पुलिस कस्टडी से भागा कुख्यात तांत्रिक नजाकत अली उर्फ पप्पू सात साल बाद एसटीएफ मेरठ ने कचहरी के पास से गिरफ्तार कर लिया। फरारी के समय वह संजय शर्मा बनकर महिला मित्र के साथ आगरा, वाराणसी, उन्नाव, बरेली, दिल्ली सहित कई शहरों में घूमता रहा। इस दौरान उसने पत्नी के नाम पर रोहिणी दिल्ली के अनुभव अपार्टमेंट में में पत्नी नसरीन आलीशान फ्लैट ले लिया और पुलिस उसे तलाश ही करती रही। इस अवधि में वह प्रयागराज के मंदिर में बाबा बनकर भी रहा।
UP: कस्टडी से फरार नजाकत सात साल बाद गिरफ्तार, नाम बदलकर गर्लफ्रेंड के साथ घूमा, फिर बन गया बाबा
पुलिस के मुताबिक नजाकत वर्ष 2020 से वह पत्नी के साथ दिल्ली के रोहिणी में संजय भारद्वाज के नाम से रह रहा था। उसकी पत्नी का मायका खरखौदा के उलधन गांव में है। नजाकत का अपनी ससुराल और मेरठ में रिश्तेदारों के यहां पर आना-जाना था। फरारी के दौरान उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म भी दिया। इसकी जानकारी लगने के बावजूद पुलिस नजाकत को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।
प्राॅपर्टी डीलर, पार्षद से लेकर तांत्रिक तक बना
पुलिस के मुताबिक नजाकत ने वर्ष 1998-99 में चौधरी चरण विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली। इसके बाद सब्जी मंडी में दो साल तक सब्जी भी बेची थी। नजाकत रसीदनगर में प्रापर्टी का काम करने के साथ एक टीवी चैनल से जुड़ गया था। वह 2007 से 2012 तक पार्षद रहा। वर्ष 2009 में सहकारी बैंक का वाइस चेयरमैन भी बना। इसके बाद अवैध हथियार रखने के आरोप में जेल चला गया। जमानत के बाद साढू सिराज के साथ मिलकर तंत्र क्रिया के नाम पर करोड़ों रुपये ठगे। वर्ष 2007 में ब्रहमपुरी थाने में रामकुमार ने, हरियाणा के हिसार, राजस्थान में मधु अग्रवाल से ठगी करने के मुकदमे भी दर्ज हुए। सिपाही इरफान ने सरकारी कार्य में बाधा का केस दर्ज कराया था।
जेल में हुई थी शाकिर से मुलाकात
वर्ष 2012 मे शकूरनगर खत्ता रोड पर बिलाल हत्याकांड में जेल जाने के बाद वहां रसीदनगर निवासी शाकिर से मुलाकात हुई। वह दुष्कर्म में वर्ष 2008 से जेल में था। उसने शाकिर की जमानत कराई। 26 सितंबर 2015 को वह कचहरी में पेशी पर आया था, तभी दोनों पुलिस वालों से सेटिंग कर महिला मित्र और शाकिर उसे फूल बाग कॉलोनी निवासी राजेंद्र प्रसाद के घर पर ले गए थे। यहां महिला मित्र के साथ अलग कमरे में चला गया और पुलिस वाले बाहर बैठे रहे। कमरे में पीछे से निकलकर शाकिर बाइक से उसे आगरा लेकर चला गया। नजाकत ने पुलिस से सेटिंग कर महिला मित्र की मदद से बिलाल के परिजनों पर प्रतापगढ़ और मेरठ के देहलीगेट थाने में मुकदमे दर्ज कराए थे। बाद में पुलिस ने एफआर लगा दी थी।
हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के शहरों में भी पहुंचा
आगरा में तीन महीने रुकने के बाद ममेरे भाई तस्लीम के पास शिमला हिमाचल प्रदेश में चला गया। सात महीने बाद हरियाणा के हिसार में परिचित बलदेव के घर आठ महीने रहा। उसके बाद राजस्थान, मिर्जापुर, सोनभद्र रहा। प्रयागराज में एक मंदिर में वाराणसी की महिला पूजा के साथ बाबा बनकर रहा। इसके बाद पश्चिम बंगाल में परिचित सुभाष घोष के यहां रहा।