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अखाड़ा बना नगर निगम, पार्षद और कर्मचारी आमने सामने

Thu, 29 Aug 2019 02:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2019 02:24 AM IST
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Municipal corporation, councilor and employees face to face in the arena
मेरठ----नगर निगम मे धरने पर बैठे कर्मचारी
मेरठ। बोर्ड बैठक के दौरान पार्षद और कर्मचारियों के बीच हुआ विवाद गहराता जा रहा है। जहां निगम के कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर तक कार्य बहिष्कार रखा। वहीं महापौर सुनीता वर्मा ने लिपिक राजेश कुमार और हरवीर के खिलाफ कार्यवाही के लिए नगरायुक्त को पत्र लिखा है।
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मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में लिपिक राजेश कुमार और हरवीर पर पार्षदों ने गालीगलौज करने का आरोप लगाया था। इस बात को लेकर खूब हंगामा हुआ था और बैठक भी स्थगित हो गई थी। बुधवार को महापौर ने कहा कि दोनों लिपिकों ने अपने साथियों के साथ सदन में घुसकर पार्षदों से अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। यह सदन की अवहेलना, कर्मचारी सेवा नियमावली व शासन द्वारा निर्धारित जनप्रतिनिधि प्रोटोकाल का उल्लंघन है। बिना अध्यक्ष की अनुमति के कोई भी व्यक्ति चाहे वह निगम का कर्मचारी ही क्यों न हो, सदन की बैठक में नहीं आ सकता।
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मेयर ने नगरायुक्त से इन सवालों का मांगा जवाब
- लिपिक राजेश, स्वास्थ्य अनुभाग, लिपिक हरवीर गृृहकर अनुभाग और इनके साथी अपने पटल का कार्य किसकी अनुमति से छोेड़कर सदन में पहुंचे।
- क्या किसी लिपिक को सदन की बैठक में बिना अनुमति के आकर पार्षदों से अभद्र व्यवहार करने का अधिकार था।
- क्या इन लिपिकों द्वारा सदन में पार्षदों के साथ किया गया व्यवहार सरकारी कर्मचारी सेवा नियमावली एवं आचरण सेवा नियमावली के अनुरूप है।
- आरोपी लिपिकों के खिलाफ आपके द्वारा कोई कार्यवाही की गई है या नहीं।
- क्या आप आरोपी लिपिकों के साथ आए उनके साथियों की पहचान करा पाए हैं या नहीं।
कार्यवाही न होने तक बोर्ड बैठक न करने का एलान
पार्षदों ने बुधवार को शास्त्रीनगर में बैठक की। निर्णय लिया कि दोनों लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई होने तक बोर्ड बैठक नहीं की जाएगी। साथ ही सदन में सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जाएं। बैठक में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष इकरामुद्दीन बालियान, जुबेर अहमद, धर्मवीर, रंजन शर्मा, आस मोहम्मद, जाहरा, शकीला, कुलदीप सैन, नाजरीन, सुमित आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी, भटकती रही जनता
मेरठ। वहीं कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण दोपहर 12 बजे तक जनता भटकती रही। जन्म मृत्यु प्रणाम पत्र नहीं बन पाए। हाउस टैक्स, जलकल, पथ प्रकाश और निर्माण विभाग में कोई काम हुआ। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि लिपिकों पर कार्रवाई हुई, तो आंदोलन किया जाएगा।

निगम कर्मचारियों ने संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में नगरायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष अनीस अहमद ने कहा कि पार्षदों को विकास के मुद्दों से नहीं भटकना चाहिए। अधिकारी और कर्मचारियों के अपमान का अधिकार किसी को नहीं है। महामंत्री आलोक शर्मा ने कहा कि नगरायुक्त के ऊपर चूड़ियां फेंकना और कर्मचारियों के साथ गालीगलौज करना असंवैधानिक कार्य है। अगर लिपिकों पर कार्रवाई की गई और चूड़ियां फेंकने वाले पार्षद के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो हड़ताल करेंगे। बैठक में बाबूराम सैनी, लोकेश शर्मा, धर्मेश कुमार, सुनील कुमार, वैभव, सतेंद्र शर्मा, नवल सिंह, कैलाश चंदोला, राजू धवन आदि मौजूद रहे।
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