Meerut: कार में विदेशी पिस्टल रखकर ठगने वाले गिरोह का खुलासा, क्राइम ब्रांच टीम का सदस्य बनाकर जमाते थे रौब
मेरठ में कार के भीतर विदेश पिस्टल रखकर पैसा हड़पने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। एसटीएफ ने एसएसपी ऑफिस के पास से ऐसी ही एक कार से विदेशी पिस्टल बरामद की है। वहीं कार को थाने भेज दिया जबकि चालक साथियों के साथ फरार बताया गया है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
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मेरठ में फॉर्च्यूनर गाड़ी बेचकर पैसा हड़पने का अपराधियों का नया तरीका देखने को मिला है। एक गिरोह के सदस्य डैसबोर्ड में विदेशी पिस्टल रखकर कार बेच देते हैं और खुद क्राइम ब्रांच वाले बनकर गाड़ी को पकड़ लेते हैं। फिर जेल भेजने का डर दिखाकर तीन से चार लाख रुपये लेकर समझौता कर लेते हैं। मंगलवार को एसटीएफ ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया। एसटीएफ ने फॉर्च्यूनर और विदेशी पिस्टल बरामद कर ली, लेकिन आरोपी साथियों के साथ फरार हो गया। अब एसटीएफ और पुलिस आरोपियों की तलाश में किठौर में दबिश दे रही है।
मामला एसएसपी ऑफिस के सामने का है। यहां अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी खड़ी कर असीलपुर गांव किठौर निवासी नदीम कचहरी में अपने साथियों के साथ चला गया था। पुलिस के मुताबिक नदीम ने अपनी कार बेच दी। इसका विक्रय पत्र बनवाने के लिए कचहरी गए थे।
नदीम ने गाड़ी के डैसबोर्ड में विदेशी पिस्टल (स्पेन) रख दी, ताकि गाड़ी खरीदने वाले जैसे ही विक्रय पत्र लेकर चलेंगे तो उनको फर्जी क्राइम ब्रांच की टीम वाले पकड़ लेंगे। आरोपी इस घटना को अंजाम देते इससे पहले ही एसटीएफ ने कार को लावारिस हालत में बताकर पकड़ लिया और तलाशी के दौरान डैसबोर्ड से विदेशी पिस्टल भी बरामद कर ली।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि इस तरह कार बेचकर पैसा हड़पने की शिकायहें एसटीएफ को मिली थीं। एक आरोपी के मोबाइल नंबर की डिटेल खंगाली तो गिरोह की जानकारी लगी। इस गिरोह में नदीम बेहद शातिर है। वह पहले भी इस तरह लोगों से रकम हड़प चुका है।
नदीम के खिलाफ अलग-अलग थामों में धोखाधड़ी के पांच केस दर्ज हैं। लालकुर्ती थाना प्रभारी नरेश कुमार के जन्मदिन पर नदीम द्वारा केक काटने और सेल्फी लेने का वीडियो भी छह महीने पहले किठौर से वायरल हुआ था। उस समय नरेश कुमार किठौर थाने की हाईफन पुलिस चौकी इंचार्ज थे। नदीम और उसके साथियों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।
फॉरर्च्यूनर के 10 से ज्यादा चालान
पुलिस ने फॉरर्च्यूनर की डिटेल निकाली। इसमें पता चला कि मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और गाजियाबाद में गाड़ी के 10 से ज्यादा चालान कटे हैं। इसके बाद पुलिस ने नदीम की कुंडली खंगाली। जानकारी मिली कि कार बेचकर पैसा हड़पने के लिए पहले भी ऐसी वारदात की गई हैं। पुलिस का कहना कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई राज खुलेंगे।
क्राइम ब्रांच टीम का सदस्य बनाकर जमाते थे रौब
आरोपी क्राइम ब्रांच टीम का सदस्य बनकर चेकिंग करते थे। जैसे ही विदेशी पिस्टल दिखती थी, तभी उनको जेल भेजने की बात कहकर धमकाते थे। इसी दौरान पैसे की सांठगांठ करते थे। किठौर में कई लोगों को यह गिरोह ठग चुका है। गिरोह में कोई पुलिसकर्मी तो नहीं है, इसकी जांच की जा रही है।
गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा मद्देनजर एसटीएफ भी अलर्ट है। लावारिस फॉरर्च्यूनर गाड़ी एसएसपी ऑफिस के पास खड़ी थी। चेकिंग की तो उसके विदेशी पिस्टल मिली। सिविल लाइन पुलिस को बुलाकर गाड़ी थाने भेज दी। जांच की, जिसमें एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। नदीम की गिरफ्तारी के बाद खुलासा करेंगे। - बृजेश सिंह, एएसपी एसटीएफ