Nikay Chunav: पहले कराई किरकिरी, फिर कांग्रेस ने 62 पार्षद प्रत्याशियों की सूची की जारी, पढ़ें-हर अपडेट
निकाय चुनाव को लेकर सियासी कलह के सुर्खियां बनने पर पार्टी की ओर से 62 प्रत्याशियों की सूची जारी की गई, जबकि पहले सभी वार्डों में पार्टी प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाने के दावे किए जा रहे थे।
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निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारे में किरकिरी होने पर आखिर कांग्रेस ने अपने 62 पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। पार्टी सभी वार्डों में अपने प्रत्याशी खड़े करने का दावा कर रही थी लेकिन 28 वार्डों में प्रत्याशी तलाश नहीं कर पाई है।
निकाय चुनाव में सभी सियासी दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। नामांकन के बाद से ही प्रत्याशी अपने पक्ष में फिजां बनाने में जुट गए हैं। सभी दल अपने तरकश से चुनावी तीर छोड़ने लगे हैं। अपनी जीत के लिए सियासी आंकड़े भी बिठाए जा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस आपसी कलह और गुटबाजी से नहीं उबर पा रही है।
हालत यह है कि 90 वार्डों में से पार्टी 28 वार्डों में प्रत्याशी नहीं तलाश कर पाई है। पार्टी ने नसीम कुरैशी को प्रत्याशी घोषित किया है। डाॅ. यूसुफ कुरैशी भी मजबूत दावेदारी कर रहे थे। उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था। एक गुट उनके पक्ष में लामबंदी में भी जुटा रहा।
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हालांकि अब डाॅ. यूसुफ कुरैशी ने साफ कर दिया है कि वह पार्टी निर्णय का स्वागत करते हैं और पार्टी प्रत्याशी की जीत के लिए पूरी मेहनत से काम करेंगे।
उधर, परविंदर सिंह ईशू के वार्ड से उनकी सिफारिश पर टिकट नहीं मिलने पर उनकी नाराजगी सामने आई और उन्होंने दो दावेदारों के चुनाव चिह्न वापस करा दिए और पार्टी आलाकमान तक शिकायत की।
सियासी कलह के सुर्खियां बनने पर पार्टी की ओर से 62 प्रत्याशियों की सूची जारी की गई जबकि पहले सभी वार्डों में पार्टी प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाने के दावे किए जा रहे थे। इस बाबत महानगर अध्यक्ष जाहिद अंसारी का कहना है कि पार्टी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।
वार्ड 41 से निर्दलीय प्रत्याशी दीपाली वर्मा ने पति ऋषिपाल सहित बुधवार को भाजपा का दामन थाम लिया। कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई और उनका स्वागत किया। ऋषिपाल ने बताया कि वह अभी तक रालोद में थे। अब उन्होंने रालोद छोड़कर भाजपा का हाथ थामा है। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष अशोक सबलोक आदि ने उनका स्वागत किया।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अवनीश काजला ने परविंदर सिंह ईशु के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए जांच बिठा दी है। उधर, ईशु ने फिर से समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवनीश काजला ने बताया कि परविंदर सिंह ईशु वार्ड 7, 9, 17, 23, 64 के लिए दावेदारों की पैरवी कर रहे थे। ऐसे में वार्ड 9, 17, 32 में सिंबल दे दिए गए। वहीं दो वार्डों में सिंबल पार्टी द्वारा
अधिकृत प्रत्याशियों को दिए गए लेकिन परविंदर ने वार्ड 7, 17 और 23 के प्रत्याशियों के सिंबल वापस कर दबाव बनाने का काम किया जो कि घोर अनुशासनहीनता है। इस प्रकरण की जांच के लिए पांच सदस्य कमेटी गठित कर दी गई है, जो अपनी रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को सौंपेगी। जांच पूरी होने तक परविंदर पार्टी की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।
उधर, परविंदर ईशु का कहना है कि उन्होंने बुधवार सुबह कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया था और फिर से समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली है। उन्होंने लखनऊ में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात भी की। परविंदर ईशु को 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा ने कैंट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि बाद में कांग्रेस के समझौते के आधार पर टिकट कांग्रेस के खाते में चला गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बुलाने की तैयारी में जुटे सपाई
सपाई नगर निकाय चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। सभा के लिए सपाई सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी मुखिया अखिलेश यादव को बुलाने की तैयारी कर रहे हैं।
सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने बताया कि कोशिश है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार प्रसार में मेरठ आएं। उनके आने से पार्टी और प्रत्याशी को मजबूती मिलेगी। सपा मजबूती से चुनाव लड़ रही है।
उन्होंने दावा किया कि जीत सपा की होगी। हालांकि अभी तक मेरठ में सपा का कोई महापौर नहीं बना है। निवर्तमान महापौर सुनीता वर्मा भी जब जीती थीं तो वह बसपा में थीं। बाद में उन्होंने सपा का दामन थामा था। वहीं, सपा में पार्षदों के टिकट को लेकर भी खमासान मचा है। जिन लोगों को टिकट नहीं मिला वह खफा हैं। कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जहां पहले एक प्रत्याशी को नाम फाइनल कर दिया गया और बाद में उसका टिकट काटकर दूसरे को प्रत्याशी बना दिया गया। इससे भी नाराजगी है।
आचार संहिता का उल्लंघन
नगर निकाय चुनाव के उम्मीदवार कस्बा सरधना में आदर्श आचार संहिता की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। देर रात तक रास्तों पर सभाओं कर प्रचार किया जा रहा है। बिना पास वाले वाहन भी प्रचार करते घूम रहे हैं।
नगर पालिका सरधना के अध्यक्ष और 25 वार्ड सभासद बनने की होड़ में उम्मीदवार आचार संहिता को भूल ही बैठे हैं। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के कई उम्मीदवारों के वाहन दिनभर मानक से अधिक आवाज के साथ लाउडस्पीकर से प्रचार कर रहे हैं। रात 10 बजे के बाद भी मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर प्रचार और सभा का शोर सुना जा सकता है। इनमें से कई वाहन प्रशासन से बिना वाहन पास लिए ही प्रचार में जुटे हैं। प्रशासन ने इन उम्मीदवारों के व्यय पर नजर रखने के लिए उड़नदस्तों का भी गठन किया है, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। एसडीएम पंकज प्रकाश राठौर का कहना है कि आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।