{"_id":"6321c6db00c1fc5f7a3951a7","slug":"muzaffarangar-the-accused-in-the-murderous-attack-was-sentenced-to-seven-years-by-the-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarangar: जानलेवा हमले में अभियुक्त को कोर्ट ने सुनाई सात साल की सजा, पीड़ित को 16 साल बाद मिला न्याय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarangar: जानलेवा हमले में अभियुक्त को कोर्ट ने सुनाई सात साल की सजा, पीड़ित को 16 साल बाद मिला न्याय
Wed, 14 Sep 2022 05:50 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Wed, 14 Sep 2022 05:50 PM IST
सार
मुजफ्फरनगर के खतौली में छह हजार रुपये के विवाद में भाई-बहन पर 16 साल बाद पीड़ितों को न्याय मिला है। अदालत ने आरोपी को सात साल की सजा के साथ साथ अर्थदंड भी लगाया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में खतौली की शराफत कॉलोनी में 16 साल पहले छह हजार रुपये के विवाद में भाई-बहन पर किए गए जानलेवा हमले में एक अभियुक्त को सात साल कैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-13 के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने फैसला सुनाया।
विज्ञापन
एडीजीसी परविंद्र ने बताया कि वादी कल्लू ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके भाई शाहिद ने मोहल्ले के ही युसूफ को भैंस बेची थी। युसूफ पर छह हजार रुपये बकाया थे। तकादा करने पर विपक्षी रंजिश रखने लगे। दो अगस्त 2006 शाहिद अपनी बहन नवाबन के घर बैठा हुआ था।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: UP: कस्टडी से फरार नजाकत सात साल बाद गिरफ्तार, नाम बदलकर गर्लफ्रेंड के साथ घूमा, फिर बन गया बाबा
विज्ञापन
इसी दौरान विपक्षी युसूफ पक्ष ने शाहिद पर हमला कर दिया। बीच-बचाव के लिए आई नवाबन पर धारदार हथियारों से वार किए गए, जिस कारण वह गंभीर घायल हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-13 में हुई। अभियुक्त युसूफ पर दोष सिद्ध हुआ। धारा 308 में सात साल और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 452 में तीन साल और पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 324 में दो साल का साधारण कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।