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Meerut News: दस लक्षण पर्व में त्याग धर्म की महिमा बताई, बच्चों ने दी फैंसी ड्रेस प्रस्तुति
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... फूलबाग में विधान के दौरान 11 अर्घ अर्पित, कंकरखेड़ा में नाटिका और आनंदपुरी में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ
... जैन मंदिरों में अभिषेक, शांतिधारा और शास्त्र सभा में सांसारिक मोह-माया त्यागने का दिया संदेश
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
दस लक्षण महापर्व के आठवें दिन बुधवार को शहर के विभिन्न दिगंबर जैन मंदिरों में उत्तम त्याग धर्म की पूजा अर्चना श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ की गई। फूलबाग कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में पारसनाथ भगवान का अभिषेक और शांतिधारा के बाद दस लक्षण विधान में 11 अर्घ अर्पित किए गए। शांतिधारा की बोली संजय जैन, अमोघ जैन तथा सिद्ध प्रभु की बोली मनीष जैन, आरव जैन ने ली। अध्यक्ष हेमंत जैन ने विधि विधान से कार्यक्रम संपन्न कराया।
समाज के मंत्री नवीन जैन ने कहा कि त्याग धर्म सांसारिक इच्छाओं, कामनाओं और वासनाओं से मुक्त होने की प्रेरणा देता है। शाम को सामूहिक आरती के बाद शास्त्र सभा में आरके जैन ने त्याग की महिमा बताई। रात आठ बजे संयोजिका संध्या जैन के संयोजन में तीन से 12 वर्ष तक के बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता हुई। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कंकरखेड़ा स्थित दिगंबर जैन मंदिर पंचायती में विधानाचार्य आशीष जैन ने कहा कि मोह, माया, क्रोध, लोभ, झूठ, कषाय, राग-द्वेष आदि का त्याग जीवन को श्रेष्ठ बनाता है। श्रीजी को पांडुक शिला पर विराजमान कराने का सौभाग्य श्रीपाल जैन मॉडल टाउन और शांतिधारा का अवसर राजीव जैन सुभाषपुरी को मिला। शाम को जैन मिलन महिला की ओर से टीले वाले बाबा पर आधारित नाटिका प्रस्तुत की गई।
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आनंदपुरी मंदिर में विधानाचार्य पंडित नंदन शास्त्री के सान्निध्य में दस लक्षण पर्व, सोलहकारण, 24 तीर्थंकर, महावीर भगवान और देव शास्त्र गुरु की पूजा हुई। तत्त्वार्थ सूत्र विधान के 26 महाअर्घ्य अर्पित किए गए। शाम को शास्त्र सभा के बाद रचित जैन ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
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... जैन मंदिरों में अभिषेक, शांतिधारा और शास्त्र सभा में सांसारिक मोह-माया त्यागने का दिया संदेश
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
दस लक्षण महापर्व के आठवें दिन बुधवार को शहर के विभिन्न दिगंबर जैन मंदिरों में उत्तम त्याग धर्म की पूजा अर्चना श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ की गई। फूलबाग कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में पारसनाथ भगवान का अभिषेक और शांतिधारा के बाद दस लक्षण विधान में 11 अर्घ अर्पित किए गए। शांतिधारा की बोली संजय जैन, अमोघ जैन तथा सिद्ध प्रभु की बोली मनीष जैन, आरव जैन ने ली। अध्यक्ष हेमंत जैन ने विधि विधान से कार्यक्रम संपन्न कराया।
समाज के मंत्री नवीन जैन ने कहा कि त्याग धर्म सांसारिक इच्छाओं, कामनाओं और वासनाओं से मुक्त होने की प्रेरणा देता है। शाम को सामूहिक आरती के बाद शास्त्र सभा में आरके जैन ने त्याग की महिमा बताई। रात आठ बजे संयोजिका संध्या जैन के संयोजन में तीन से 12 वर्ष तक के बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता हुई। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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कंकरखेड़ा स्थित दिगंबर जैन मंदिर पंचायती में विधानाचार्य आशीष जैन ने कहा कि मोह, माया, क्रोध, लोभ, झूठ, कषाय, राग-द्वेष आदि का त्याग जीवन को श्रेष्ठ बनाता है। श्रीजी को पांडुक शिला पर विराजमान कराने का सौभाग्य श्रीपाल जैन मॉडल टाउन और शांतिधारा का अवसर राजीव जैन सुभाषपुरी को मिला। शाम को जैन मिलन महिला की ओर से टीले वाले बाबा पर आधारित नाटिका प्रस्तुत की गई।
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आनंदपुरी मंदिर में विधानाचार्य पंडित नंदन शास्त्री के सान्निध्य में दस लक्षण पर्व, सोलहकारण, 24 तीर्थंकर, महावीर भगवान और देव शास्त्र गुरु की पूजा हुई। तत्त्वार्थ सूत्र विधान के 26 महाअर्घ्य अर्पित किए गए। शाम को शास्त्र सभा के बाद रचित जैन ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।