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Meerut News: सुविधा के नाम पर स्लीपर व सामान्य कोच घटाए.. थर्ड एसी, एसी इकोनाॅमी के बढ़ाए

Thu, 07 Nov 2024 02:58 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2024 02:58 AM IST
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In the name of convenience, reduce sleeper and general coaches
अमर उजाला खास
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संगम, राज्यरानी, गोल्डन टेंपल आदि एक्सप्रेस ट्रेनों में घटाए हैं कोच, यात्रियों को अधिक पैसा खर्च करना पड़ रहा

जगेंद्र उज्ज्वल

मेरठ। रेलवे ने सुविधा देने के नाम पर मेरठ से होकर गुजरने वाली संगम, राज्यरानी, गोल्डन टेंपल आदि एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर के कोच कम किए हैं। इनके स्थान पर तृतीय श्रेणी वातानुकूलित और एसी इकोनाॅमी के कोच बढ़ाए हैं। एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल बोगी भी कम की गई हैं। स्लीपर में सीट कम होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है। यात्री मजबूर होकर थर्ड एसी और एसी इकोनॉमी के टिकट खरीद रहे हैं।
रेलवे ने कोरोना काल के बाद ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने का काम किया। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपर फास्ट ट्रेनों में बदल दिया गया। तीन साल तक पैसेंजर ट्रेनों को भी स्पेशल का नाम देकर महंगा टिकट पर चलाया। ये सारी कवायद रेलवे को मुनाफा पहुंचाने की है। पहले अधिकांश यात्री जनरल और स्लीपर कोच में ही सफर करते थे। इसी कारण एक्सप्रेस ट्रेनों में जरनल कोच चार से लेकर छह तक होते थे। स्लीपर के कोच भी 12 से 14 तक होते थे, ताकि यात्रियों को आसानी से जरनल और आरक्षित टिकट मिल जाए। अब रेलवे ने अधिकांश ट्रेनों में जनरल के दो ही कोच कर दिए हैं। स्लीपर कोच भी कम कर उनकी जगह एसी कोच लगाए जा रहे हैं। साथ ही एसी इकोनाॅमी भी कोच लगाए गए हैं। इनमें थर्ड एसी से थोड़ा की किराया कम है। एसी कोच का किराया स्लीपर से कम होता है। ज्यादा किराए की मार यात्रियों पर पड़ रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि थर्ड एसी इकोनाॅमी का किराया थर्ड एसी से थोड़ा कम होता है। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए रेलवे की ओर से स्लीपर कोच की जगह थर्ड एसी और इकोनाॅमी कोच ट्रेनों में लगाए जा रहे हैं।
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संगम एक्सप्रेस में स्लीपर अब पांच रह गए
मेरठ से प्रयागराज तक चलने वाली संगम एक्सप्रेस में पहले 12 स्लीपर कोच होते थे, जो अब घटकर केवल पांच रहे गए हैं। इनकी जगह एक प्रथम एसी, दो सेकंड एसी, चार थर्ड एसी, दो इकोनॉमी एसी के कोच बढ़ाए हैं, जबकि जनरल के छह में से चार ही कोच हैं।
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राज्यरानी, नौचंदी का भी यही हाल
मेरठ से लखनऊ के बीच चलने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस में पहले एक ही एसी चेयरकार होता था, बाकी सब सेकंड क्लास के कोच थे। अब एसी सेकंड एक, एसी थर्ड के दो, एसी चेयरकार के दो और द्वितीय श्रेणी के केवल पांच कोच हैं। सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस में पहले एक ही एसी कोच होता था। अब स्लीपर के तो 12 कोच हैं, जबकि प्रथम- द्वितीय एसी के दो, थर्ड एसी के दो कोच बढ़ाए गए हैं।


गोल्डन टेंपल में जरनल के केवल दो कोच
गोल्डन टेंपल में जरनल के कोच केवल दो रह गए हैं। स्लीपर भी मात्र छह हैं, जबकि थर्ड एसी के छह कोच, सेकंड एसी के तीन कोच और प्रथम श्रेणी का एक कोच हैं। योगा एक्सप्रेस और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के भी स्लीपर कोच कम कर केवल छह कर दिए गए हैं। इनमें सामान्य श्रेणी की भी दो-दो बोगी हैं। थर्ड एसी के कोच बढ़ा कर छह-छह हो गए हैं।
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