{"_id":"6495d23d34d88af88a07bea6","slug":"leave-the-exorcism-reach-the-hospital-directly-on-snakebite-na-news-c-27-1-smrt1006-5661-2023-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: झाड़-फूंक छोड़ो, सर्पदंश पर सीधे पहुंचो अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: झाड़-फूंक छोड़ो, सर्पदंश पर सीधे पहुंचो अस्पताल
Fri, 23 Jun 2023 10:41 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 23 Jun 2023 10:41 PM IST
विज्ञापन
बिजनौर। लोग अभी भी अंधविश्वास में जी रहे हैं। झाड़-फूंक के चक्कर में आकर लोग जिंदगी से खिलाड़ कर रहे हैं। एंटी स्नेक वेनम लगवाने के वजाय लोग झाड़-फूंक से सर्पदंश का असर कम कराते हैं। जब कीमती समय निकल जाता है तो मरीज को लेकर चिकित्सक के पास जाते हैं। लोगों में जागरूकता की कमी होने से ऐसे मामले सामने आते रहते हैं।
बिजनौर में बृहस्पतिवार को सर्पदंश की वजह से चार लोगों की मौत हो गई है। इनमें एक युवक को परिजन इलाज के लिए कई जगहों पर ले गए। इनमें से ज्यादातर जगह झाड़-फूंक करने वाली थी। ज्यादा सांप विषविहीन होते हैं। मगर कई बार उनके काटने से भी मौत हो जाती है। चिकित्सक इसका कारण डर बता रहे हैं। सर्पदंश के बाद लोगों में डर बैठ जाता है कि उसे सांप ने काट लिया है, अब वह नहीं बचेगा। इसी डर से उसका रक्तचाप बढ़ जाता है। जिससे हल्का जहर भी पूरे शरीर में तेजी से फैल जाता है। यही वजह है कि विषविहीन सांप के काटने से भी मौत हो जाती है।
बृहस्पतिवार को रेहड़ के गांव हरिकिशनुपर निवासी राजकुमार (22) पुत्र रूपकिशोर, गांव मोहिद्दीनपुर निवासी कोमल सिंह (42) पुत्र राजेंद्र सिंह की सर्पदंश की वजह से मौत हो गई। वहीं मंडावार थाना क्षेत्र के गांव डैवलगढ़ निवासी सोनू (40) पुत्र शौसिंह और गांव कुंवरपुर चतरभोज उर्फ कोहरपुर निवासी हरिराम (45) पुत्र लल्लू सिंह की भी सर्पदंश से मौत हो गई।
विज्ञापन
सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन : डॉ. अशोक कुमार
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध है। स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाले मरीज को इंजेक्शन लगाया जाएगा। सांप के काटने पर जल्द से जल्द एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगवाएं।
सांप के काटने पर करें ये काम
-सबसे पहले सांप के काटने वाले स्थान से तीन इंच ऊपर बंध लगाएं
-बंध लगाने के बाद खून को थोड़ा बहने दें
-सांप के काटने पर बिल्कुल घबराएं नहीं, धैर्य से काम लें
-जितना जल्दी हो सके, नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं
-स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगवाएं
बिजनौर के आसपास पाई जाने वाली सांपों की प्रजातियां-
सांप की प्रजाति- प्रवृत्ति
किंग कोबरा- विषैला
कोबरा- बिषैला
कॉमन क्रेट- विषैला
रस्सल्स वाइपर- विषैला
कॉमन कैट स्नेक- कुछ कम विषैला
ब्राह्मनी वर्म स्नेक- विषविहीन सांप
कॉमन वुल्फ स्नेक- विषविहीन सांप
चैकर्ड कीलबैक- विषविहीन सांप
स्ट्राइप्ड कीलबैक- विषविहीन सांप
इंडियन रैट स्नेक- विषविहीन सांप
कॉमन ट्रिंकेट स्नेक- विषविहीन सांप
कॉपर-हेडेड ट्रिंकेट स्नेक- विषविहीन सांप
कौलर्ड ब्लैक-हेडेड स्नेक- विषविहीन सांप
बर्मीज पाइथन- विषविहीन सांप
सांप के काटने पर सबसे पहले बंध लगाएं। सभी सांप जहरीले नहीं होते हैं। ज्यादातर लोगों की मौत डर की वजह से होती है। इसलिए सांप के काटने पर बिना डरे चिकित्सक से दवाई लें। जितनी जल्दी हो सके एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगवाएं। झाड़-फूक के चक्कर में न पड़े। क्योंकि इंजेक्शन जितनी जल्दी लग जाएगा, जहर का असर उतना ही कम होगा।....डॉ. आरएस वर्मा, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
विज्ञापन
बिजनौर में बृहस्पतिवार को सर्पदंश की वजह से चार लोगों की मौत हो गई है। इनमें एक युवक को परिजन इलाज के लिए कई जगहों पर ले गए। इनमें से ज्यादातर जगह झाड़-फूंक करने वाली थी। ज्यादा सांप विषविहीन होते हैं। मगर कई बार उनके काटने से भी मौत हो जाती है। चिकित्सक इसका कारण डर बता रहे हैं। सर्पदंश के बाद लोगों में डर बैठ जाता है कि उसे सांप ने काट लिया है, अब वह नहीं बचेगा। इसी डर से उसका रक्तचाप बढ़ जाता है। जिससे हल्का जहर भी पूरे शरीर में तेजी से फैल जाता है। यही वजह है कि विषविहीन सांप के काटने से भी मौत हो जाती है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को रेहड़ के गांव हरिकिशनुपर निवासी राजकुमार (22) पुत्र रूपकिशोर, गांव मोहिद्दीनपुर निवासी कोमल सिंह (42) पुत्र राजेंद्र सिंह की सर्पदंश की वजह से मौत हो गई। वहीं मंडावार थाना क्षेत्र के गांव डैवलगढ़ निवासी सोनू (40) पुत्र शौसिंह और गांव कुंवरपुर चतरभोज उर्फ कोहरपुर निवासी हरिराम (45) पुत्र लल्लू सिंह की भी सर्पदंश से मौत हो गई।
विज्ञापन
सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन : डॉ. अशोक कुमार
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध है। स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाले मरीज को इंजेक्शन लगाया जाएगा। सांप के काटने पर जल्द से जल्द एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगवाएं।
सांप के काटने पर करें ये काम
-सबसे पहले सांप के काटने वाले स्थान से तीन इंच ऊपर बंध लगाएं
-बंध लगाने के बाद खून को थोड़ा बहने दें
-सांप के काटने पर बिल्कुल घबराएं नहीं, धैर्य से काम लें
-जितना जल्दी हो सके, नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं
-स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगवाएं
बिजनौर के आसपास पाई जाने वाली सांपों की प्रजातियां-
सांप की प्रजाति- प्रवृत्ति
किंग कोबरा- विषैला
कोबरा- बिषैला
कॉमन क्रेट- विषैला
रस्सल्स वाइपर- विषैला
कॉमन कैट स्नेक- कुछ कम विषैला
ब्राह्मनी वर्म स्नेक- विषविहीन सांप
कॉमन वुल्फ स्नेक- विषविहीन सांप
चैकर्ड कीलबैक- विषविहीन सांप
स्ट्राइप्ड कीलबैक- विषविहीन सांप
इंडियन रैट स्नेक- विषविहीन सांप
कॉमन ट्रिंकेट स्नेक- विषविहीन सांप
कॉपर-हेडेड ट्रिंकेट स्नेक- विषविहीन सांप
कौलर्ड ब्लैक-हेडेड स्नेक- विषविहीन सांप
बर्मीज पाइथन- विषविहीन सांप
सांप के काटने पर सबसे पहले बंध लगाएं। सभी सांप जहरीले नहीं होते हैं। ज्यादातर लोगों की मौत डर की वजह से होती है। इसलिए सांप के काटने पर बिना डरे चिकित्सक से दवाई लें। जितनी जल्दी हो सके एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगवाएं। झाड़-फूक के चक्कर में न पड़े। क्योंकि इंजेक्शन जितनी जल्दी लग जाएगा, जहर का असर उतना ही कम होगा।....डॉ. आरएस वर्मा, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर