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Meerut News: एम्बुलेंस पहुंचने में देरी की लापरवाही से मरीज की मौत की जांच शुरू
Mon, 19 Jan 2026 09:06 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 19 Jan 2026 09:06 PM IST
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केंद्र अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के बयान दर्ज करके सीएमओ को भेजा
- घायल को समय पर हायर सेंटर न भेजने पर उठ रहे सवाल
-सीएमओ ने केंद्र अधीक्षक से मांगी थी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार और एम्बुलेंस की लापरवाही के चलते शामली के झाल निवासी गुल मोहम्मद की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना में चिकित्सक स्तर पर भी चूक की बात सामने आई है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही को लेकर जांच तेज कर दी है। केंद्र अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के बयान दर्ज करके सीएमओ को भेजा है।
गुल मोहम्मद दो वर्षीय बेटे अयान और पत्नी तरन्नुम के साथ अपनी ससुराल बागपत के गांव गढ़ी झुंडपुर, थाना दोघट में रह रहे थे। शनिवार को दोपहर करीब ढाई बजे वह मेरठ में फेरी लगाकर सूट बेचने मोपेड पर निकले थे। सरधना थाना क्षेत्र के मेरठ-करनाल हाईवे पर बुबकपुर के सामने उनकी मोपेड में टक्कर हो गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पीआरवी ने उन्हें शाम 5:22 बजे सीएचसी में भर्ती कराया। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डाॅ. शशिकांत ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया। हालांकि, घायल की हालत अचानक बिगड़ने पर उन्हें सीपीआर दिया गया, लेकिन उचित एम्बुलेंस न मिलने के कारण गुल मोहम्मद शाम 7:45 बजे सीएचसी में ही दम तोड़ दिया।
सीएचसी पर तैनात एम्बुलेंस कॉर्डिनेटर संगीता पाल ने बताया कि उस समय 108 एम्बुलेंस मौके पर मौजूद थी, लेकिन घायल की प्राथमिकता के बावजूद उसका उचित हायर सेंटर रेफर नहीं किया गया। उसी दौरान सरधना थाना पुलिस एक अन्य घायल युवक का मेडिकल कराने सीएचसी पहुंची थी। डाॅ. शशिकांत ने उस युवक का उपचार किया और उसे 108 एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। जांच में यह भी सामने आया कि सीएचसी में 102 एम्बुलेंस की तीन गाड़ियां उपलब्ध थीं, लेकिन उनका उचित उपयोग नहीं किया गया।
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विभाग के नियमानुसार दोनों घायल मरीजों को एक साथ हायर सेंटर भेजना चाहिए था, जिससे गुल मोहम्मद की जान बच सकती थी। सीएचसी प्रभारी डाॅ. संदीप गौतम ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर डाॅ. शशिकांत का बयान सोमवार को दर्ज कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी गठित कर विस्तृत जांच कराई जा सकती है। स्वास्थ्य भाग भी शनिवार शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक जिलेभर की एम्बुलेंस की स्थिति और मरीजों के आवागमन की जानकारी जुटा रहा है।
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- घायल को समय पर हायर सेंटर न भेजने पर उठ रहे सवाल
-सीएमओ ने केंद्र अधीक्षक से मांगी थी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार और एम्बुलेंस की लापरवाही के चलते शामली के झाल निवासी गुल मोहम्मद की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना में चिकित्सक स्तर पर भी चूक की बात सामने आई है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही को लेकर जांच तेज कर दी है। केंद्र अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के बयान दर्ज करके सीएमओ को भेजा है।
गुल मोहम्मद दो वर्षीय बेटे अयान और पत्नी तरन्नुम के साथ अपनी ससुराल बागपत के गांव गढ़ी झुंडपुर, थाना दोघट में रह रहे थे। शनिवार को दोपहर करीब ढाई बजे वह मेरठ में फेरी लगाकर सूट बेचने मोपेड पर निकले थे। सरधना थाना क्षेत्र के मेरठ-करनाल हाईवे पर बुबकपुर के सामने उनकी मोपेड में टक्कर हो गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पीआरवी ने उन्हें शाम 5:22 बजे सीएचसी में भर्ती कराया। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डाॅ. शशिकांत ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया। हालांकि, घायल की हालत अचानक बिगड़ने पर उन्हें सीपीआर दिया गया, लेकिन उचित एम्बुलेंस न मिलने के कारण गुल मोहम्मद शाम 7:45 बजे सीएचसी में ही दम तोड़ दिया।
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सीएचसी पर तैनात एम्बुलेंस कॉर्डिनेटर संगीता पाल ने बताया कि उस समय 108 एम्बुलेंस मौके पर मौजूद थी, लेकिन घायल की प्राथमिकता के बावजूद उसका उचित हायर सेंटर रेफर नहीं किया गया। उसी दौरान सरधना थाना पुलिस एक अन्य घायल युवक का मेडिकल कराने सीएचसी पहुंची थी। डाॅ. शशिकांत ने उस युवक का उपचार किया और उसे 108 एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। जांच में यह भी सामने आया कि सीएचसी में 102 एम्बुलेंस की तीन गाड़ियां उपलब्ध थीं, लेकिन उनका उचित उपयोग नहीं किया गया।
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विभाग के नियमानुसार दोनों घायल मरीजों को एक साथ हायर सेंटर भेजना चाहिए था, जिससे गुल मोहम्मद की जान बच सकती थी। सीएचसी प्रभारी डाॅ. संदीप गौतम ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर डाॅ. शशिकांत का बयान सोमवार को दर्ज कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी गठित कर विस्तृत जांच कराई जा सकती है। स्वास्थ्य भाग भी शनिवार शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक जिलेभर की एम्बुलेंस की स्थिति और मरीजों के आवागमन की जानकारी जुटा रहा है।