रैपिड के साथ ऊंची इमारतों और बड़े संस्थानों का शहर बनेगा मेरठ, एमडीए कर रहा है प्लान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शासन का इंतजार है कि जैसे ही वहां से मंजूरी मिले, नई महायोजना वर्ष 2031 तैयार करने पर काम शुरू कर दिया जाए। वर्ष 2021 में वर्तमान महायोजना समाप्त हो रही है। ऐसे में नई महायोजना दस साल के लिए बनेगी। चूंकि वर्तमान महायोजना के भी काम पूरे नहीं हो पाए तो यह माना जा रहा है कि इस बार लंबी महायोजना पर काम नहीं होगा।
नई महायोजना में रखे जाएंगे नए लक्ष्य
नई महायोजना में सबसे अहम भूमिका रहेगी कि रैपिड ट्रेन प्रोजेक्ट को शामिल किया जाए। रैपिड केलिए मिट्टी की जांच का काम चल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2024 तक यह चालू हो जाएगी। इसी साल दिसंबर माह में इस पर काम शुरू करने की बात कही जा रही है। उच्चस्तरीय बैठकों में विभिन्न निर्णय लिए जा रहे हैं।
सबसे जरूरी है कि रैपिड के एलाइनमेंट के पास कॉरिडोर विकसित करना। एजुकेशन तथा कॉमर्शियल हब बनाने पर तो विचार चल रहा है। साथ-साथ नई आवासीय कालोनियां भी डेवलेप करने का प्लान है। इस पूरे प्रोजेक्ट को इसी तरह नई महायोजना में शामिल किया गया है।
असीम हैं संभावनाएं
मोदीनगर के बाद परतापुर तक इस एलाइनमेंट के पास डेवलपमेंट की अपार संभावनाएं है। इससे आगे आएं तो शताब्दीनगर को भी इसमें शुमार करने का प्लान है। वहां अभी किसानों का विवाद है। यहीं से रिंग रोड की कनेक्टिविटी भी होनी है।
मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस वे से भी लिंक दिया जाएगा। चूंकि इस एक्सप्रेस वे पर भी तेजी से काम हो रहा है और इससे मेरठ से दिल्ली की शानदार कनेक्टिविटी हो जाएगी तो एमडीए इसका लाभ लेने की कोशिश में है। ऐसी कालोनियों को डेवलेप करने की योजना है जो एक्सप्रेस वे से कनेक्ट रहेंगी ताकि दिल्ली आने-जाने वालों को सुविधा हो सके। ऐसे लोगों की ये कॉलोनियां पहली पसंद बन सकें।
मेरठ महायोजना 2031 पर काम शुरू करने के लिए शासन से मंजूरी मांगी गई है। जैसे ही वहां से मंजूरी हो जाएगी इस पर काम शुरू करेंगे। रैपिड जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को इसमें शामिल कर इसके आसपास तमाम कॉरिडोर विकसित करने तो प्लान रहेगा ही साथ ही अन्य योजनाएं भी रहेंगी। - राजकुमार, सचिव एमडीए
ऐसे होगा विकास
- सबसे अहम शहर का फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर ) बढ़ाने पर विचार चल रहा है। एफएआर बढ़ेगा तो ऊंची इमारतें बनेंगी। ज्यादा शुल्क आएगा। एमडीए ने 1.5 से बढ़ाकर एफएआर 2.5 किया। लेकिन वह केवल अपनी योजनाओं में। निजी योजनाओं में भी एफएआर बढ़ाने की योजना है जिससे इमारतों को और ऊंचा ले जाया जा सकेगा।
- रैपिड से कनेक्ट योजनाओं में अतिरिक्त डेवलमेंट होगा
- भू उपयोग परिवर्तन किया जाएग
- कॉमर्शियल कॉरिडोर में जमीनें महंगी होगी तो वहां ज्यादा शुल्क सरकार के खजाने में जमा होगा
ये हैं रैपिड के स्टेशन
दिल्ली से लेकर मेरठ तक अब रैपिड के स्टेशन सराय कालेखां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कालोनी, डौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम।
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/