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शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक थे महाराणा प्रताप : संगीत सोम
Sat, 09 May 2026 07:16 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 09 May 2026 07:16 PM IST
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बहसूमा। महाराणा प्रताप की शोभायात्रा का फोटो संवाद
रामराज में महाराणा प्रताप की शोभायात्रा निकाली, बड़ी संख्या में युवा हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। रामराज में शनिवार को महाराणा प्रताप की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा रामराज हस्तिनापुर मार्ग से प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग, सनातन धर्म मंदिर, शिव चौक, ठाकुर जयपाल सिंह के घर के पास से होते हुए वापस ढलान वाला के पास ही संपन्न हुई। शोभायात्रा में महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े गीतों पर युवा जमकर थिरके।
शोभा यात्रा का शुभारंभ ठाकुर संगीत सोम ने सनातन धर्म मंदिर परिसर के सामने किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं, बल्कि भारतीय शौर्य और स्वाभिमान के जीते-जागते प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि जिस दौर में बड़ी-बड़ी रियासतें झुक रही थीं, उस समय प्रताप ने जंगलों में घास की रोटी खाना स्वीकार किया, लेकिन अपनी मातृभूमि का सौदा नहीं किया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे महाराणा प्रताप के जीवन को गहराई से पढ़ें और समझें। युवाओं को अपनी संस्कृति और पूर्वजों के बलिदान पर गर्व होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को यह बताना जरूरी है कि कैसे एक योद्धा ने सीमित संसाधनों के बावजूद मुगल साम्राज्य की नींव हिला दी थी। इस मौके पर चौहान क्षत्रीय कल्याण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह, विनोद पवार, देवेन्द्र चौहान, रामराज गन्ना समिति के अध्यक्ष पंकज चौहान, सतबीर चौहान, केपी धीमान, श्रीपाल कोहली, सुदर्शन गोयल, नरेश चौहान, कर्म सिंह चौहान आदि रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहसूमा। रामराज में शनिवार को महाराणा प्रताप की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा रामराज हस्तिनापुर मार्ग से प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग, सनातन धर्म मंदिर, शिव चौक, ठाकुर जयपाल सिंह के घर के पास से होते हुए वापस ढलान वाला के पास ही संपन्न हुई। शोभायात्रा में महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े गीतों पर युवा जमकर थिरके।
शोभा यात्रा का शुभारंभ ठाकुर संगीत सोम ने सनातन धर्म मंदिर परिसर के सामने किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं, बल्कि भारतीय शौर्य और स्वाभिमान के जीते-जागते प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि जिस दौर में बड़ी-बड़ी रियासतें झुक रही थीं, उस समय प्रताप ने जंगलों में घास की रोटी खाना स्वीकार किया, लेकिन अपनी मातृभूमि का सौदा नहीं किया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे महाराणा प्रताप के जीवन को गहराई से पढ़ें और समझें। युवाओं को अपनी संस्कृति और पूर्वजों के बलिदान पर गर्व होना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को यह बताना जरूरी है कि कैसे एक योद्धा ने सीमित संसाधनों के बावजूद मुगल साम्राज्य की नींव हिला दी थी। इस मौके पर चौहान क्षत्रीय कल्याण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह, विनोद पवार, देवेन्द्र चौहान, रामराज गन्ना समिति के अध्यक्ष पंकज चौहान, सतबीर चौहान, केपी धीमान, श्रीपाल कोहली, सुदर्शन गोयल, नरेश चौहान, कर्म सिंह चौहान आदि रहे।

बहसूमा। महाराणा प्रताप की शोभायात्रा का फोटो संवाद
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