लापरवाही की हद: छह साल में फायर स्टेशन के लिए जमीन नहीं ढूंढ पाई पुलिस, CM के पायलट प्रोजेक्ट में है शामिल
मेरठ में लापरवाही की हद : पुलिस छह साल में फायर स्टेशन के लिए जमीन नहीं ढूंढ पाई है। बताया गया कि यह मुख्यमंत्री के पायलट प्रोजेक्ट में शामिल है।
विस्तार
मेरठ जिले में पिछले छह साल से सरधना में फायर स्टेशन बनवाने के लिए अधिकारियों को जमीन ढूंढ़े से भी नहीं मिल रही है। जबकि हस्तिनापुर में जमीन चिह्नित हो चुकी है। अभी तक प्रशासन जमीन को कब्जा मुक्त नहीं करा सका है। सरधना में फायर स्टेशन बनवाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पायलट प्रोजेक्ट में शामिल है। फायर स्टेशन के लिए सीएफओ दफ्तर में मुख्यमंत्री ऑफिस से रिमाइंडर पर रिमाइंडर आ रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि तहसील स्तर पर अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम के लिए ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर फायर स्टेशन बनवाने के आदेश दिए थे। जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की सूचना पर दमकल की गाड़ी समय से पहुंचकर आग को बुझा सके और आग से होने वाले नुकसान से बच सकें।
जनपद में 2017 में सरधना तहसील और हस्तिनापुर में फायर स्टेशन बनवाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। सौ दिन के अंदर फायर स्टेशन खोलने का दावा किया गया था। लेकिन छह साल बीत गए, अभी तक अधिकारियों को सरधना में जमीन नहीं मिल पाई है। सरधना में जमीन न मिलने से फायर स्टेशन का निर्माण अधर में लटक गया है।
सरधना और हस्तिनापुर में फायर स्टेशन बनाने के लिए दोनों जगह 4200 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत है। जमीन के लिए कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। - संतोष कुमार राय, सीएफओ, मेरठ
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2022 में आग लगने के आंकड़े
जनवरी से दिसंबर तक 664 जगह पर लगी आग
आग लगने पर इन नंबरों पर दें सूचना
आपातकालीन नंबर : 101
कंट्रोल रूम नंबर : 0121-643600, 8747
फायर विभाग में स्टाफ की स्थिति
सीएफओ - 1
एफएसओ - 2
फायरमैन - 82
लीड फायर मैन - 14
ड्राइवर - 22
चार फायर स्टेशनों पर गाड़ियों की स्थिति
पुलिस लाइन 6 गाड़ी
परतापुर 4 गाड़ी
मवाना 3 गाड़ी
घंटाघर 2 गाड़ी
सरधना 1 गाड़ी