चिंता: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उल्देपुर की अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई का खौफ, प्लॉट-मकान खरीदार परेशान
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उल्देपुर में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है। यहां जीवनभर की कमाई लगाकर प्लॉट और मकान खरीदने वाले लोग भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
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सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उल्देपुर में अवैध कॉलोनियों पर कभी भी कार्रवाई हो सकती है। यहां प्लॉट और मकान खरीदने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। शीर्ष अदालत ने उल्देपुर में विकसित अवैध कॉलोनियों पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां अस्तित्व में कैसे आ गईं।
उल्देपुर क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से खेतों की जमीन पर कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। रुड़की रोड पर थर्ड माइलस्टोन से लावड़ जाने वाले मार्ग पर 50 से अधिक अवैध कॉलोनियां चिह्नित हुई थीं। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उल्देपुर में सैकड़ों अवैध कॉलोनियों का मामला भी सामने आया।
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अब कार्रवाई की तलवार उन लोगों पर भी लटक गई है। इन लोगों ने जीवन भर की कमाई लगाकर प्लॉट, मकान या दुकान खरीदी है। कई लोगों ने बैंक से लोन लेकर मकान बनाए हैं। कुछ ने दुकान खरीदकर कारोबार शुरू करने की तैयारी की थी।
लोगों का कहना है कि यदि निर्माण और प्लॉटिंग अवैध थी, तो इसे शुरुआत में ही क्यों नहीं रोका गया। कार्रवाई होने की स्थिति में उनकी जमा पूंजी और सिर छिपाने की जगह दोनों खतरे में पड़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई का दायरा बढ़ने के संकेत हैं। स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता उनके भविष्य को लेकर है।
मेडा पहले गंभीर होता तो नहीं बसतीं कॉलोनियां: स्थानीय लोग
एक साल पहले दुकान खरीदी थी, वेल्डिंग का काम करते हुए लोन भी लिया था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कारोबार को लेकर चिंतित हैं। -राहुल
दो साल पहले प्लॉट खरीदकर लोन लेकर मकान बनाया था। अब कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई का खतरा है। हमारा परिवार परेशान है। -अशोक
पति मोबाइल का काम करते हैं और पूरी जमा पूंजी मकान में लगाई है। कार्रवाई हुई तो हमारा परिवार सड़क पर आ जाएगा। -पूनम रानी, गृहिणी
किराये से निकलकर मुश्किल से लोन लेकर अपना मकान बनाया था, अब घर बचाने की चिंता है। -गजराज सिंह
मेडा पर मिलीभगत के आरोप
बिल्डरों ने लोगों को पूरे सब्जबाग दिखाकर कॉलोनियां शुरू कीं। एमडीए की टीम समय-समय पर आती रही, लेकिन सेटिंग कर कॉलोनियां कटवाती रही। कुछ बिल्डरों ने सेटिंग से तो कुछ ने राजनीतिक रसूख का लाभ उठाया। लावड़-सोफीपुर मार्ग पर दोनों ओर कॉलोनियां काटकर नया मोदीपुरम बसा दिया गया। अब उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने पूरी कमाई लगाकर या कर्ज लेकर यहां मकान, दुकान या प्लॉट लिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि एमडीए पहले ही गंभीर होता तो यह कॉलोनियां नहीं बसतीं।