परिजनों ने उसे जाते हुए देखा था। कहा जा रहा है कि इसके बाद भी उदयभानु मेरठ आया था और बेटी के शव के साथ रह रहा था। उदयभानु के मोबाइल से मिले चिकित्सकों के पर्चे के आधार पर पुलिस उदयभानु को मानसिक बीमार होने की आशंका जता रही थी। इसके चलते उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। उदयभानु को 10 दिन के लिए मनोरोग विभाग में भर्ती कराया गया था।
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उदयभानु की डीएनए रिपोर्ट से कंकाल का मिलान होना बाकी


चार-पांच माह तक प्रियंका का शव घर में रहने के कारण उसके अंग नष्ट हो गए थे। इसके चलते पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। यहां तक कि यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया कि शव प्रियंका ही था। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने प्रियंका के जबड़े से दांत और उदयभानु के रक्त का नमूना डीएनए टेस्ट के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। सीओ कैंट नवीना शुक्ला का कहना है कि अभी डीएनए रिपोर्ट नहीं आई है। मनोरोग विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी या नहीं।

कोट

उदयभानु की मनोरोग विभाग में काउंसलिंग की जा रही है। मानसिक परीक्षण किया गया है। व्यवहार और रहन-सहन की निगरानी की गई है। सवाल-जवाब भी पूछे गए हैं। अब तक कोई असामान्य गतिविधि नहीं दिखी है। हालांकि काउंसलिंग पूरी होने के बाद ही अंतिम रिपोर्ट दी जाएगी।
डॉ. तरुण पाल, प्रभारी मनोरोग विभाग, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज
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