UP: जिला पंचायत की बैठक में गूंजा योगेश वर्मा का नाम, मौन रहे अतुल प्रधान, CMO के खिलाफ निंदा प्रस्ताव जारी
Meerut News : जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में अनिकेत भारद्वाज और सम्राट मलिक ने पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर की जा रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई का भी विरोध किया। खास बात है कि इस दौरान सपा विधायक अतुल प्रधान मौन रहे।
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मेरठ में जिला पंचायत देहात क्षेत्र में विकसित होने वाली कॉलोनी व अन्य तरीके से बनाए जाने वाले भवनों का नक्शा पास कराने से पहले लोगों को सभी नियम कायदे पूरे करने होंगे। इसके बाद ही जिला पंचायत विभाग नक्शे पास करेगा। नियम शर्तें पूरी न करने और अवैध निर्माण करने पर जिला पंचायत मेरठ विकास प्राधिकरण की तर्ज पर कार्रवाई भी करेगा।
यह निर्णय शनिवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में लिया गया। बैठक में अनिकेत भारद्वाज और सम्राट मलिक ने पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर की जा रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई का भी विरोध किया। सपा के जिला पंचायत सदस्य अपनी पार्टी के पूर्व विधायक के खिलाफ पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते रहे और यहां मौजूद सरधना विधायक अतुल प्रधान चुप्पी साधे रहे। जो बोर्ड बैठक में चर्चा का विषय बना रहा।
इस दौरान सभी सदस्यों ने चीनी मिल क्षेत्रों के भूगर्भ जल खराब होने के कारण फैली कैंसर जैसी बीमारी पर अंकुश ने लगाए जाने और सीएमओ द्वारा जांच समिति गठित ने किए जाने पर नाराजगी जताई। वहीं, सभी ने एकजुट होकर सीएमओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। अनिकेत भारद्वाज ने जिला पंचायत अधिकारियों से देहात में विकसित हो रही कॉलोनियों के मानचित्र और नोटिस की कार्रवाई का रिकॉर्ड मांगा। साथ ही कहा कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से देहात में अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं, जिसके कारण जिला पंचायत विभाग को राजस्व की हानि हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
सरधना विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों से ट्यूबेल का बिल माफ करने का वादा किया था, जिसको अभी तक पूरा नहीं किया गया है। देहात के गांवों में 11 हजार की लाइन गुजर रही है, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। अतुल प्रधान ने कहा कि शहर में ट्रिपल इंजन की सरकार है, इसके बावजूद भी पूरा शहर टापू बना हुआ है। उन्होंने मुचंडी मैदान में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा लगाए जाने के प्रस्ताव पर अमल करने की मांग रखी।
राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर ने कहा कि 2017 के बाद से ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। एक समय था कि जब उत्तर प्रदेश के कई इलाकों को बिजली नहीं मिलती थी। इस नीति में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आमूल-चूल परिवर्तन किए हैं। उन्होंने कहा कि इस समय उत्तर प्रदेश में बिजली की खपत बढ़ रही है, जिसको देखते हुए 28000 मेगावाट से अधिक की बिजली आपूर्ति पर काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि मार्च 2024 तक जहां विद्युत क्षमता वृद्धि हो जाएगी और तारबंदी की जाएगी। साथ ही कहा कि किसानों से किए गए वादे भी पूरे होंगे। मंत्री ने कहा कि किसानों के ट्यूबेल बिल माफ की जाने की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय में है, जहां से शीघ्र ही निर्णय होने वाला है। जिला पंचायत सदस्यों ने रैपिड रेल के सभी स्टेशनों के नाम पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, डॉक्टर अंबेडकर, डॉक्टर अब्दुल कलाम आजाद और क्रांति गिरोह के नाम से रखने का प्रस्ताव रखा।
बोर्ड बैठक में देहात में सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता न होने का मामला भी उठाया गया। इसके साथ-साथ जिला अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में जनता के साथ हो रहे दुर्व्यवहार का मामला भी जिला पंचायत सदस्यों ने उठाया। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों के सभी प्रस्ताव पर काम किया जाएगा।
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इस दौरान जिला पंचायत की अपर मुख्य अधिकारी के एजेंडे में शामिल विकास कार्यों के सभी प्रस्तावों को सदन के सामने प्रस्तुत किया गया, जिस पर पूरे सदन ने मुहर लगा दी है। इस अवसर पर सांसद राजेंद्र अग्रवाल, एमएलसी डॉक्टर सरोजनी अग्रवाल और समस्त जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
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