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Suicide: मम्मी-पापा जा रही हूं... अब आपकी इज्जत को कुछ नहीं होगा; लोगों से कह देना-डिप्रेशन में थी

Tue, 22 Oct 2024 03:40 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 22 Oct 2024 03:40 PM IST
सार

मेरठ के गंगानगर निवासी मोहन सैनी ने कभी सपने भी नहीं सोचा था कि उनकी होनहार टाॅपर बेटी एक दिन खुद ही माैत हो गले लगा लेगी। उसने सुसाइड नोट में अपने दिल का दर्द भी बयान किया।

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Mom and Dad, I am going... now nothing will happen to your respect.
युुवती ने की आत्महत्या। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के गंगानगर थानाक्षेत्र में एनएच-34 स्थित नगला शेखू गांव में बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा खुशी (19) ने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस को छात्रा के कमरे से सुसाइड नोट मिला। जिसमें लिखा था कि मम्मी-पापा मैं आपको छोड़कर जा रही हूं। दुनिया वाले मतलबी होते हैं, किसी के सगे नहीं होते। अब आपकी इज्जत को अब कुछ नहीं होगा।

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इंचौली थाना क्षेत्र के नगला शेखू गांव में मोहन सैनी का परिवार रहता है। मोहन फिटकरी गांव स्थित पेपर मिल में काम करते हैं। उनकी इकलौती बेटी खुशी रजपुरा स्थित एफआईटी कॉलेज में बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा थी।

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सोमवार सुबह छह बजे मोहन ड्यूटी के लिए चले गए थे। मां राधा पशुओं के लिए चारा लेने चली गईं थीं। छोटा भाई गगन स्कूल जाने की लिए तैयार हो रहा था। करीब 9:30 बजे मां लौटी। उन्होेंने उपर जाकर देखा तो जिस कमरे में खुशी सोई थी, उसका दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने आवाज लगाई, परंतु अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।

कमरे में लगे बिन ग्रिल वाले जंगले की खिड़की को तोड़कर अंदर जाकर देखा तो पंखे के हुक में बंधे दुपट्टे से खुशी फंदे पर लटकी हुई थी। उसे नीचे उतारा गया। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इंचौली थाना प्रभारी नरेश कुमार पुलिस टीम के साथ पहुंचे।

मेज पर रखे रजिस्टर में सुसाइड नोट मिला। कुछ परिजनों ने शव के पोस्टमार्टम कराने का विरोध किया। लेकिन पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। खुशी की मौत की जानकारी मिलने पर उसके सहपाठी भी घर पहुंचे।

सुसाइड नोट में लिखा, कह देना डिप्रेशन में थी...
‘पापा मैं अब छोड़कर जा रही हूं, मम्मी आपको भी अब मुझसे कोई परेशानी नहीं होगी। मैंने काफी गलतियां कीं पर आपने हमेशा मुझे समझाया और प्यार किया। कभी कोई कमी महसूस नहीं होने दी। अब मैं आपसे दूर हो रही हूं, बॉय। अब आपकी इज्जत को भी कुछ नहीं होगा।

सुसाइड नोट में आगे लिखा, यह दुनिया वाले किसी के सगे नहीं होते हैं, किसी को कुछ भी कहेंगे। यह मतलबी हैं, जब काम होगा तो बात करेंगे। अब अगर कोई आपसे मेरे बारे में पूछे तो कह देना पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था, डिप्रेशन में थी, बीटेक में फेल हो गई थी। फिर आपको कोई कुछ नहीं कहेगा।’

टॉपर बेटी ये कदम उठाएगी सोचा भी नहीं था
पिता मोहन सैनी ने बताया कि खुशी ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई सरधना स्थित नवोदय विद्यालय से की थी। इसके बाद रजपुरा स्थित एफआईटी कॉलेज में बीटेक में प्रवेश लिया था। अभी वह द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह अपने बैच की टॉपर थी। बेटी ये कदम उठा लेगी उन्होंने कभी सोचा नहीं था। उसने कभी किसी परेशानी के बारे में भी जिक्र नहीं किया।

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