40 करोड़ श्रमिकों के लिए नया दौर: मेरठ में बांटी मिठाइयां, सुनील भराला बोले-अब मजदूर मजबूर नहीं, मजबूत हैं
केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए श्रमिक कानूनों पर मेरठ में पूर्व मंत्री सुनील भराला ने मजदूरों संग खुशी जताई। भराला ने कहा कि नए कानून असंगठित क्षेत्र के 40 करोड़ श्रमिकों को मजबूती देंगे और उद्योगों को पारदर्शी व्यवस्था मिलेगी।
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केंद्र सरकार द्वारा श्रमिक सुधारों के तहत लागू किए गए चार नए श्रमिक कानूनों को लेकर मेरठ में शनिवार को पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री व स्लम फाउंडेशन के संस्थापक सुनील भराला ने मजदूरों के बीच पहुंचकर मिठाइयां बांटी। इस दौरान उन्होंने नए कानूनों को श्रमिकों और उद्योगों-दोनों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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श्रमिकों के अधिकारों को बढ़ेगा दायरा, स्वास्थ्य और वेतन सरंचना सुधरेगी: भराला
सुनील भराला ने कहा कि इन कानूनों से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों सहित घरेलू मजदूर, निर्माण कर्मी, मीडिया कर्मी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लोगों को भी अधिकारों का दायरा बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि इससे श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और वेतन संरचना में सुधार होगा।
नए प्रावधानों में कार्य अवधि को 8 घंटे तय किया गया है, एक घंटे के विश्राम का प्रावधान है और अतिरिक्त समय के लिए दोगुना भुगतान तय किया गया है। साथ ही, महिलाओं को सभी शिफ्टों में काम करने की अनुमति और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी पर होगी।
भराला ने कहा कि 'इंस्पेक्टर राज' खत्म करने के लिए निरीक्षकों की ऑनलाइन नियुक्ति और फैसिलिटेटर मॉडल लागू किया गया है, ताकि उद्योगों को पारदर्शी माहौल प्रदान किया जा सके। उनके अनुसार, इससे रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा। स्लम फाउंडेशन के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश्वर डे, भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय गुप्ता और स्वयंसेवक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।