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Meerut: 14 मीटर चौड़ा होगा बिजली बंबा बाईपास, जमीन देने को तैयार नहीं हुए किसान, अब रजबहे के ऊपर बनेगी सड़क
Tue, 04 Mar 2025 11:48 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
संकल्प रघुवंशी, मेरठ
संकल्प रघुवंशी, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 04 Mar 2025 11:48 AM IST
सार
मेडा ने बंबे के दूसरी ओर सड़क बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन किसानों ने जमीन देने से इंकार कर दिया। इसलिए अब नया प्लान बनाया गया है।
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बिजली बंबा बाईपास
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए अब बिजली बंबा बाईपास को वायाडक्ट बनाकर 14 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए मेडा ने सिंचाई विभाग को पत्र जारी करते हुए पूरा ब्यौरा मांगा है। इससे जाम से मुक्ति मिलेगी और हादसों में कमी आएगी। यहां से प्रतिदिन गुजरने वाले लगभग 90 हजार वाहन चालक और सवारों को राहत मिलेगी। इससे पहले नियोजन विभाग की ओर से 500 से ज्यादा किसानों को नोटिस भेजकर बंबे के दूसरी ओर की जमीन लेकर मार्ग चौड़ा करने की योजना थी। किसानों के इन्कार करने पर नया प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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दिल्ली रोड पर रैपिड कॉरीडोर के कारण दिनभर जाम के हालात बने रहते हैं। ऐसे में हापुड़ रोड को दिल्ली रोड से जोड़ने वाला बिजली बंबा बाईपास शहर की लाइफ लाइन के तौर पर अधिक इस्तेमाल होने लगा है। रैपिड के काम से पहले जहां यहां से रोजाना दिनभर में 35 से 40 हजार वाहन गुजरते थे, तो वहीं अब यह आंकड़ा 90 हजार तक पहुंच गया है। हापुड़ रोड व दिल्ली रोड को जोड़ने वाले इस मार्ग की लंबाई साढ़े सात किमी है। वाहनों के भारी दबाव के कारण इसे चौड़ा किया जाना बेहद जरूरी हो गया है।
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मेडा ने रोड वाइडनिंग के तहत बंबे के दूसरी ओर सड़क बनाने की मंशा से किसानों से वार्ता शुरू की थी। किसानों को मुआवजे के स्थान पर निर्माण के लिए एफएआर में छूट का प्रावधान किया गया था। वह इस छूट का प्रयोग अन्य योजना में भी कर सकते थे। सीधे तौर पर कहें तो चार मंजिला भवन का नक्शा स्वीकृत कराकर इससे अधिक मंजिल निर्माण किया जा सकता था। किसान खुद इसका लाभ ले सकते थे और किसी बिल्डर को भी यह अधिकार अपनी तरफ से दे सकते थे। कई दौर की वार्ता के बावजूद अधिकांश किसान जमीन देने को तैयार नहीं हुए। ऐसे में अब रजबहे में वायाडक्ट बनाकर मार्ग चौड़ा करने का प्रस्ताव बनाया गया है। इसमें बीच-बीच में ऐसी व्यवस्था होगी कि सफाई की जा सके। सिंचाई विभाग से ब्यौरा मांगा गया है, जिसके बाद इसका एस्टीमेट तैयार किया जाएगा।
12 साल पहले भी बना था प्रस्ताव
बिजली बंबा बाईपास को चौड़ा करने के लिए रजबहे को पाटने और फिर ह्यूज पाइप डालने को लेकर 2012-13 में प्रस्ताव बना था लेकिन परवान नहीं चढ़ सका। सिंचाई विभाग दावा करता है कि बंबे से खेतों में सिंचाई होती है। वहीं रजबहे पर स्वामित्व भी विभाग नहीं छोड़ना चाहता। अब प्राधिकरण अफसर शासन स्तर पर पैरवी करके इस प्रस्ताव को मंजूर कराने में जुट गए हैं।
बिजली बंबा बाईपास को चौड़ा करने के लिए रजबहे को पाटने और फिर ह्यूज पाइप डालने को लेकर 2012-13 में प्रस्ताव बना था लेकिन परवान नहीं चढ़ सका। सिंचाई विभाग दावा करता है कि बंबे से खेतों में सिंचाई होती है। वहीं रजबहे पर स्वामित्व भी विभाग नहीं छोड़ना चाहता। अब प्राधिकरण अफसर शासन स्तर पर पैरवी करके इस प्रस्ताव को मंजूर कराने में जुट गए हैं।
बंबे के ऊपर सड़क बनाकर होगा चौड़ा
किसानों से वार्ता कर रोड वाइडनिंग की जमीन पर सड़क बनाते हुए बिजली बंबा बाईपास को चौड़ा किया जाना था। इस पर किसानों से कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन अधिकांश सहमत नहीं हुए। अब रजबहे पर वायाडक्ट बनाकर इसे चौड़ा किया जाएगा। इसमें बीच-बीच चेंबर जैसी व्यवस्था की जाएगी ताकि जरूरत पड़ने पर सफाई होती रहे। अभी सात मीटर तक सड़क की चौड़ाई है, जो बाद में 14 मीटर तक हो जाएगी।
- विजय कुमार सिंह, मुख्य नगर नियोजक
किसानों से वार्ता कर रोड वाइडनिंग की जमीन पर सड़क बनाते हुए बिजली बंबा बाईपास को चौड़ा किया जाना था। इस पर किसानों से कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन अधिकांश सहमत नहीं हुए। अब रजबहे पर वायाडक्ट बनाकर इसे चौड़ा किया जाएगा। इसमें बीच-बीच चेंबर जैसी व्यवस्था की जाएगी ताकि जरूरत पड़ने पर सफाई होती रहे। अभी सात मीटर तक सड़क की चौड़ाई है, जो बाद में 14 मीटर तक हो जाएगी।
- विजय कुमार सिंह, मुख्य नगर नियोजक