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Meerut News: ग्लास-एल्युमीनियम के 100 करोड के उद्योग पर आयकर छापा
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ग्लास-एल्युमीनियम के 100 करोड़ के उद्योग पर आयकर का छापा
मेरठ। पैरागोन इंडस्ट्रीज के संचालक दिल्ली निवासी दलजीत सिंह और मेरठ वेस्ट एंड रोड निवासी गुडन ग्लास इंडस्ट्री के संचालक कमर अहमद काजमी के आवास सहित 16 ठिकानों पर आयकर विभाग ने बुधवार सुबह छापा मारा। छावनी में 22बी स्थित एक मकान के पास भी कार्रवाई की गई। कार्रवाई दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रही। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन उद्योगों का कारोबार 100 करोड़ का नहीं, बल्कि दो हजार करोड़ का है। अधिकारियों द्वारा कागजात जुटाए जा रहे हैं।
वेस्ट एंड रोड निवासी कमर अहमद काजमी और दिल्ली निवासी दलजीत सिंह दोनों साझेदार हैं। इनकी फर्म प्रतिवर्ष 100 करोड़ से अधिक की आईटीआर फाइल करती हैं। इस परिवार का नाम पश्चिम यूपी में सबसे बड़े टैक्स पेयर्स में शुमार है। टफन्ड ग्लास में गुडन ग्लास का बड़ा नाम है। प्रदेश में इनके 250 से अधिक डीलर हैं। एल्युमीनियम उत्पाद बनाने के लिए कंपनी द्वारा खाड़ी देशों से स्क्रैब भी आयात किया जाता है। कंपनी के मालिकों की खड़ौली, परतापुर काशी सहित हापुड़ रोड पर बड़ी संपत्ति हैं। रुड़की भगवानपुर और मेरठ हापुड़ रोड पर ग्लास का प्लांट है। साहिबाबाद में एल्यूमीनियम की फैक्टरी है। गुरुग्राम, दिल्ली, सहारनपुर, नोएडा, दिल्ली स्थित पूसा में कार्यालय है। गढ़ रोड स्थित ब्रॉडवे होटल में भी कमर अहमद काजमी साझेदार बताए गए हैं।
आयकर टीम ने बुधवार सुबह कंपनी के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में एक साथ 16 ठिकानों पर छापा मारा। बृहस्पतिवार को भी अपर निदेशक जांच मोहन लाल जोशी के नेतृत्व में मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली और नोएडा के आईटीओ की टीम द्वारा कार्रवाई की गई। जांच के दौरान आयात संबंधी दस्तावेज, पैसों का लेनदेन, आय-व्यय का ब्यौरा, कर भुगतान सहित विभिन्न दस्तावेजों की जांच की गई। देर रात तक विभागीय अधिकारियों की जांच जारी रही।
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दुबई में प्लांट लगाने की तैयारी
गुडन ग्लास और पैरागोन इंडस्ट्री संचालक दुबई में एक प्लांट लगाने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में विभिन्न प्रक्रिया के दौरान फैक्टरी मालिक आयकर के रडार पर आ गए। आयकर सूत्रों के अनुसार, हवाला ट्रांजेक्शन की तैयारी की जा रही थी, जिसकी सूचना पर टीम द्वारा छापा मारा गया।
नोटबंदी में हुआ बड़ा खेल
आयकर सूत्रों के अनुसार, नोटबंदी के दौरान नोट बदलने में उद्यमी द्वारा बड़ा खेल किया गया। इसकी शिकायत विभाग के पास पहुंची। कुछ कर्मचारियों को भी नौकरी से हटा दिया गया। 50 लाख रुपये के बदले 40 लाख रुपये की एंट्री दिखाई गई। खातों में जिन माध्यमों से पैसा आया, उसमें भी गड़बड़ी सामने आई। तीन साल तक विभाग द्वारा आय-व्यय के ब्योरे की लगातार जांच की गई।
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मेरठ। पैरागोन इंडस्ट्रीज के संचालक दिल्ली निवासी दलजीत सिंह और मेरठ वेस्ट एंड रोड निवासी गुडन ग्लास इंडस्ट्री के संचालक कमर अहमद काजमी के आवास सहित 16 ठिकानों पर आयकर विभाग ने बुधवार सुबह छापा मारा। छावनी में 22बी स्थित एक मकान के पास भी कार्रवाई की गई। कार्रवाई दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रही। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन उद्योगों का कारोबार 100 करोड़ का नहीं, बल्कि दो हजार करोड़ का है। अधिकारियों द्वारा कागजात जुटाए जा रहे हैं।
वेस्ट एंड रोड निवासी कमर अहमद काजमी और दिल्ली निवासी दलजीत सिंह दोनों साझेदार हैं। इनकी फर्म प्रतिवर्ष 100 करोड़ से अधिक की आईटीआर फाइल करती हैं। इस परिवार का नाम पश्चिम यूपी में सबसे बड़े टैक्स पेयर्स में शुमार है। टफन्ड ग्लास में गुडन ग्लास का बड़ा नाम है। प्रदेश में इनके 250 से अधिक डीलर हैं। एल्युमीनियम उत्पाद बनाने के लिए कंपनी द्वारा खाड़ी देशों से स्क्रैब भी आयात किया जाता है। कंपनी के मालिकों की खड़ौली, परतापुर काशी सहित हापुड़ रोड पर बड़ी संपत्ति हैं। रुड़की भगवानपुर और मेरठ हापुड़ रोड पर ग्लास का प्लांट है। साहिबाबाद में एल्यूमीनियम की फैक्टरी है। गुरुग्राम, दिल्ली, सहारनपुर, नोएडा, दिल्ली स्थित पूसा में कार्यालय है। गढ़ रोड स्थित ब्रॉडवे होटल में भी कमर अहमद काजमी साझेदार बताए गए हैं।
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आयकर टीम ने बुधवार सुबह कंपनी के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में एक साथ 16 ठिकानों पर छापा मारा। बृहस्पतिवार को भी अपर निदेशक जांच मोहन लाल जोशी के नेतृत्व में मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली और नोएडा के आईटीओ की टीम द्वारा कार्रवाई की गई। जांच के दौरान आयात संबंधी दस्तावेज, पैसों का लेनदेन, आय-व्यय का ब्यौरा, कर भुगतान सहित विभिन्न दस्तावेजों की जांच की गई। देर रात तक विभागीय अधिकारियों की जांच जारी रही।
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दुबई में प्लांट लगाने की तैयारी
गुडन ग्लास और पैरागोन इंडस्ट्री संचालक दुबई में एक प्लांट लगाने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में विभिन्न प्रक्रिया के दौरान फैक्टरी मालिक आयकर के रडार पर आ गए। आयकर सूत्रों के अनुसार, हवाला ट्रांजेक्शन की तैयारी की जा रही थी, जिसकी सूचना पर टीम द्वारा छापा मारा गया।
नोटबंदी में हुआ बड़ा खेल
आयकर सूत्रों के अनुसार, नोटबंदी के दौरान नोट बदलने में उद्यमी द्वारा बड़ा खेल किया गया। इसकी शिकायत विभाग के पास पहुंची। कुछ कर्मचारियों को भी नौकरी से हटा दिया गया। 50 लाख रुपये के बदले 40 लाख रुपये की एंट्री दिखाई गई। खातों में जिन माध्यमों से पैसा आया, उसमें भी गड़बड़ी सामने आई। तीन साल तक विभाग द्वारा आय-व्यय के ब्योरे की लगातार जांच की गई।