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महंगी हुई मैनेजमेंट की पढ़ाई
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महंगी हुई मैनेजमेंट की पढ़ाई
मेरठ। देशभर में मैनेजमेंट की पढ़ाई महंगी हो गई है। देश के सभी आईआईएम ने फीस बढ़ा दी है। कोरोना के इस संक्रमण काल में जहां सरकार लगातार स्कूलों को फीस वृद्धि ना करने का आदेश दे रही है। ऐसे में आईआईएम ने फीस में वृद्धि कर दी है। अभिभावक परेशान हैं कि जब बिजनेस चौपट है, हर वर्ग आर्थिक तंगी से गुजर रहा है, ऐसे में प्रबंधन संस्थानों की इस वृद्धि को कैसे भुगतान करेंगे। शिक्षा केवल धनाढ्य वर्ग के लिए ही रह जाएगी। देश के सभी आईआईएम ने मैनेजमेंट के पीजी कोर्स की फीस बढ़ा दी है। लखनऊ आईआईएम ने सबसे ज्यादा फीस वृद्धि करते हुए 13.40 लाख रुपये सालाना से बढ़ाकर फीस 18.30 लाख रुपये कर दी है।
यह है नई फीस
संस्थान पुरानी फीस नई फीस
आईआईएम लखनऊ 13. 40 18.30
कोलकाता 22.50 23.00
बंगलूरू 21.00 23.00
शिलांग 16.00 17.60
काशीपुर 3.65 3.75
उदयपुर 14.50 15.30
तिरुचिरापल्ली 14.00 16.50
विशाखापत्तनम 13.00 13.65
नागपुर 9.60 10.20
अमृतसर 10.50 12.00
जम्मू 8.10 8.52 (फीस लाख रुपये में)
बातचीत .
स्कूल की फीस बढ़ने पर रोक, इन पर अंकुश क्यों नहीं
मेरा बेटा एमबीए एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रहा है। इच्छा थी कि उसे किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल जाए। लेकिन आईआईएम की फीस ही इतनी ज्यादा है तो प्राइवेट कॉलेज में एमबीए कराना और भी मुश्किल है। मध्यम वर्ग का व्यक्ति बच्चों को किसी अच्छे कॉलेज में पढ़ाई नहीं करा सकता। सरकार ने स्कूलों को फीस ना बढ़ाने का आदेश दिया है। ऐसे में मैनेजमेंट संस्थानों में फीस बढ़ाना बिल्कुल गलत है। - राजीव शर्मा
बेटे को अब नहीं करा सकूंगा एमबीए
मेरे बेटे ने इस वर्ष डीयू से ऑनर्स किया है। अब वह एमबीए करने की तैयारी में प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन क्लासेस कर रहा है। आईआईएम ने जिस तरह फीस बढ़ाई है उसने मनोबल तोड़ दिया है। सामान्य व्यापारी किसी तरह अपना घर परिवार चला रहे हैं, वह कैसे इतनी महंगी पढ़ाई बच्चों को करा सकते हैं। इसलिए अब उसे कुछ और ही कराएंगे। - अमित रस्तोगी।
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सामान्य वर्ग से दूर होती शिक्षा
मेरा बेटा इन दिनों आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। उसका सपना आईआईएम से एमबीए करना है। सरकारी नौकरी में होने के बाद भी मैं इतनी फीस का खर्चा नहीं उठा सकता। ऐसे में सामान्य वर्ग का व्यक्ति कैसे 18-19 लाख रुपये की फीस भर सकता है। यह तो शिक्षा को केवल धनाढ्य वर्ग से जोड़ने का फंडा है। - राजीव रस्तोगी
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मेरठ। देशभर में मैनेजमेंट की पढ़ाई महंगी हो गई है। देश के सभी आईआईएम ने फीस बढ़ा दी है। कोरोना के इस संक्रमण काल में जहां सरकार लगातार स्कूलों को फीस वृद्धि ना करने का आदेश दे रही है। ऐसे में आईआईएम ने फीस में वृद्धि कर दी है। अभिभावक परेशान हैं कि जब बिजनेस चौपट है, हर वर्ग आर्थिक तंगी से गुजर रहा है, ऐसे में प्रबंधन संस्थानों की इस वृद्धि को कैसे भुगतान करेंगे। शिक्षा केवल धनाढ्य वर्ग के लिए ही रह जाएगी। देश के सभी आईआईएम ने मैनेजमेंट के पीजी कोर्स की फीस बढ़ा दी है। लखनऊ आईआईएम ने सबसे ज्यादा फीस वृद्धि करते हुए 13.40 लाख रुपये सालाना से बढ़ाकर फीस 18.30 लाख रुपये कर दी है।
यह है नई फीस
संस्थान पुरानी फीस नई फीस
आईआईएम लखनऊ 13. 40 18.30
कोलकाता 22.50 23.00
बंगलूरू 21.00 23.00
शिलांग 16.00 17.60
काशीपुर 3.65 3.75
उदयपुर 14.50 15.30
तिरुचिरापल्ली 14.00 16.50
विशाखापत्तनम 13.00 13.65
नागपुर 9.60 10.20
अमृतसर 10.50 12.00
जम्मू 8.10 8.52 (फीस लाख रुपये में)
बातचीत .
स्कूल की फीस बढ़ने पर रोक, इन पर अंकुश क्यों नहीं
मेरा बेटा एमबीए एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रहा है। इच्छा थी कि उसे किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल जाए। लेकिन आईआईएम की फीस ही इतनी ज्यादा है तो प्राइवेट कॉलेज में एमबीए कराना और भी मुश्किल है। मध्यम वर्ग का व्यक्ति बच्चों को किसी अच्छे कॉलेज में पढ़ाई नहीं करा सकता। सरकार ने स्कूलों को फीस ना बढ़ाने का आदेश दिया है। ऐसे में मैनेजमेंट संस्थानों में फीस बढ़ाना बिल्कुल गलत है। - राजीव शर्मा
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बेटे को अब नहीं करा सकूंगा एमबीए
मेरे बेटे ने इस वर्ष डीयू से ऑनर्स किया है। अब वह एमबीए करने की तैयारी में प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन क्लासेस कर रहा है। आईआईएम ने जिस तरह फीस बढ़ाई है उसने मनोबल तोड़ दिया है। सामान्य व्यापारी किसी तरह अपना घर परिवार चला रहे हैं, वह कैसे इतनी महंगी पढ़ाई बच्चों को करा सकते हैं। इसलिए अब उसे कुछ और ही कराएंगे। - अमित रस्तोगी।
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सामान्य वर्ग से दूर होती शिक्षा
मेरा बेटा इन दिनों आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। उसका सपना आईआईएम से एमबीए करना है। सरकारी नौकरी में होने के बाद भी मैं इतनी फीस का खर्चा नहीं उठा सकता। ऐसे में सामान्य वर्ग का व्यक्ति कैसे 18-19 लाख रुपये की फीस भर सकता है। यह तो शिक्षा को केवल धनाढ्य वर्ग से जोड़ने का फंडा है। - राजीव रस्तोगी