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अब आप ही खोलें मिलावटखोरों की पोल
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 27 Aug 2015 02:50 AM IST
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मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग आठ माह से अभियान चला रहा है। इसके बाद भी मिलावट का सिलसिला थमा नहीं, बल्कि बड़े-बड़े मामले सामने आ रहे हैं। मोटा मुनाफा कमाने के लिए कुछ लोग हानिकारक पदार्थों से बने खाद्य पदार्थ बाजार में बेच रहे हैं। यह तभी रुकेगी जब आप भी जागरूक होंगे। गली-मोहल्लों में चल रही अवैध फूड प्रोडक्ट फर्मों का पर्दाफाश करने में विभाग का सहयोग करेंगे।
अमर उजाला के स्वस्थ मेरठ अभियान से जुड़कर आप भी मिलावटखोरों की पोल खोल सकते हैं। इसके तहत आपके आसपास या कहीं कोई व्यक्ति घटिया या मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचता है तो आप सीधे अमर उजाला को जानकारी दे सकते हैं। आपका नाम गोपनीय रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग को सूचना उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मिलावटखोर के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
गौरतलब है कि, मंगलवार को प्रीत विहार में अवैध तरीके से संचालित एक सॉस बनाने की फर्म में छापा मारा था। यहां खुलासा हुआ कि खतरनाक केमिकल और स्टार्च मिलाकर वेजिटेबल सॉस बनाया जा रहा है। ये पदार्थ फूड सेफ्टी एक्ट में प्रतिबंधित किए गए हैं। ऐसा सॉस खाने के बाद व्यक्ति का बीमार होना तय है।
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इससे पहले गढ़ रोड पर भी सॉस बनाने की एक नकली फर्म पकड़ी गई थी। वहां सड़े आलू को पकाकर उसमें केमिकल डाला जाता था और फिर उससे बने सॉस को बाजार में बेचा जा रहा था। खास बात यह है कि इस तरह के सॉस या अन्य मिलावटी सामान की खपत बाजार में ज्यादा है, क्योंकि अधिकांश ठेले वाले घटिया क्वालिटी के खाद्य पदार्थों का ही इस्तेमाल करते हैं।
इन चीजों में ज्यादा मिलावट
बाजार में सबसे ज्यादा मिलावट दूध और इससे बने प्रोडक्ट्स, मसाले, दाल, चॉकलेट, सॉस और नमकीन आदि में होती है। इनका लगातार सेवन करने से किडनी तक खराब होने का खतरा रहता है। शहर में काफी जगहों पर मिलावट की जा रही है, जिसे रोकने के लिए आपका आगे आना जरूरी है।
ऐसे दे मिलावटखोर की जानकारी
स्वस्थ मेरठ अभियान के तहत आप हमारी ईमेल आईडी द्वह्म्ह्ल-ष्द्बह्ल4ह्म्द्गश्चशह्म्ह्लद्गह्म्ञ्चद्वह्म्ह्ल.ड्डद्वड्डह्म्ह्वद्भड्डद्यड्ड.ष्शद्व पर मेल के जरिए सूचनाएं भेज सकते हैं। ईमेल भेजने वाले शख्स की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
वर्जन
शहर में मिलावट रोकने के लिए जनता का सहयोग जरूरी है। अमर उजाला के स्वस्थ मेरठ अभियान के जरिए मिलावटखोरों की जानकारी देने वालों का नाम गोपनीय रखते हुए हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। -जेपी सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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अमर उजाला के स्वस्थ मेरठ अभियान से जुड़कर आप भी मिलावटखोरों की पोल खोल सकते हैं। इसके तहत आपके आसपास या कहीं कोई व्यक्ति घटिया या मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचता है तो आप सीधे अमर उजाला को जानकारी दे सकते हैं। आपका नाम गोपनीय रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग को सूचना उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मिलावटखोर के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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गौरतलब है कि, मंगलवार को प्रीत विहार में अवैध तरीके से संचालित एक सॉस बनाने की फर्म में छापा मारा था। यहां खुलासा हुआ कि खतरनाक केमिकल और स्टार्च मिलाकर वेजिटेबल सॉस बनाया जा रहा है। ये पदार्थ फूड सेफ्टी एक्ट में प्रतिबंधित किए गए हैं। ऐसा सॉस खाने के बाद व्यक्ति का बीमार होना तय है।
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इससे पहले गढ़ रोड पर भी सॉस बनाने की एक नकली फर्म पकड़ी गई थी। वहां सड़े आलू को पकाकर उसमें केमिकल डाला जाता था और फिर उससे बने सॉस को बाजार में बेचा जा रहा था। खास बात यह है कि इस तरह के सॉस या अन्य मिलावटी सामान की खपत बाजार में ज्यादा है, क्योंकि अधिकांश ठेले वाले घटिया क्वालिटी के खाद्य पदार्थों का ही इस्तेमाल करते हैं।
इन चीजों में ज्यादा मिलावट
बाजार में सबसे ज्यादा मिलावट दूध और इससे बने प्रोडक्ट्स, मसाले, दाल, चॉकलेट, सॉस और नमकीन आदि में होती है। इनका लगातार सेवन करने से किडनी तक खराब होने का खतरा रहता है। शहर में काफी जगहों पर मिलावट की जा रही है, जिसे रोकने के लिए आपका आगे आना जरूरी है।
ऐसे दे मिलावटखोर की जानकारी
स्वस्थ मेरठ अभियान के तहत आप हमारी ईमेल आईडी द्वह्म्ह्ल-ष्द्बह्ल4ह्म्द्गश्चशह्म्ह्लद्गह्म्ञ्चद्वह्म्ह्ल.ड्डद्वड्डह्म्ह्वद्भड्डद्यड्ड.ष्शद्व पर मेल के जरिए सूचनाएं भेज सकते हैं। ईमेल भेजने वाले शख्स की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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शहर में मिलावट रोकने के लिए जनता का सहयोग जरूरी है। अमर उजाला के स्वस्थ मेरठ अभियान के जरिए मिलावटखोरों की जानकारी देने वालों का नाम गोपनीय रखते हुए हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। -जेपी सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी