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विकास की आस: हस्तिनापुर को राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए नहीं मिली भूमि, महाभारत काल से जुड़ा है इतिहास

Sat, 13 Apr 2024 09:52 PM IST
Dimple Sirohi रविंद्र चौहान, संवाद न्यूज एजेंसी, हस्तिनापुर/मेरठ
रविंद्र चौहान, संवाद न्यूज एजेंसी, हस्तिनापुर/मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 13 Apr 2024 09:52 PM IST
सार

मोदी सरकार की राष्ट्रीय म्यूजियम बनाने की घोषणा से ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर को विकास की आस जगी थी। चार वर्ष गुजरे लेकिन यहां विकास के नाम पर एक ईंट न रखी गई। आलम यह है कि करोड़ों रुपये के प्रॉजेक्ट पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। 

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Hope of development: Hastinapur did not get land for National Museum, history is linked to Mahabharata period
हस्तिनापुर में उत्खनन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगरी की गौरव बहाली को लेकर मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में केंद्र सरकार ने फरवरी, 2020 में पेश हुए अपने बजट में हस्तिनापुर में राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने की घोषणा की थी। 

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करीब चार साल का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सरकार को इसके लिए पांडवों की इस वैभवशाली राजधानी में भूमि ही नहीं मिली है। इस कारण से करोड़ों रुपये का प्रोजेक्ट अभी तक धरातल पर ही नहीं उतर सका।
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Hope of development: Hastinapur did not get land for National Museum, history is linked to Mahabharata period
हस्तिनापुर में उत्खनन - फोटो : अमर उजाला
महाभारत कालीन प्राचीन नगरी के गर्भ में आज भी अनगिनत रहस्य छिपे हुए हैं। एक समय में कौरव पांडव यहां से राज्य का संचालन करते थे। इसके चलते इस विधानसभा सीट का भी रोचक इतिहास है। यहां के लोग लगातार इसे विकसित करने के लिए रेलवे लाइन और राष्ट्रीय संग्रहालय खोलने की मांग करते आ रहे हैं। 

 

Hope of development: Hastinapur did not get land for National Museum, history is linked to Mahabharata period
हस्तिनापुर में उत्खनन - फोटो : अमर उजाला
चार साल की मशक्कत लेकिन स्थिति जस की तस
फरवरी, 2020 के बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के पुरातात्विक महत्व वाले पांच स्थानों में हस्तिनापुर को शामिल किया था। इन स्थानों को विकसित करने के लिए 2500 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की थी। चार साल बाद भी  पांडवों की इस वैभवशाली राजधानी में सरकार को राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हुई है।

हस्तिनापुर में राष्ट्रीय संग्रहालय के लिए पर्यटन विभाग लगातार स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भूमि चिह्नित करने में लगा है। भूमि चिह्नित होते ही प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा। -प्रीति श्रीवास्तव, डिप्टी डायरेक्टर, पर्यटन विभाग

Hope of development: Hastinapur did not get land for National Museum, history is linked to Mahabharata period
हस्तिनापुर में उत्खनन में मिले बर्तन - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने  लिया था संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाभारतकालीन नगरी हस्तिनापुर की बदहाली का संज्ञान लिया था। उन्होंने पर्यटन विभाग और संस्कृति निदेशालय को हस्तिनापुर का गौरव बहाल करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए। भाजपा एमएलसी यशवंत सिंह बिजनौर लोकसभा सीट पर चुनाव के दौरान अप्रैल 2019 में हस्तिनापुर गए थे।

उन्होंने इस ऐतिहासिक नगरी की बदहाली को करीब से देखा था। यशवंत सिंह ने संस्कृति, इतिहास और पत्रकारिता से जुड़े बुद्धिजीवियों का दल 25 दिसंबर को हस्तिनापुर भेजा। इसी दल की रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भारत का गौरव हस्तिनापुर की दुर्दशा को लेकर पत्र लिखा था।
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