Meerut: बारिश में आधी रात गिरी मजदूर के घर की छत, आवाज सुनकर जागा परिवार, बच्चों समेत बाहर निकलकर बचाई जान
मेरठ के हस्तिनापुर के तारापुर गांव में लगातार बारिश के बीच मजदूर के मकान की छत का हिस्सा रात दो बजे गिर गया। तेज आवाज सुनकर परिवार जाग गया और बच्चों समेत बाहर निकल आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र के तारापुर गांव में लगातार बारिश के बीच बुधवार रात बड़ा हादसा होने से टल गया। यहां एक मजदूर के मकान की छत के लेंटर का हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। हादसा रात करीब दो बजे हुआ, उस समय परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे। छत का हिस्सा गिरने से पहले तेज आवाज होने पर परिवार के लोग जाग गए और बच्चों को लेकर तुरंत घर से बाहर निकल आए। इससे परिवार के सभी सदस्य बाल-बाल बच गए। हालांकि घर में रखा घरेलू सामान मलबे के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गया।
रात दो बजे अचानक भरभराकर गिरा लेंटर
तारापुर निवासी मूलचंद पुत्र गजे मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बुधवार रात मूलचंद अपनी पत्नी खुशबू और बच्चों कृष्ण व राधिका के साथ घर में सो रहे थे। रात करीब दो बजे अचानक मकान की छत के लेंटर का निचला हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। तेज आवाज सुनकर परिवार में अफरातफरी मच गई और मूलचंद व उनकी पत्नी बच्चों को लेकर तुरंत घर से बाहर निकल आए।
यह भी पढ़ें: सेंट्रल मार्केट: मकान-व्यापार बचाने का आंदोलन तेज, आवास विकास कार्यालय पर हंगामा, सरकार के भरोसे का इंतजार
समय रहते बाहर निकला परिवार, टली बड़ी अनहोनी
परिवार के मुताबिक छत गिरने से पहले आवाज होने के कारण सभी लोग जाग गए थे। कुछ ही देर में छत का हिस्सा नीचे आ गिरा। यदि परिवार समय पर बाहर नहीं निकलता तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। छत का मलबा घर के अंदर गिरने से कोई व्यक्ति उसकी चपेट में नहीं आया।
घरेलू सामान और जरूरी चीजें हुईं बर्बाद
छत का मलबा गिरने से घर में रखा सामान, कपड़े और अन्य जरूरी वस्तुएं क्षतिग्रस्त हो गईं। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले मूलचंद के सामने अब घर को सुरक्षित करने और जरूरी सामान की व्यवस्था करने की समस्या खड़ी हो गई है।
लगातार बारिश से पुराने मकानों पर बढ़ा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे कच्चे और पुराने मकानों की हालत खराब हो रही है और हादसे का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार का मौके पर निरीक्षण कराकर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। साथ ही लोगों से बारिश के दौरान पुराने और जर्जर मकानों में सावधानी बरतने की अपील की गई है।