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Meerut News: खुद हुए पवित्र और गंगा को कर गए मैला
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हस्तिनापुर। कार्तिक पूर्णिमा पर मखदूमपुर में गंगा स्नान के लिए आए श्रद्धालु घाट पर गंदगी और कचरा छोड़ गए। इससे साफ जाहिर है कि गंगा को निर्मल एवं साफ बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों का लोगों पर असर नहीं पड़ रहा है।
शुक्रवार को क्षेत्र के मखदूमपुर गंगा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। गंगा मेले में ऐसा पहली बार हुआ कि साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया। यहां तक कि जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गंगा को साफ स्वच्छ बनाए रखने के लिए विशेष दिशा निर्देश दिए थे। वहीं, वन विभाग की टीम भी लगातार मेले में स्नान करने आए श्रद्धालुओं को जागरूक कर गंगा को साफ स्वच्छ बनाने की अपील कर रही थी, परंतु इन अपीलों का श्रद्धालुओं पर कोई असर नहीं हुआ।
गंगा के घाट पर जितनी आस्था मोक्षदायिनी के प्रति श्रद्धालुओं की दिखाई दी, उससे कहीं ज्यादा उसके प्रति लापरवाही भी यहां पर देखी गई। इसका उदाहरण मेला समाप्त होने के बाद शनिवार को गंगा किनारे पर साफ नजर आया। पांच दिन तक कड़कड़ाती ठंड में सभी कामकाज छोड़कर मोक्ष पाने की कामना से गंगा किनारे पर डेरा डालकर रहे श्रद्धालुओं ने अपने आप को तो गंगा में स्नान कर पवित्र किया, परंतु मोक्षदायिनी के किनारे पर पॉलिथीन व अन्य कचरा छोड़ गए। श्रद्धालुओं की ऐसी लापरवाही को देखकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ गंगा में आस्था रखने वाले श्रद्धालु भी आहत हुए। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के बाद गंगा किनारों पर पड़े कचरे को साफ करने के लिए जिला पंचायत द्वारा शनिवार केा सफाई अभियान चलाया गया।
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बूढ़ी गंगा घाट पर चलेगा सफाई अभियान
प्राचीन हस्तिनापुर के बूढ़ी गंगा किनारे लगे तीन दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा मेले में अभी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। स्थानीय लोग अब मेला देखने के लिए परिवार के साथ यहां पहुंच रहे हैं। चेयरपर्सन सुधा खटीक ने बताया कि बूढ़ी गंगा घाट पर जो कचरा श्रद्धालुओं द्वारा डाला गया है, उसे नगर पंचायत द्वारा सफाई अभियान चलाकर हटवाया जाएगा।
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शुक्रवार को क्षेत्र के मखदूमपुर गंगा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। गंगा मेले में ऐसा पहली बार हुआ कि साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया। यहां तक कि जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गंगा को साफ स्वच्छ बनाए रखने के लिए विशेष दिशा निर्देश दिए थे। वहीं, वन विभाग की टीम भी लगातार मेले में स्नान करने आए श्रद्धालुओं को जागरूक कर गंगा को साफ स्वच्छ बनाने की अपील कर रही थी, परंतु इन अपीलों का श्रद्धालुओं पर कोई असर नहीं हुआ।
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गंगा के घाट पर जितनी आस्था मोक्षदायिनी के प्रति श्रद्धालुओं की दिखाई दी, उससे कहीं ज्यादा उसके प्रति लापरवाही भी यहां पर देखी गई। इसका उदाहरण मेला समाप्त होने के बाद शनिवार को गंगा किनारे पर साफ नजर आया। पांच दिन तक कड़कड़ाती ठंड में सभी कामकाज छोड़कर मोक्ष पाने की कामना से गंगा किनारे पर डेरा डालकर रहे श्रद्धालुओं ने अपने आप को तो गंगा में स्नान कर पवित्र किया, परंतु मोक्षदायिनी के किनारे पर पॉलिथीन व अन्य कचरा छोड़ गए। श्रद्धालुओं की ऐसी लापरवाही को देखकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ गंगा में आस्था रखने वाले श्रद्धालु भी आहत हुए। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के बाद गंगा किनारों पर पड़े कचरे को साफ करने के लिए जिला पंचायत द्वारा शनिवार केा सफाई अभियान चलाया गया।
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बूढ़ी गंगा घाट पर चलेगा सफाई अभियान
प्राचीन हस्तिनापुर के बूढ़ी गंगा किनारे लगे तीन दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा मेले में अभी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। स्थानीय लोग अब मेला देखने के लिए परिवार के साथ यहां पहुंच रहे हैं। चेयरपर्सन सुधा खटीक ने बताया कि बूढ़ी गंगा घाट पर जो कचरा श्रद्धालुओं द्वारा डाला गया है, उसे नगर पंचायत द्वारा सफाई अभियान चलाकर हटवाया जाएगा।