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जनता से स्वच्छता यूजर चार्ज वसूलेगा नगर निगम
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नगर निगम बजट बैठक मे बोलते पार्षद ललित नागदेव।
मेरठ।
शहर को साफ रखने के लिए नगर निगम जनता से 30 से एक हजार रुपये तक प्रतिमाह यूजर चार्ज वसूलेगा। कूड़ा जलाने वालों पर पांच से 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। ज्यादा कूड़ा उत्पादन करने वाली संस्थाओं ने अगर कूड़ा निस्तारित नहीं किया तो पांच हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना लगेगा। जिन डेयरियों में 25 से ज्यादा पशु हैं, उनसे भी पांच हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना वसूला जाएगा। इतना ही नहीं सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों को भी जुर्माना लगाकर दंडित किया जाएगा।
यह प्रस्ताव बुधवार को नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यकारिणी की पुनरीक्षित बजट बैठक में पास हुए। महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता और नगरायुक्त डॉ. अरविंद चौरसिया के संचालन में बैठक हुई। इसमें कुछ संशोधन के बाद 603 करोड़ 58 लाख रुपये का पुनरीक्षित बजट 2019-20 पास किया गया। नगर निगम प्रशासन ने यूजर चार्ज वसूली से प्रतिमाह एक करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है। इसे डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था पर खर्च किया जाएगा। यूजर चार्ज वसूली एक दिसंबर से शुरू होगी। नगरायुक्त अरविंद कुमार ने यूजर चार्ज का प्रस्ताव रखा तो पूरे सदन ने उसे पास कर दिया। नगरायुक्त ने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था पर प्रतिमाह कई करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके चलते कई विकास कार्य रुक गए हैं।
आवासीय भवनों पर प्रतिमाह यूजर चार्ज
गृहकर से छूट वाले परिवारों से - 30 रुपये
200 वर्ग मीटर तक आवासीय भवन - 80 रुपये
200 वर्ग मीटर से बड़े आवास - 100 रुपये
हाउसिंग सोसायटी व अपार्टमेंट से प्रति फ्लैट - 40 रुपये
धर्मशालाओं से - 30 रुपये
कामर्शियल भवनों पर यूजर चार्ज
100 वर्ग फीट की दुकान - 50 रुपये
100 से 200 वर्ग फीट तक - 100 रुपये
200 वर्ग फीट की बड़ी दुकान - 150 रुपये
100 छात्रों वाले पब्लिक स्कूल, कोचिंग सेंटर - 150 रुपये
100 से 500 छात्र वाले स्कूल, कोचिंग - 300 रुपये
501 से ज्यादा छात्र वाले कोचिंग सेंटर - 500 रुपये
बैंक, एलआईसी कार्यालय, गेस्ट हाउस, 10 कमरे वाला होटल, रेस्टोरेंट सभी प्राइवेट डिग्री कॉलेज, शॉपिंग सेंटर, प्राइवेट हॉस्टल - 500 रुपये
मैरिज होम, सिनेमा, क्लब, 10 कमरों से ज्यादा के होटल - 1000 रुपये
पेट्रोल पंप, पैथोलॉजी लैब, सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र- 200 रुपये
शराब की दुकान, प्राइवेट अस्पताल 20 बेड़ वाले - 500 रुपये
20 बेड से ज्यादा वाले नर्सिंग होम - 1000 रुपये
प्रदर्शनी ग्राउंड, मेला, प्रिंटिंग प्रेस, क्लीनिक, सरकारी कार्यालय, सरकारी स्कूल- 100 रुपये
मेडिकल स्टोर - 150 रुपये
बिग बाजार, मेट्रो बाजार से - 1000 रुपये
1000 वर्ग फीट तक के गोदाम, वेयरहाउस -250 रुपये
एक से 5000 वर्ग फीट तक के वेयरहाउस - 500 रुपये
शोरूम, सर्विस सेंटर, छोटे गैराज - 200 रुपये
नोट- शर्तों का अनुपालन न करने पर 20 गुना शमन शुल्क लगेगा और सालभर का एकमुश्त जमा करने पर एक माह के शुल्क की छूट मिलेगी।
कूड़ा निस्तारण प्लांट पर अकेले पड़े ललित
भाजपा पार्षद ललित नागदेव ने नगरायुक्त से गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट पर खर्च होने वाली सात करोड़ धनराशि पर सवाल किए। उन्होंने निशुल्क प्लांट लगाने वाली एक कंपनी का प्रस्ताव भी रखा। बताया कि यह कंपनी कैंट में अपने खर्च से प्लांट लगा रही है। इस पर नगरायुक्त आग बबूला हो गए। कहा कि क्या आप शहर में स्वच्छता और कूड़े का निस्तारण नहीं चाहते। ऐसा है तो मैं कल ही प्लांट का काम बंद करा दूंगा। एफसी संतोष शर्मा ने कहा कि कूड़ा निस्तारण प्लांट में अड़ंगा नहीं लगाया जाना चाहिए। इसके बाद भ्रष्टाचार के आरोप प्रत्यारोप लगने शुरू हो गए। अंत में भाजपा के ही पार्षद राजेश रुहेला, विजय सोनकर, समीर चौहान, विजय सोनकर समेत धर्मवीर, सविता, जुबैर, इकरामुद्दीन, रंगीता और कासिम ने भी ललित नागदेव के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने नगर निगम प्रशासन का पाला पकड़ लिया। साथ ही नगरायुक्त से कूड़ा निस्तारण प्लांट पर चल रही कार्रवाई आगे बढ़ाने की सलाह दी। प्लांट पर पूरा सहयोग करने का भी प्रस्ताव रख दिया।
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चीफ इंजीनियर ने रोया दुखड़ा
चीफ इंजीनियर यशवंत सिंह ने सदन के सामने अपने अधिकारों का दुखड़ा रोया। हाथ जोड़कर बोले कि मुझे इतना अधिकार तो दिया जाए कि विकास कार्य के लिए पार्षदों को आश्वासन देने की स्थिति में रहूं। 21 करोड़ की फाइलें बनी पड़ी हैं, लेकिन टेंडर की स्वीकृति नहीं दी जा रही। उनके पक्ष में पार्षद खड़े नजर आए।
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शहर को साफ रखने के लिए नगर निगम जनता से 30 से एक हजार रुपये तक प्रतिमाह यूजर चार्ज वसूलेगा। कूड़ा जलाने वालों पर पांच से 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। ज्यादा कूड़ा उत्पादन करने वाली संस्थाओं ने अगर कूड़ा निस्तारित नहीं किया तो पांच हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना लगेगा। जिन डेयरियों में 25 से ज्यादा पशु हैं, उनसे भी पांच हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना वसूला जाएगा। इतना ही नहीं सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों को भी जुर्माना लगाकर दंडित किया जाएगा।
यह प्रस्ताव बुधवार को नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यकारिणी की पुनरीक्षित बजट बैठक में पास हुए। महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता और नगरायुक्त डॉ. अरविंद चौरसिया के संचालन में बैठक हुई। इसमें कुछ संशोधन के बाद 603 करोड़ 58 लाख रुपये का पुनरीक्षित बजट 2019-20 पास किया गया। नगर निगम प्रशासन ने यूजर चार्ज वसूली से प्रतिमाह एक करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है। इसे डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था पर खर्च किया जाएगा। यूजर चार्ज वसूली एक दिसंबर से शुरू होगी। नगरायुक्त अरविंद कुमार ने यूजर चार्ज का प्रस्ताव रखा तो पूरे सदन ने उसे पास कर दिया। नगरायुक्त ने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था पर प्रतिमाह कई करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके चलते कई विकास कार्य रुक गए हैं।
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आवासीय भवनों पर प्रतिमाह यूजर चार्ज
गृहकर से छूट वाले परिवारों से - 30 रुपये
200 वर्ग मीटर तक आवासीय भवन - 80 रुपये
200 वर्ग मीटर से बड़े आवास - 100 रुपये
हाउसिंग सोसायटी व अपार्टमेंट से प्रति फ्लैट - 40 रुपये
धर्मशालाओं से - 30 रुपये
कामर्शियल भवनों पर यूजर चार्ज
100 वर्ग फीट की दुकान - 50 रुपये
100 से 200 वर्ग फीट तक - 100 रुपये
200 वर्ग फीट की बड़ी दुकान - 150 रुपये
100 छात्रों वाले पब्लिक स्कूल, कोचिंग सेंटर - 150 रुपये
100 से 500 छात्र वाले स्कूल, कोचिंग - 300 रुपये
501 से ज्यादा छात्र वाले कोचिंग सेंटर - 500 रुपये
बैंक, एलआईसी कार्यालय, गेस्ट हाउस, 10 कमरे वाला होटल, रेस्टोरेंट सभी प्राइवेट डिग्री कॉलेज, शॉपिंग सेंटर, प्राइवेट हॉस्टल - 500 रुपये
मैरिज होम, सिनेमा, क्लब, 10 कमरों से ज्यादा के होटल - 1000 रुपये
पेट्रोल पंप, पैथोलॉजी लैब, सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र- 200 रुपये
शराब की दुकान, प्राइवेट अस्पताल 20 बेड़ वाले - 500 रुपये
20 बेड से ज्यादा वाले नर्सिंग होम - 1000 रुपये
प्रदर्शनी ग्राउंड, मेला, प्रिंटिंग प्रेस, क्लीनिक, सरकारी कार्यालय, सरकारी स्कूल- 100 रुपये
मेडिकल स्टोर - 150 रुपये
बिग बाजार, मेट्रो बाजार से - 1000 रुपये
1000 वर्ग फीट तक के गोदाम, वेयरहाउस -250 रुपये
एक से 5000 वर्ग फीट तक के वेयरहाउस - 500 रुपये
शोरूम, सर्विस सेंटर, छोटे गैराज - 200 रुपये
नोट- शर्तों का अनुपालन न करने पर 20 गुना शमन शुल्क लगेगा और सालभर का एकमुश्त जमा करने पर एक माह के शुल्क की छूट मिलेगी।
कूड़ा निस्तारण प्लांट पर अकेले पड़े ललित
भाजपा पार्षद ललित नागदेव ने नगरायुक्त से गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट पर खर्च होने वाली सात करोड़ धनराशि पर सवाल किए। उन्होंने निशुल्क प्लांट लगाने वाली एक कंपनी का प्रस्ताव भी रखा। बताया कि यह कंपनी कैंट में अपने खर्च से प्लांट लगा रही है। इस पर नगरायुक्त आग बबूला हो गए। कहा कि क्या आप शहर में स्वच्छता और कूड़े का निस्तारण नहीं चाहते। ऐसा है तो मैं कल ही प्लांट का काम बंद करा दूंगा। एफसी संतोष शर्मा ने कहा कि कूड़ा निस्तारण प्लांट में अड़ंगा नहीं लगाया जाना चाहिए। इसके बाद भ्रष्टाचार के आरोप प्रत्यारोप लगने शुरू हो गए। अंत में भाजपा के ही पार्षद राजेश रुहेला, विजय सोनकर, समीर चौहान, विजय सोनकर समेत धर्मवीर, सविता, जुबैर, इकरामुद्दीन, रंगीता और कासिम ने भी ललित नागदेव के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने नगर निगम प्रशासन का पाला पकड़ लिया। साथ ही नगरायुक्त से कूड़ा निस्तारण प्लांट पर चल रही कार्रवाई आगे बढ़ाने की सलाह दी। प्लांट पर पूरा सहयोग करने का भी प्रस्ताव रख दिया।
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चीफ इंजीनियर ने रोया दुखड़ा
चीफ इंजीनियर यशवंत सिंह ने सदन के सामने अपने अधिकारों का दुखड़ा रोया। हाथ जोड़कर बोले कि मुझे इतना अधिकार तो दिया जाए कि विकास कार्य के लिए पार्षदों को आश्वासन देने की स्थिति में रहूं। 21 करोड़ की फाइलें बनी पड़ी हैं, लेकिन टेंडर की स्वीकृति नहीं दी जा रही। उनके पक्ष में पार्षद खड़े नजर आए।