Lockdown update west up: बहुत हुआ... अब लापरवाही पड़ेगी भारी, लाॅकडाउन तोड़ने वालों को सबक सिखाने की पूरी तैयारी, ऐसा है छठे दिन का हाल
मेरठ में कोरोनावायरस के आठ नए मामले सामने आने के बाद लोग जहां एक ओर दहशत में हैं वहीं देश के विभिन्न राज्यों से लौट रहे दिहाड़ी मजदूरों को पलायन जारी है। हालांकि अब इसे रोकने के लिए प्रशासन ने शेल्टर व्यसस्था लागू करने का फैसला लिया है।
उधर सड़कों पर पुलिस की सख्ती के बावजूद लोग मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं जिस पर पुलिस प्रशासन ने अब लोगों से सख्ती से निपटने की ठान ली है। आगे जानें लाॅकडाउन के छठे दिन कैसा है पश्चिमी यूपी का हाल:-
मेरठ शहर की जनता लाॅकडाउन के बीच कॉलोनियों में आने वाले अनजान लोगों से सब्जी व फल खरीदने से कतरा रही है। कुछ वार्डों में तो जनता ने स्थानीय लोगों से ही सामान खरीदने का निर्णय लिया है।
वहीं कोरोना का बढ़ता खतरा स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन रहा है। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 26 लोगों की आज रिपोर्ट आएगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग क्राॅकरी कारोबारी और उसके पाॅजिटिव आए रिश्तेदारों के संपर्क में आने वालों की तलाश में जुट गया है।
शहर में सुबह दुकानें खुलने पर सामान लेने वालों की भीड़ रही। वहीं काफी संख्या में लोग सदर मंडी में सब्जी लेने के लिए पहुंचे। नौ बजते ही पुलिस ने दुकानों को बंद करा दिया। हालांकि मेरठ में लापरवाह लोगों की कमी नहीं है।
कोरोनावायरस के मरीजों को बढ़ती संख्या के बावजूद लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। लाॅकडाउन के बावजूद 12 बजे के बाद भी खूब वाहन दौड़ते हैं। इसे लेकर पुलिस प्रशासन ने अब सख्त रवैया अपना लिया है। लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुजफरनगर में लॉक डाउन के चलते गेहूं की उपलब्धता कम होने से आटा के दाम गरीबों की पहुंच से बाहर पहुंचने लगे हैं। 10 किलो का पैकेट 360 रुपए तक बिक रहा है। लोग महंगा आटा लेने को मजबूर हैं। उधर, जनपद में दूसरे जिलों और प्रांतों से आने वालों पर पुलिस ने रोक लगाई है। डीआईजी के आदेश जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं। जिले से भी किसी को खासकर श्रमिकों को जिले से बाहर नहीं भेजा जाएगा।
बिजनौर जिले में लाॅकडाउन के छठे दिन भी स्थिति नियंत्रित रही। वहीं कोरोना वायरस के आतंक में जनपद की पुलिस अपनी नकारात्मक छवि से बाहर आई है। दूसरे राज्यों से आने वाले और जरूरतमंद लोगों की पुलिस हरसंभव मदद कर रही है। जनपद में बाजार के हालात की बात करें यहां स्थिति सामान्य बनी हुई है। पुलिस बेवजह घरों से निकलने वालों पर सख्त रुख अपना रही है।
शामली जनपद में फल सब्जी की तो आपूर्ति पर्याप्त है लेकिन लोगों के रोजमर्रा के रसोई के सामान का स्टॉक कम होने लगा है। खासतौर से हरियाणा में जनपद के हजारों लोग फैक्ट्रियों में काम करते है। यह लोग भी अब घर लौट रहे हैं लेकिन प्रशासन ने इन्हें बॉर्डर पर ही रोकना शुरू कर दिया है।
सीमाएं सील कर कि पते वेरीफाई किए जा रहे हैं। बाहरी जनपदों के लोगों को निकाला जा रहा है जो लोग शामली जनपद के हैं उन्हें 14 दिन निगरानी में रखा जाएगा इसके लिए जनपद की सभी सीमाओं से जुड़े बड़े स्कूल कॉलेजों मैं इन लोगों को हराने के लिए इंतजाम किया गया है।
सहारनपुर में बाहरी राज्यों से आ रहे यात्रियों को कंट्रोल करने के लिए शेल्टर कैंप व्यवस्था लागू होगी। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों से आने वाले हजारों यात्रियों को तीन दिन से निकाला जा रहा है।
वहीं सड़कों पर सैकड़ों वाहन सीज होने के बावजूद लोगों की मनमानी नहीं रुक रही है। लॉकडाउन की अवधि में पुलिस प्रशासन की टीमें हर दिन सैकड़ों वाहनों की चेकिंग कर रही हैं। अब तक लाखों रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। ऐसे लोग अब तक लॉकडाउन का पालन करने मेंचुनौती बन रहा है।