मेरठ जिले में इस समय 32 में से 28 जगहों पर लाखों घन मीटर मिट्टी का अवैध खनन हो रहा है। रात गहराते ही जेसीबी चलने लगती हैं तो डंफर दौड़ने लगते हैं। जिले के अधिकांश थाना क्षेत्रों में या तो खनन हो रहा है या फिर उस थाना क्षेत्र से सेटिंग के जरिये मिट्टी भरे डंफर गुजर रहे हैं। लेकिन किसी जिम्मेदार की नजर इस पर नहीं है।
रात होते ही यहां घनघनाने लगती हैं जेसीबी, दौड़ते हैं डंफर दनादन, साठगांठ से हो रहा अवैध मिट्टी खनन
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गाजियाबाद के अधिकारी अतिरिक्त कार्यभार देख रहे हैं। जिसका फायदा उठाकर माफिया सक्रिय हैं। खनन वाले क्षेत्र से लेकर जहां तक मिट्टी जाती है, उस क्षेत्र के बीच पड़ने वाले सभी थानों से सेटिंग करने वाले खनन माफियाओं के डंफर पूरी रात दौड़ते हैं। छोटे माफिया सेटिंग नहीं कर पाने से चोर रास्तों से डंफर ले जा रहे हैं।
अमर उजाला टीम ने हापुड़ रोड से गढ़ रोड के बीच और किला रोड से मवाना रोड के बीच पड़ताल की। रात में करीब एक बजे भावनपुर थाना क्षेत्र के मेदपुर गांव के जंगल में खनन हो रहा था। यहां से डंफर मिट्टी भरकर दतावली, गोकलपुर, गढ़ रोड से नोबल पब्लिक स्कूल के पास से गुजर रहे बाईपास पर होते हुए सराय काजी और काजीपुर होते हुए हापुड़ रोड पर पहुंचा।
जबकि एक डंफर पचपेड़ा से खनन करके किला रोड होते हुए अब्दुल्लापुर से गंगानगर डिवाइडर रोड होते हुए मवाना रोड की तरफ जाता नजर आया। इन डंफरों की कहीं भी पुलिस ने चेकिंग नहीं की। यह सारी मिट्टी प्राइवेट कालोनियों के साथ बन रहे अन्य भवनों के भराव में जा रही थी।
सबसे ज्यादा खनन बागपत और रोहटा रोड पर चल रहा है। बागपत रोड पर डालूहेड़ा, रवा गांव, उकसिया, सलारपुर, टिमकिया, नेक, घाट, पीपलीखेड़ा, किठौली, रसूलपुर जाहिद, बिजौली, मुंडाली, गेसूपुर दतावली, अलीपुर, मदारपुर, उलकपुर रोड सैनी गत्ता फैक्टरी, सलारपुर-जलालपुर, कैली (सकौती), सैनी (नंगला शेखू), कुलंजन मानपुरी, सठला (मवाना), खजूरी, पचपेड़ा, मेदपुर, दौराला-शाहीपुर, किठौर थाना के छोटा श्यामपुर, नंगलामल और मुंडाली थाना क्षेत्र के अटौला में अवैध खनन हो रहा है।
जनपद में खनन की सिर्फ चार अनुमति है। इनमें एक एनएच-58 पर चल रहे निर्माण कार्य के लिए है तो दूसरी लावड़-सोफीपुर मार्ग निर्माण की है। जबकि दो अनुमति अलग-अलग बेसमेंट खोदाई की है। बाकी सभी जगहों पर पूरी तरह से अवैध खनन हो रहा है। मिट्टी भरे डंफरों के आगे खनन माफिया की गाड़ी दौड़ती है। खनन माफिया और उसके गुर्गे पूरे रास्ते चौकस रहते हैं।