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बच्चों में करें संस्कारों का संचार : मुनि श्री
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भक्तामर विधान पाठ में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु।
- फोटो : MAWANA
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति, समृद्धि के लिए 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ चल रहा है। रविवार को तीसरे दिन सर्वप्रथम विधानाचार्य सुदीप शास्त्री, विवेक शास्त्री ने पूजा अर्चना कराई।
परम पूज्य भावभूषण जी महाराज ने कहा कि श्रद्धा व भक्ति सदैव दिल से होती है। किसी में जबरदस्ती उत्पन्न नहीं की जा सकती। बच्चों में संस्कारों का संचार करें। अच्छे संस्कार ही उन्हें बुराइयों से बचाते हैं। आपका प्रयास उन्हें संतों के पास व मंदिर भेजने का होना चाहिए तभी उनमें संस्कारों का बीज बोया जा सकता है। तब श्रद्धा स्वत: की उत्पन्न होगी, जबरदस्ती नहीं करनी पड़ेगी। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन मधु जैन, लवली जैन, सिद्धार्थ जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन ललिता जैन, काव्या जैन, पार्श्व जैन ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन प्रो. कमलेश जैन बनारस, राजीव जैन, सलिल जैन ने किया। प्रश्न मंच के पश्चात विजेताओं को विपिन जैन की ओर से पुरस्कार दिए गए। मुकेश जैन, मनोज जैन, राजीव, सुभाष, प्रेम जैन, विपिन शर्मा आदि का विशेष सहयोग। क्षेत्र के अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन सराफ, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, वीरेंद्र जैन एडवोकेट, अभय कुमार जैन, किशन, प्रद्युमन कुमार जैन का विशेष सहयोग रहा।
शांतिधारा का उच्चारण किया
सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य मोतीलाल जैन, स्वर्ण कलश से अभिषेक का मोतीलाल जैन, शांतिधारा का वीरेंद्र जैन, वासु जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन रिद्धिमा जैन, आरुषि जैन, मधु जैन, ललिता जैन ने किया। आशीष शास्त्री एवं विवेक शास्त्री ने संसार के सभी जीवों के लिए शांतिधारा का उच्चारण किया।
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81 परिवारों ने कराया विधान
आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद सभी तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। रविवार को 81 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। इसमें हरनाम जैन, चंद्रसेन जैन, जयभगवान जैन, कमल जैन, प्रभा जैन, आकांक्षा, निखिल, रानू मीनल जैन, राजेंद्र जैन, गीता जैन, मुक्ति जैन, नमन जैन, अलीशा जैन, युक्ति जैन गन्नौर को शामिल होने को सौभाग्य प्राप्त हुआ। भक्तामर पाठ का शुभारंभ रेखा सेठी, गीता जैन ने संस्कृत भाषा में किया। आज विधान के मध्य विनोद एंड म्यूजिक पार्टी की मधुर लहरी पर राजीव, शैफाली जैन, अनुराग, शुभांगी जैन, विनय, मुक्ता जैन ने भजन प्रस्तुत किए।
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परम पूज्य भावभूषण जी महाराज ने कहा कि श्रद्धा व भक्ति सदैव दिल से होती है। किसी में जबरदस्ती उत्पन्न नहीं की जा सकती। बच्चों में संस्कारों का संचार करें। अच्छे संस्कार ही उन्हें बुराइयों से बचाते हैं। आपका प्रयास उन्हें संतों के पास व मंदिर भेजने का होना चाहिए तभी उनमें संस्कारों का बीज बोया जा सकता है। तब श्रद्धा स्वत: की उत्पन्न होगी, जबरदस्ती नहीं करनी पड़ेगी। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन मधु जैन, लवली जैन, सिद्धार्थ जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन ललिता जैन, काव्या जैन, पार्श्व जैन ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन प्रो. कमलेश जैन बनारस, राजीव जैन, सलिल जैन ने किया। प्रश्न मंच के पश्चात विजेताओं को विपिन जैन की ओर से पुरस्कार दिए गए। मुकेश जैन, मनोज जैन, राजीव, सुभाष, प्रेम जैन, विपिन शर्मा आदि का विशेष सहयोग। क्षेत्र के अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन सराफ, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, वीरेंद्र जैन एडवोकेट, अभय कुमार जैन, किशन, प्रद्युमन कुमार जैन का विशेष सहयोग रहा।
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शांतिधारा का उच्चारण किया
सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य मोतीलाल जैन, स्वर्ण कलश से अभिषेक का मोतीलाल जैन, शांतिधारा का वीरेंद्र जैन, वासु जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन रिद्धिमा जैन, आरुषि जैन, मधु जैन, ललिता जैन ने किया। आशीष शास्त्री एवं विवेक शास्त्री ने संसार के सभी जीवों के लिए शांतिधारा का उच्चारण किया।
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81 परिवारों ने कराया विधान
आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद सभी तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। रविवार को 81 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। इसमें हरनाम जैन, चंद्रसेन जैन, जयभगवान जैन, कमल जैन, प्रभा जैन, आकांक्षा, निखिल, रानू मीनल जैन, राजेंद्र जैन, गीता जैन, मुक्ति जैन, नमन जैन, अलीशा जैन, युक्ति जैन गन्नौर को शामिल होने को सौभाग्य प्राप्त हुआ। भक्तामर पाठ का शुभारंभ रेखा सेठी, गीता जैन ने संस्कृत भाषा में किया। आज विधान के मध्य विनोद एंड म्यूजिक पार्टी की मधुर लहरी पर राजीव, शैफाली जैन, अनुराग, शुभांगी जैन, विनय, मुक्ता जैन ने भजन प्रस्तुत किए।