मेेरठ : नौ विशेषज्ञ तय करेंगे शहर का नया स्वरूप, 21 सप्ताह में बनाना है प्लान
शहर के चौराहों पर बढ़ते वाहनों के कारण चौराहों पर जाम की स्थिति बनती रही है। विशेषज्ञों की टीमें इस जाम से लेक रैपिड रेल एलाइनमेंट के आसपास होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों का भी डाटा तैयार करेंगी।
विस्तार
चौराहों पर जाम से लेकर औद्योगिक विकास का होगा अध्ययन
- शहर के चौराहों पर बढ़ते वाहनों के कारण चौराहों पर जाम की स्थिति बनती रही है। विशेषज्ञों की टीमें इस जाम से लेक रैपिड रेल एलाइनमेंट के आसपास होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों का भी डाटा तैयार करेंगी। इसके अलावा परतापुर औद्योगिक क्षेत्र, बागपत रोड, मवाना रोड पर स्थित औद्योगिक गतिविधियों का ब्योरा जुटाया जाएगा।
फार्मूला-9 पर ऐसे काम करेंगे विशेषज्ञ
1. टीम लीडर - शहरी योजना : सबसे प्रमुख भूमिका टीम लीडर की होगी। यही सहयोगी विशेषज्ञों को जरूरी दिशा निर्देश देगा।
2. बाजार विशेषज्ञ एवं अर्थशास्त्री : व्यापारिक गतिविधियों पर अर्थशास्त्री और बाजार विशेषज्ञ अध्ययन करेंगे। कहां से कितना राजस्व मिल सकता है, इसका भी अध्ययन होगा।
3. इंफ्रास्ट्रक्टर प्लानिंग : पर्यटन, स्मार्ट सिटी सहित अन्य विशेषज्ञ सिविल इंजीनियर और दस वर्षों के अनुभव के तौर पर डाटा तैयार करेंगे।
4. पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज यूटिलिटी सहित अन्य सुविधाओं का विश्लेषण विशेषज्ञ करेंगे।
5. शहरी यातायात : शहर को चारों तरफ से जोड़ने के लिए पार्किग, यातायात के साथ ही वाहन संचालन की बेहतर व्यवस्था का सर्वे होगा।
6. नए डिजाइन पर काम : शहर के प्रमुख स्थलों के नए सिरे से डिजाइन के लिए विशेषज्ञ अलग-अलग आंकलन करेंगे।
7. हेरिटेज एंड टूरिज्म : अंतरर्राष्ट्रीय स्तर के एतिहासिक स्थलों की तरह शहर के स्थलों को पहचान देने के लिए जरूरी बिंदुओं पर काम होगा।
8. सोलर एंड एनर्जी : बिजली खपत कम करने के लिए शहर में अधिक से अधिक सोलर एंड एनर्जी पर कार्य किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञ कई तकनीकों के साथ ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे।
9. वित्तीय प्रबंधन : शहर में नगर निगम, प्राधिकरण आदि वित्तीय विभागों से आने वाले धन पर एक रिपोर्ट तैयार होगी।
नवंबर माह में ही कंपनी इस पर कार्य शुरू कर देगी। मेरठ में कार्यालय बनाकर ही कार्य करना होगा। इसके लिए एमडीए परिसर या अन्य शहर में किसी भी स्थान पर कार्यालय लिया जा सकता है - इश्तियाक अहमद, मुख्य नगर नियोजक