अलाया अपार्टमेंट हादसा: इमारत में शाहिद मंजूर के दो फ्लैट, जमीन में भी हिस्सेदारी, बेटे से एसओजी ने की पूछताछ
राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके के पांच मंजिला अलाया अपार्टमेंट के ढह जाने की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। पांच मंजिला यह इमारत गिरी है, उसमें शाहिद मंजूर के दो फ्लैट हैं।
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लखनऊ के हजरतगंज में जो पांच मंजिला इमारत गिरी है, वह बिल्डिंग तो फहद यजदानी बिल्डर ने बनाई थी, मगर यह जमीन पूर्व कैबिनेट मंत्री और फिलहाल किठौर से सपा विधायक शाहिद मंजूर की हिस्सेदारी है। जमीन इनके भतीजे तारिक के नाम है। इसमें दो फ्लैट शाहिद मंजूर को भी मिले हैं। हालांकि उनके परिवार का कोई सदस्य हादसे के वक्त वहां नहीं था।
इस मामले में मेरठ एसओजी मंगलवार देर रात तक शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश को हिरासत में ले लिया। देर रात उन्हें लेकर पुलिस लखनऊ रवाना हो गई। नवाजिश ने बताया कि 17 साल पहले इस जमीन पर यजदानी बिल्डर से करार हुआ था। इस पर बिल्डिंग बिल्डर ने बनाई थी, जिसमें से दो फ्लैट उनको भी दिए थे।
एक फ्लैट में उनके पिता और एक में उनकी बहन भी रही हैं। जब सरकारी आवास मिल गया तो दोनों वहां से चले गए। नौ माह से वहां कोई नहीं रह रहा है। इस दौरान एसओजी कार्यालय पर नवाजिश के समर्थक भी मौजूद रहे।
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2017 में बिजनौर से चुनाव लड़े थे यजदानी
फहद यजदानी वर्ष 2017 में बिजनौर जिले की बढ़ापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। 50, 684 वोट पाकर वह तीसरे स्थान पर रहे थे। स्थानीय बसपा नेताओं का कहना है कि फहद यजदानी बिल्डर हैं और लखनऊ के रहने वाले हैं। चुनाव लड़ने से तीन चार महीने पहले यजदानी बिजनौर आए थे। उन्होंने अफजलगढ़ में अपना कार्यालय बनाया था।
चुनाव हारने के बाद उनका क्षेत्र से कोई वास्ता नहीं रहा। 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। यजदानी ने नामांकन के समय दिए गए शपथ पत्र में अपनी शैक्षिक योग्यता आठवीं पास बताई थी। अपना व्यवसाय कंस्ट्रक्शन और बिल्डर बताया था।
पूछताछ की जा रही : एसएसपी
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि लखनऊ से मामला संज्ञान में आया है, जिसमें पूछताछ की जा रही है।