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Meerut News: कार्तिक पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला
Wed, 05 Nov 2025 08:11 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 05 Nov 2025 08:11 PM IST
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हयोग संस्था ने किया सुंदर कांड पाठ
मेरठ। सहयोग सामाजिक संस्था द्वारा कार्तिक पूर्णिमा पर सामूहिक सुंदर कांड का पाठ ब्रह्मपुरी कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ 10 वर्षीय बालक सार्थक शांडिल्य एवं वाणी भारद्वाज ने भगवान हनुमान की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित और पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने कार्तिक पूर्णिमा के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
संस्था के मुख्य संरक्षक डॉ. प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक अजेय असुर का वध कर संसार को उसके अत्याचारों से मुक्त किया था। विजय की खुशी में देवताओं ने वाराणसी के गंगा घाट पर दीप जलाकर दीपावली मनाई। इसे देव दीपावली कहा जाता है। संस्था अध्यक्ष एवं एडवोकेट दिनेश कुमार शांडिल्य ने विष्णु पुराण का उल्लेख करते हुए बताया कि इसी दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। छोटी मछली के रूप में अवतरित भगवान ने प्रलय काल में मनु की नाव को खींचकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और जल प्रलय से संसार को बचाया। साथ ही वेदों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा पर जप, तप, दान और गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक प्राप्त होता है।
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मेरठ। सहयोग सामाजिक संस्था द्वारा कार्तिक पूर्णिमा पर सामूहिक सुंदर कांड का पाठ ब्रह्मपुरी कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ 10 वर्षीय बालक सार्थक शांडिल्य एवं वाणी भारद्वाज ने भगवान हनुमान की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित और पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने कार्तिक पूर्णिमा के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
संस्था के मुख्य संरक्षक डॉ. प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक अजेय असुर का वध कर संसार को उसके अत्याचारों से मुक्त किया था। विजय की खुशी में देवताओं ने वाराणसी के गंगा घाट पर दीप जलाकर दीपावली मनाई। इसे देव दीपावली कहा जाता है। संस्था अध्यक्ष एवं एडवोकेट दिनेश कुमार शांडिल्य ने विष्णु पुराण का उल्लेख करते हुए बताया कि इसी दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। छोटी मछली के रूप में अवतरित भगवान ने प्रलय काल में मनु की नाव को खींचकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और जल प्रलय से संसार को बचाया। साथ ही वेदों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा पर जप, तप, दान और गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक प्राप्त होता है।
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